यूं तो श्राद के लिए पुत्र चाहिए लेकिन बेटी गोसेविका निकल जाएं तो बिना श्राद्ध के ही पितृ तृप्त रहते है – स्वामी गोपालानंद सरस्वती

जनमत जागरण @ सुसनेर। आज दृढ़ता का दिवस है,राष्ट्र के लिए जिद करने का दिन है कहते है न कि अगर मन मजबूत कर लो तो सब संभव है और भारत के लोह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने यह क्रेज दिखाया है यानि भारत की तीन रियासते जम्मू कश्मीर, जूनागढ़ एवं हैदराबाद ये तीनों रियासतें भारत से अलग होना चाहते है लेकिन सरदार वल्लभ भाई पटेल ने अपनी सूझ बूझ के साथ इनको अलग होने से बचा लिया और आज ही के दिन 17 सितम्बर 1948 को हैदराबाद रियासत का भारत में विलय करवा दिया था अर्थात हैदराबाद भारत के पेट के कैंसर के रूप में होने वाला था उस कैंसर से बचा लिया और महाराज जी ने बताया कि अगर आजादी के समय सरदार वल्लभ भाई पटेल व सुभाष चन्द्र बोस भारत की अग्र पंक्ति में होते तो आज बांग्लादेश व पाकिस्तान धर्म के नाम पर अलग नहीं होते या होते तो पूर्ण रूप से होते । उक्त बातें एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के 162वे दिवस के अवसर पर श्रोताओं को सम्बोधित करते हुए स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज ने कही।
🚩 स्वामीजी ने बताया कि आज सृष्टि के रचियता ब्रह्मा जी के पुत्र व विघ्नहर्ता भगवान गणपति के श्वसुर भगवान विश्वकर्मा जी का जन्म दिवस भी है और विश्वकर्मा शब्द से ही प्रतीत होता है कि यह निर्माणकर्ता है और आज भारत के सभी शिल्पियों को बहुत बहुत शुभकामनाएं । स्वामीजी ने आगे बताया कि आज अनन्त चतुर्दशी का विशेष पर्व भी और आज भगवान विष्णु का नाग रूप में पूजन किया जाता है और गाय और नाग ने गहरा सम्बन्ध है और गायमाता अपने भक्तों पर कृपा करती है तो वह कुछ भी बनकर आ जाती है और अनन्त चतुर्दशी का पहला व्रत गोमाताओ ने महिला के रूप में किया था और आज के दिन विशेषरूप से बैलगाड़ी जिसे वस्तुत धर्मगाड़ी के रूप में भी जाना जाता है उसकी पूजा करने का भी दिन है।

🚩 स्वामीजी ने बताया कि अगर किसी मां की कोख से परम चरित्रवान कन्या जन्म ले ये उस मां के लिए बहुत सौभाग्य का विषय होगा । हालांकि हमारे धर्म ग्रंथों में ये कहा गया है कि पुत्र ही पिता का श्राद्ध कर्म कर सकता है लेकिन भविष्य पुराण ने ऐसा वर्णन आता है अगर कन्या भी गो सेविका है तो उसकी गो सेवा से ही पित्रों की तृप्ति को तृप्ति मिल जाती है यानि यूं तो श्राद के लिए पुत्र चाहिए लेकिन बेटी गो सेविका निकल जाएं तो बिना श्राद्ध के ही पितृ तृप्त रहते है । गो कृपा के बाद पूज्य महाराज जी ने श्रोताओं के साथ भगवान गणपति जी का आराधना सरोवर में स्नान करवाया।
गो कृपा कथा के 162 वें दिवस पर दैनिक भास्कर के पत्रकार मिथलेश टेलर रायपुर(झालावाड़) का गोबर पीठ से पूज्य महाराज जी ने गोमाता की छवि देकर आशीर्वाद दिया ।
⏩ अतिथि:: श्रीगोधाम महातीर्थ पथमेड़ा के न्यासी इन्दौर निवासी राघवेन्द्र शर्मा की पुत्र वधु एवं एकाग्र शर्मा की अर्धाग्नि श्रीमती नेहा शर्मा अनन्त चतुर्दशी के पुण्य पर्व पर श्रीगोधाम महातीर्थ पथमेड़ा की आजीवन न्यासी बनी और वेद प्रकाश पुरोहित आगर,शंकर लाल व्यास दाग,नारायण सिंह, करण सिंह कोली खेड़ा एवं सीताराम गायरी आदि अतिथि उपस्थित रहें ।

🚩 162 वे दिवस पर चुनरी यात्रा राजस्थान के झालावाड़ जिले से :: एक वर्षीय गोकृपा कथा के 162वें दिवस पर राजस्थान के झालावाड़ जिले की सुनेल तहसील के बोलिया बुजुर्ग से गोपाल सिंह, सोनगरा,लक्ष्मीनारायण पाटीदार, ईश्वर पाटीदार, रामचन्द्र पाटीदार,मांगी लाल पाटीदार,, चेनराम पाटीदार,कालू मेम्बर बसंती पटेल,बालाराम पाटीदार एवं उदय सिंह सोनगरा सहित सैंकड़ों मातृशक्ति एवं युवाओं ने अपने देश, राज्य एवं ग्राम, नगर के जन कल्याण के लिए गाजे बाजे के साथ भगवती गोमाता के लिए चुनरी लेकर पधारे और कथा मंच पर विराजित भगवती गोमाता को चुनरी ओढ़ाई एवं गोमाता का पूजन कर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज से आशीर्वाद लिया और अंत में सभी ने गो पूजन करके यज्ञशाला की परिक्रमा एवं गोष्ठ में गोसेवा करके सभी ने गोव्रती महाप्रसाद ग्रहण किया।



