MP हादसा: नहीं आई दया.. सोयत-पचोर स्टेट हाइवे पर सड़क हादसे में गंभीर घायल युवक तडफता रहा आखिर हो गई मौत…

जनमत जागरण @ सोयतकलां :: मंगलवार को सोयतकलां-भोपाल मार्ग पर कालीसिंध नदी के पास भीषण सड़क हादसा हुआ । हादसे में एक युवक की मौत हो गई। प्राप्त जानकारी अनुसार मंगलवार शाम चार बजे के लगभग सोयतकलां माचलपुर मार्ग पर कालीसिंध पुलिया के समीप एक अज्ञात वाहन ने मोटरसाइकिल को भीषण टक्कर मारी दी । जिसमें बाईक सवार विष्णु पिता मोहनलाल कारपेंटर उम्र लगभग 40 वर्ष हाल मुकाम सोयतकलां निवासी सेमल खेड़ी थाना नलखेड़ा की मौत हो गई। पुलिस ने अज्ञात वाहन के खिलाफ मामला दर्ज किया। थाना प्रभारी यशवंत राव गायकवाड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि सोयत माचलपुर मार्ग पर दुर्घटना घटित हुई है जिसमें एक युवक की मौत हो गई है । सोयत थाने से सब इस्पेक्टर सुमेर सिंह मीणा ने मृतक के शव का पंचनामा बनाया । डॉक्टर मुकेश जाट ने पीएम किया । पुलिस ने शव परिजनों के सुपुर्द किया।

सड़क दुर्घटना है तो रोज होती है लेकिन आज जो दुर्घटना हुई बड़ी दुखद घटना थी क्योंकि दुर्घटना में एक युवक तड़पता रहा वाहन चालक और राहगीर देखकर निकलते रहे 1 घंटे तक गंभीर घायल युवक तड़पता रहा तड़प तड़प कर उसकी मौत हो गई । लेकिन राहगीरों ने या किसी भी वाहन चालक ने अपनी संवेदना नहीं दिखाई।
🖋️घायल को तड़पते हुवे..मरता हुआ.. देखता रहा इंसान ।
इतनी संवेदना शून्य कैसे हो गई इंसान की ...!
◾खाकी हुई शर्मसार..एंबुलेंस नहीं पहुंची समय पर.. हमने यह सब बातें अक्सर सुनने को मिलती है आज की घटना के लिए एक नयी बात बताता हूं संवेदना विहीन लोगों की...आज का इंसान इंसानियत भूलता जा रहा हैं । पता नहीं लोग किसी को सड़क हादसे में तड़पते हुए, मरते हुए कैसे देख लेते हैं। इंसानियत बड़ा रिश्ता है। पैसा उतना महत्व नहीं रखता। किसी की जान बचेगी तो उसका परिवार बचेगा। आमजन को यह समझना चाहिए। एक्सीडेंट होने के बावजूद किसी को तड़पता देखने की बजाय उसकी मदद करनी चाहिए। घायल को अस्पताल ही तो भिजवाना होता है। फिर भी लोग दूरी बना कर वाहन रोककर वीडियो बना कर चल देता है तो कोई अनदेखी कर निकल जाते हैं। यह बेहद शर्मनाक बात हैं। आज दुर्घटना में गंभीर घायल युवक विष्णु कारपेंटर का खून अत्यधिक बह चुका था वह सड़क पर एक घंटे तक तड़पता रहा अगर वह समय पर अस्पताल पहुंच जाता तो उसकी जान बच सकती थी । तड़पने वाला भी किसी का भाई, किसी का बेटा, किसी का पति तो है परंतु उसके साथ हमारा इंसानियत का रिश्ता जरूर है हमें यह विचार करना चाहिए । वीडियो बनाने से, तड़पते हुए को देखकर निकालने से, किसी का भला नहीं हो सकता। अभी हमारा समाज इतना संवेदनशील नहीं हुआ है कि हम किसी तड़पते हुए को देखकर निकाल जाएं । विचार करें.. चिंतन करें.. मैं सबसे हाथ जोडकर अपील करता हूं कि ऐसे मौके पर किसी की जान बचाएं।



