“झाड़ियों में मिली अधजली लाश का रहस्य सुलझा: ड्राइवर और साथी निकले कातिल”

आगर मालवा: 48 घंटे में पुलिस ने सुलझाया जघन्य हत्या का मामला, दोनों आरोपियों को दबोचा
जनमत जागरण @आगर/ कानड़ :: आगर मालवा के कानड़ क्षेत्र में 16 नवंबर 2024 को झाड़ियों में अधजली हालत में मिली नलखेड़ा के व्यापारी सुबोध जैन की लाश ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 48 घंटों के भीतर हत्या का रहस्य सुलझा लिया और हत्या के आरोपी व्यापारी के ड्राइवर मनोज बैरागी और उसके साथी शाहिद उर्फ छोटू को गिरफ्तार कर लिया। आपको बता दें कि थाना क्षेत्र के शाजापुर मार्ग पर गाँव घोंसली के पास झाड़ियों में शनिवार को एक अधजला शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (एसपी) विनोद कुमार सिंह ने घटना स्थल का दौरा कर त्वरित जांच के निर्देश दिए।

⏩ हत्या का खुलासा :: पुलिस ने महज 6 दिनों में इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश कर दिया। मृतक के ड्राइवर मनोज बैरागी (25) और उसके साथी साहिद उर्फ छोटू (19) को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में दोनों ने व्यापारी की हत्या कर शव को जलाने की साजिश कबूल की। हत्या का कारण पैसों का लालच बताया गया।
⏩ पुलिस को मिली बड़ी सफलता :: आरोपियों से बरामद सामान: ₹5,05,000 नगद, ₹8 लाख के सोने के आभूषण , मृतक की स्विफ्ट कार (MP-09-WE-3382) , हत्या में प्रयुक्त हथियार
⏩ पुलिस की सटीक कार्रवाई :: पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालने और मुखबिरों की सूचनाओं के आधार पर दोनों आरोपियों को दबोच लिया। गहन पूछताछ में उन्होंने अपराध को अंजाम देने की योजना का खुलासा किया।
⏩ टीम की सराहना : जांच में कानड़ थाना प्रभारी लक्ष्मण सिंह देवड़ा और उनकी टीम ने उल्लेखनीय भूमिका निभाई। एसपी विनोद कुमार सिंह ने उनकी तत्परता की सराहना करते हुए 10,000 रुपये का इनाम घोषित किया। कानड़ पुलिस की कुशलता और सटीक रणनीति के चलते एक जघन्य हत्याकांड का खुलासा 6 दिनों के भीतर हो गया। आरोपी अब पुलिस रिमांड पर हैं, और मामले की गहन जांच जारी है।
⏩ इस टीम की रही अहम भूमिका :: पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार सिंह ने प्रेस वार्ता में बताया कि यह हत्या साजिशन की गई थी। आरोपियों ने व्यापारी को विश्वास में लेकर घटना को अंजाम दिया। मामले की जांच में कानड़ थाना प्रभारी लक्ष्मण सिंह देवड़ा और उनकी टीम की अहम भूमिका रही।

सराहनीय भूमिका:--कानड़ थाना प्रभारी लक्ष्मणसिंह देवडा, निरीक्षक नागेश यादव, उपनिरीक्षक कैलाशचन्द्र सोनानिया, उनि अंतरसिंह कटारिया, सउनि जितेन्द्र झा, प्र.आ ललित सारस्वत, प्र.आर. सुब्रतो शर्मा, विरेन्द्र राठौड, शैलेन्द्र, प्र.आर. मुकेश पंवार, संतोष चावडा, हेमन्त शर्मा, दुलीचन्द गवली, मुकेश डाबी, कृष्णा,आरक्षक शिवम यादव, विश्वनाथसिंह झाला, महेन्द्रसिंह राजावत, रामचन्द्र दांगी, दीपक सिसौदिया, विजय दांगी, लखन कुमार जामलिया, राधेश्याम रांगोठा, धर्मेन्द्र राजपूत की सराहनीय भूमिका रही।



