सकारात्मक शक्ति को ग्रहण करने का अवसर है नवरात्रि के नो दिन – स्वामी गोपालानंद सरस्वती

जनमत जागरण @ सुसनेर। शक्ति उपासना के प्रथम दिवस पर बताया कि 1857 कि क्रान्ति का बिगुल बजाने वाले ठाकुर केशरी सिंह बारहट ने देश नोक जाकर मां जगदम्बा से प्रार्थना की थी कि है मां हमारी भुजाओं में इतनी शक्ति भर दे की हम भारत मां की बेड़ियों को तोड़ सके और उसी शक्ति के प्रतीक के रूप में आज ही के दिन श्यामजी कृष्ण वर्मा जिन्होंने गोपालकृष्ण गोखले, बाल गंगाधर तिलक, पंडित मदनमोहन मालवीय, महात्मा गांधी को भारत की स्वतंत्रा के लिये उत्पे्ररित किया।
श्यामजी कृष्ण वर्मा जिन्होंने मदनलाल धींगरा, शचीन्द्र सान्याल, वीर दामोदर सावरकर जैसे महान स्वतंत्रा सेनानियों को ब्रिटेन की जमीं पर तैयार किया और अपने जीवन में संकल्प किया कि अगर मैं मर भी जाऊ तो मेरा शव आज़ाद भारत में आएं और उसी अनुरूप वर्तमान भारत के प्रधानमंत्री 2013 में जब वे गुजरात के प्रधानमंत्री थे तब उनकी हस्थियां जिनोवा से भारत लाएं ऐसे वीर पुरुष को शत् शत् वंदन नमन । उक्त बातें एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के 179 वें दिवस के अवसर पर श्रोताओं को सम्बोधित करते हुए स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज कही।
स्वामीजी ने बताया कि जिस शक्ति के रूप में शक्ति स्वरूपा भगवती गोमाता का धरती पर प्रकटीकरण हुआ वह आदिशक्ति जगदम्बा का स्वरूप ही गोमाता है । जब जब भी भगवान देह धारण कर लोगों के दुःख दूर करने के लिए प्रकट होते है तो उनमें एक शक्ति होती है और वह शक्ति गोमाता ही है अर्थात गोमाता सीधा सीधा शक्ति का अवतार ही है ।
🚩स्वामीजी ने कहां कि सृष्टि चले यह महत्त्वपूर्ण नहीं है बल्कि सृष्टि आनन्द से चले यह महत्त्वपूर्ण है और उसके लिए सकारात्मक शक्ति की आवश्यकता है और नवरात्रि सकारात्मक शक्ति को ग्रहण करने का अवसर है । और गो से प्राप्त शक्ति से ही व्यक्ति धर्म,अर्थ, काम एवं मोक्ष पाता है और उस प्राप्त शक्ति से ही मां सुरभि ने अन्य गायमाताओं को प्रकट किया है और अब जितनी भी गोमाता पृथ्वी पर है वह सब शक्ति स्वरूपा है क्योंकि ब्रह्मशक्ति के माध्यम से धेनु शक्ति प्रकट हुई है । इसलिए धेनु शरणं गच्छामि यही एक मूल मंत्र शक्ति उपासना के लिए है तो आईए शक्ति आराधना के नो दिन हम भगवती गोमाता निष्काम भाव से सेवा कर हम हमारे ईह एवं परलोक को सुधारे।

⏩ नवरात्रि के द्वितीय दिवस पर वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की भूमि मेवाड़ से आए शिल्पी रमेश पालीवाल एवं गोविंद व्यास जो विश्व के प्रथम गो अभयारण्य में बन रहें गोपालेश्वर् महादेव मन्दिर के शिल्पीकार है उनका गोमाता की छवि एवं ऊपरना ओढ़ाकर सम्मानित किया गया ।
- ⏩ अतिथि:: श्रीगोधाम महातीर्थ पथमेड़ा के न्यासी माधव किशोर चतुर्वेदी, राठौर समाज झालरा पाटन के उपाध्यक्ष अनिल राठौर, एवं मीडिया प्रभारी ललित राठौर व महेश राठौर,, जितेन्द्र राठौर,दिलीप राठौर, विमल गायरी नलखेड़ा झारड़ा महिदपुर आदि अतिथि उपस्थित रहें ।

⏩ 179 वे दिवस पर चुनरी यात्रा मधयप्रदेश के देवास जिले से :: एक वर्षीय गोकृपा कथा के 179 वें दिवस पर मधयप्रदेश के देवास जिले की सोनकच्छ तहसील के जामगोद से श्रीमती आभा तिवारी-जगदीश प्रसाद तिवारी के परिवार की ओर से देश, राज्य एवं ग्राम, नगर के जन कल्याण के लिए गाजे बाजे के साथ भगवती गोमाता के लिए चुनरी लेकर पधारे और कथा मंच पर विराजित भगवती गोमाता को चुनरी ओढ़ाई एवं गोमाता का पूजन कर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज से आशीर्वाद लिया और अंत में सभी ने गो पूजन करके यज्ञशाला की परिक्रमा एवं गोष्ठ में गोसेवा करके सभी ने गोव्रती महाप्रसाद ग्रहण किया।



