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धर्म की रक्षा-हिंदू समाज एकजुट : बांग्लादेश के हिंदुओ के समर्थन में उतरा जनसैलाब, रैली निकालकर केंद्र सरकार से की हस्तक्षेप की मांग

◾बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार के खिलाफ जनआक्रोश, हजारों की रैली से सरकार को चेतावनी ◾पुरानी कृषि उपज मंडी में हुआ सर्व हिन्दू समाज का एकत्रीकरण, जनआक्रोश रैली निकालकर प्रशासन को सौपा ज्ञापन

जनमत जागरण @ आगर /सुसनेर:: बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार और उनके धार्मिक अधिकारों के दमन के खिलाफ बुधवार को आगर में सर्व हिंदू समाज ने एक ऐतिहासिक जनआक्रोश रैली का आयोजन किया। हजारों की संख्या में लोगों ने पुरानी कृषि उपज मंडी से रैली शुरू की, जो शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए छावनी झंडा चौक पर पहुंची। इस मौके पर हिंदू समाज ने केंद्र सरकार से बांग्लादेश सरकार पर कड़े दबाव डालने और अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस मुद्दे को उठाने की पुरजोर मांग की। दोपहर 1 बजे पुरानी कृषि उपज मंडी में सर्व हिन्दू समाज का एकत्रीकरण रखा गया। यहा पर आगर जिले के सुसनेर, बडौद, नलखेड़ा, सोयत, कानड, तनोडिया आदि जगहों से हजारों की संख्या में सर्व हिन्दू समाज के लोग नारे लिखी हुई तख्तियां लिए शामिल हुए।

हिंदू समाज का सामूहिक आह्वान :: रैली के पहले, पुरानी कृषि उपज मंडी में सर्व हिंदू समाज का विशाल एकत्रीकरण हुआ। इस दौरान वक्ताओं ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रही हिंसा, लूटपाट, हत्या, और महिलाओं पर अत्याचार की कड़ी निंदा की। इस मौके पर मुख्य अतिथि राष्ट्रीय संत परमपूज्य गोपाल कृष्ण जी, मुख्य वक्ता के रूप में वित्त समिति संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के सदस्य विभाष उपाध्याय, विशेष अतिथि के रूप में विहिप दुर्गवाहिनी की राष्ट्रीय संयोजिका पिंकी पंवार, भारतीय किसान के मालवा प्रांत मंत्री रमेश दांगी व कार्यक्रम के संयोजक व विभाग सामाजिक समरसता संयोजक सुंदर शर्मा आदि ने मंचासीन रहे। सभी ने सम्बोधित करते हुए कहा कि सनातन धर्म वसुदेव कुटुंबकम के सिद्धांतों के साथ संपूर्ण मानवता के कल्याण की बात करता है। परंतु जिहादी हमारी सर्वे भवंतु सुखिन के सिद्धांत को हमारी कायरता समझ कर अत्याचार कर रहे हैं। अब समय आ गया है कि देश धर्म की रक्षा के लिए हिंदू समाज एकजुट होकर प्रयास करें। कार्यक्रम का संचालन भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष रामनारायण तेजरा ने किया।

मुख्य वक्ता विभाष उपाध्याय (वित्त समिति, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार) ने कहा, “सनातन धर्म हमेशा मानवता और शांति का संदेश देता है, लेकिन कट्टरपंथी हमारी सहिष्णुता को कमजोरी समझकर अत्याचार कर रहे हैं। अब समय आ गया है कि हिंदू समाज एकजुट होकर इन दुर्व्यवहारों के खिलाफ आवाज उठाए।”

विशेष अतिथि पिंकी पंवार (विहिप दुर्गवाहिनी की राष्ट्रीय संयोजिका) ने कहा कि यह केवल धार्मिक मुद्दा नहीं बल्कि मानवाधिकार का गंभीर उल्लंघन है। “बांग्लादेश के हिंदू मंदिरों और साधु-संतों को निशाना बनाया जा रहा है, जो अत्यंत निंदनीय है,” उन्होंने कहा।⏩ अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की मांग :: वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रही हिंसा को रोकने के लिए भारत सरकार को कड़े कदम उठाने चाहिए। संत गोपाल कृष्ण जी महाराज ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, “यह समय हिंदू समाज को जागरूक और संगठित होने का है। हमें धर्म की रक्षा के लिए संगठित प्रयास करने होंगे।”सभा में सभी ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन अपर कलेक्टर आर.पी. वर्मा को सौंपा, जिसमें बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा के लिए ठोस कार्रवाई की मांग की गई।

पूरे नगर में दिखा बंद का असर :: सर्व व्यापारी संघ के आह्वान पर बुधवार को नगर के सभी व्यापारी प्रतिष्ठान बंद रहे। व्यापारियों ने भी इस रैली में भाग लेकर अपना समर्थन व्यक्त किया।

हिन्दू मन्दिरो व साधु संतों को भी बना रहे निशाना :: बांग्लादेश में हिन्दू मंदिरों को गिराया जा रहा है, उसके साथ ही साधु संतों के साथ मारपीट की जा रही है। जिससे वहां रह रहे हिंदू परिवार डरे हुए हैं। ऐसे में बांग्लादेश में हो रही हिंदुओं व अल्पसंख्यकों पर अत्याचार की घटनाओं को रोकने के लिए भारत सरकार से बांग्लादेश सरकार पर दबाव बनाने के लिए कड़े कदम उठाने की अपील की गई।

अत्याचार के खिलाफ न्याय की मांग :: रैली में शामिल लोगों ने बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों की निष्पक्ष जांच और दोषियों को सख्त सजा देने की मांग की। साथ ही बांग्लादेश सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की आवश्यकता पर जोर दिया।

समाज की एकजुटता का परिचय :: इस ऐतिहासिक रैली में मातृशक्ति, युवा, और साधु-संतों सहित हजारों लोग शामिल हुए, जिन्होंने हाथों में नारे लिखी तख्तियां लेकर समाज की एकजुटता और धर्म की रक्षा का आह्वान किया।

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