
जनमत जागरण @कोटा से गोविंद मोदी की रिपोर्ट : करवा चौथ के पावन अवसर पर Teachers Colony स्थित चौथ माता मंदिर में श्रद्धालुओं का भारी जमावड़ा देखा गया। विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और समृद्धि की कामना के लिए मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना करने पहुंचीं। मंदिर की भव्यता और सजावट ने माहौल को और भी भक्तिमय बना दिया, जहाँ श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था।
सुबह से ही महिलाओं की लंबी कतारें मंदिर के बाहर लगी रहीं। सजी-धजी महिलाएं परंपरागत परिधानों में सुसज्जित होकर मंदिर में पहुंचीं। हर महिला के हाथों में पूजा की थाल और करवा नजर आ रहा था, जो करवा चौथ के इस पर्व का प्रमुख हिस्सा होता है।

मंदिर परिसर में विभिन्न दुकानों का लगा मेला:
पूजा सामग्री, चूड़ियां, सिंदूर, और अन्य आवश्यक वस्तुओं की दुकानों ने मंदिर के चारों ओर मेला जैसा दृश्य प्रस्तुत किया। इसके अलावा, मिठाई की दुकानों पर भी महिलाओं की भारी भीड़ देखी गई, जहाँ करवा चौथ के लिए विशेष मिठाइयाँ खरीदी गईं।

🚩 पूजा और अनुष्ठान: चौथ माता मंदिर के आंगन में महिलाएं एकत्रित होकर करवा चौथ व्रत कथा सुनती नजर आईं। इस कथा के माध्यम से उन्होंने अपने व्रत को विधिवत पूरा किया। पुजारी ने मंत्रोच्चारण और धार्मिक अनुष्ठान करवाए, जिसके बाद महिलाएं मंदिर में माता के दर्शन कर आशीर्वाद लेने के लिए पंक्तिबद्ध हो गईं।
🚩 उत्सव का महत्त्व : करवा चौथ का त्यौहार उत्तर भारत में विशेष महत्त्व रखता है। इस दिन महिलाएं सूर्योदय से चंद्रोदय तक उपवास रखती हैं और चंद्र दर्शन के बाद ही अपना व्रत तोड़ती हैं। यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि इसे वैवाहिक जीवन के प्रति प्रेम और समर्पण के रूप में भी मनाया जाता है । चौथ माता मंदिर में करवा चौथ का यह आयोजन पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। महिलाओं का भारी जमावड़ा, मंदिर की भव्यता और पारंपरिक पूजा विधि ने इस पर्व को यादगार बना दिया। पूरे कोटा शहर में करवा चौथ की धूम रही, लेकिन Teachers Colony स्थित चौथ माता मंदिर में विशेष तौर पर भक्ति और उल्लास का अनोखा संगम देखने को मिला।



