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प्रेम की प्रतिमूर्ति मां राधे रानी ने किस कारण पृथ्वी पर अवतार लिया ओर क्यों लिया – जानिए स्वामी गोपालानंद जी सरस्वती ने क्या बताया कारण ..!

🚩 राधाष्टमी के पुण्य अवसर पर एशिया के प्रथम गो अभयारण्य में मुख्य कार्यपालन अधिकारी  श्रीमती हरसिमरनप्रीत कौर ने राधाष्टमी पर गो अभयारण्य में गो पूजन किया 

जनमत जागरण @ सुसनेर आज का दिन दो युग पुरुषो एवं वृषभानु दुलारी मां राधारानी के जन्मोत्सव के रूप में जाना जाता है । पहला विश्व धर्म सम्मेलन, 11 से 27 सितंबर, 1893 तक अमेरिका के शिकागो में आयोजित किया गया था, इस सम्मेलन में स्वामी विवेकानंद ने भारत और हिंदू धर्म का प्रतिनिधित्व किया था. उन्होंने 11 सितंबर, 1893 को एक ऐतिहासिक भाषण दिया था. इस भाषण ने पश्चिमी देशों को भारतीय दर्शन, संस्कृति, और अध्यात्म का लोहा मनवा दिया था. स्वामी विवेकानंद ने अपने भाषण में प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा था,” “मेरे प्यारे भाई एवं बहनों!” एक व्यक्ति पूरी दुनियां को भाई बहन कह सकता है ऐसा केवल भारत में ही संभव है और सम्मेलन में भाग लेने वाले प्रतिनिधियों ने खड़े होकर स्वामी विवेकानंद जी का तालियों की गड़गड़ाहट से जोरदार अभिनंदन किया दूसरा आज जी के दिन समाज सुधारक विनोबा भावे का जन्म हुआ़ है, उनकी मां की प्रेरणा से उन्होंने भगवद्गीता के 18 अध्यायों पर व्याख्यान देकर अध्यात्मकता कि अलख जगाकर भारतीय वेदान्त का नया परिचय दिया ।

  • 🚩 स्वामीजी ने प्रेम की प्रतिमूर्ति मां राधे रानी के जन्मोत्सव पर बताया कि भक्तों की तपस्या के कारण भगवती ने पृथ्वी पर अवतार लिया है । श्राप एवं वरदान दोनो के सामूहिक कारणो से परमेश्वरी धरती पर प्रगट हुई है और जब राधे रानी जी गोलोक से धरती पर अवतरित होने से पूर्व भगवान विष्णु ने उन्हें बताया कि मैं द्वापर में कृष्ण के रूप में आऊंगा और आप गोप परिवार में पैदा होकर इस संसार में लाखों करोड़ों लोगों को भक्ति का मार्ग मिलेगा और आपके नाम के स्मरण मात्र से लोग भवसागर की नैया पार कर लेंगे । राधाष्टमी के अवसर पर गो अभयारण्य में हजारों गो भक्तो की उपस्तिथि में मां राधा रानी का जन्मोत्सव मनाया गया ।
⏩ राधाष्टमी के पुण्य अवसर पर एशिया के प्रथम गो अभयारण्य में श्रीमती हरसिमरनप्रीत कौर (आईएएस) मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत आगर ने गो अभयारण्य में भगवती गोमाता की पूजन कर गो अभयारण्य में विराजित भगवान मीरा माधव, कल्पगुरु दत्तात्रेय जी महाराज एवं करणी मैया के दर्शन कर अभयारण्य में विराजित सभी गोमाताओ के दर्शन कर बायोगैस के चारो संयंत्रों का निरीक्षण कर यहां सेवा कर रहें ग्वालों के साथ प्रसाद ग्रहण किया उनके साथ पवन स्वर्णकार,  जिला समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण, जिला पंचायत,मनोज शर्मा प्रभारी मनरेगा, पीयूष जायसवाल सहायक यंत्री एवं मन्नेलाल हटीला उपयंत्री उपस्थित रहें । 156 वे दिवस पर  अतिथि के रूप में दीप सिंह राठौर पिपलोन खुर्द एवं भेरू सिंह कल्याणपुरा(पिड़ावा)उपस्थित रहें । 
156 वें दिवस पर चुनरी यात्रा  राजस्थान एवं मध्यप्रदेश से ::   एक वर्षीय गोकृपा कथा के 156 वें दिवस पर चुनरी यात्रा राजस्थान के चुरू जिले के सांडवा बिदासर से सोहन लाल के परिवार व  नन्द लाल सुथार के माताजी श्रीमती चंदा देवी की और से एवं झालावाड जिले के भवानीमण्डी से श्री राठौर समाज की और से  समाज अध्यक्ष सत्यनारायण राठौर, भरतराम राठौर, मनोहर लाल  राठौर, बिरदीचन्द राठौर,, विष्णु राठौर, रामचन्द्र राठौर  ओर से व मध्यप्रदेश के मन्दसौर जिले की गरोठ तहसील के ढाकनी ग्राम से  सरपंच नारायण सिंह,, अर्जुन सिंह, करण सिंह, गोपाल सिंह,रामसिंह,मेहरबान सिंह,गोपाल सिंह,नेपाल सिंह, प्रताप सिंह, कृपाल सिंह, वैद्य रमेश व  राजगढ जिले की जीरापुर तहसील के जिरियाखेड़ी से पंच पटेल विष्णु प्रसाद, भेरू लाल, दुर्गा प्रसाद, राजाराम, सियाराम एवं सुरेश पाटीदार की और से व आगर जिले के सोयतकलां से कालेश्वर मन्दिर महिला मंडल की और से सैंकड़ों गो भक्तों एवं मातृशक्ति ने अपने देश, राज्य एवं ग्राम  के जन कल्याण के लिए गाजे बाजे के साथ भगवती गोमाता के लिए चुनरी लेकर पधारे और कथा मंच पर विराजित भगवती गोमाता को चुनरी ओढ़ाई एवं गोमाता का पूजन कर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज से आशीर्वाद लिया और अंत में सभी ने गो पूजन करके यज्ञशाला की परिक्रमा एवं गोष्ठ में गोसेवा करके सभी ने गोव्रती महाप्रसाद ग्रहण किया। 

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