“गोकथा: एक नई दिशा” — “क्या है गो कथा का गूढ़ रहस्य..? स्वामी गोपालानंद सरस्वती ने किया खुलासा”

🟠“ग्रह-नक्षत्रों की शांति का अद्वितीय समाधान: गोमाता” – 🟠 “गो कथा: सारे ग्रंथों का सार” – स्वामी गोपालानंद सरस्वती
जनमत जागरण @ सुसनेर :: मध्यप्रदेश के सुसनेर में श्री कामधेनु गो अभयारण्य, मालवा में आयोजित एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के 241वें दिवस पर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज ने गोमाता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि गो कथा, वेद, उपनिषद और पुराणों का सार है। इसे सुनने और सुनाने से व्यक्ति जीवन में आनंद और परमात्मा की प्राप्ति कर सकता है। गो कथा कहने के लिए व्यासपीठ नहीं, बल्कि गोबर पीठ की आवश्यकता है।
⏩ “विश्व मृदा दिवस: गोमाता है मृदा की जीवनदाता” – स्वामीजी ने विश्व मृदा दिवस के अवसर पर कहा कि आज की मिट्टी, प्रदूषण और रासायनिक खाद के कारण मृत हो चुकी है। गोमाता के गोबर और गोमूत्र का उपयोग मिट्टी की उर्वरकता को पुनर्जीवित कर सकता है। उन्होंने बताया कि गोमाता की सेवा न केवल मिट्टी को उपजाऊ बनाती है, बल्कि व्यक्ति को व्यसनों से मुक्त करने की शक्ति भी रखती है।

⏩ “गौसेवा से व्यसनमुक्ति की ओर” –गौमाता का दूध और पंचगव्य (गोबर, गोमूत्र, दूध, दही और घी) का सेवन व्यसनों से मुक्ति दिलाने का मार्ग है। स्वामीजी ने कहा कि गाय का संग करना व्यक्ति को नई ऊर्जा और सकारात्मकता प्रदान करता है। यह पूरी पृथ्वी को व्यसनमुक्त करने की क्षमता रखता है।
⏩ “ग्रह-नक्षत्रों की शांति का अद्वितीय समाधान: गोमाता” – स्वामी गोपालानंद ने बताया कि गोमाता के कंधों में 27 नक्षत्रों का निवास है, जो सभी ग्रह-नक्षत्रों के प्रभाव को समाप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि गोमाता की पूजा से 33 कोटि देवताओं की पूजा का फल मिलता है। हर पूजा में गणेश पूजन के बाद गौपूजन करना अनिवार्य बताया गया।
⏩ “चुनरी यात्रा: राजस्थान से आई गो भक्ति की मिसाल” :: गोकृपा कथा के 241वें दिवस पर राजस्थान के राजसमंद जिले के भामाखेड़ा से श्री बालाजी ग्रुप महिला मंडल के साथ सरपंच श्रीमती संतोष बाई प्रजापत चुनरी लेकर पधारे। भगवती गोमाता को चुनरी ओढ़ाकर उन्होंने गो पूजन किया और स्वामीजी से आशीर्वाद प्राप्त किया।
⏩ “शुभ विवाह में गोमाता की आशीर्वाद छवि” :: आगर जिले के प्रभारी मंत्री नागर सिंह, गो अभयारण्य प्रबंधक शिवराज शर्मा और अन्य विशिष्ट अतिथियों ने विधायक मधु गहलोत के पुत्र के विवाह में गोमाता की छवि भेंट कर आशीर्वाद दिया। इस मंगल अवसर पर गौ पूजन का आयोजन हुआ।
⏩ “गौमाता: समस्याओं का समाधान” – स्वामीजी ने कहा कि गोमाता सभी समस्याओं का समाधान है। उन्होंने बताया कि गौमाता की सेवा और पूजा से न केवल व्यक्तिगत समस्याएं सुलझती हैं, बल्कि समाज और प्रकृति को भी नई ऊर्जा मिलती है।

⏩ “गोकथा: एक नई दिशा” – गोकथा सुनना और सुनाना आत्मशुद्धि का मार्ग है। स्वामीजी ने कहा कि यह केवल कथा नहीं, बल्कि आत्मा को आनंद और शांति प्रदान करने का अद्वितीय साधन है। इस पवित्र आयोजन में सैकड़ों भक्तों ने भाग लिया और गो सेवा के माध्यम से आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया।



