अलौकिक कामधेनु गो अभ्यारणआगर मालवादेशमध्यप्रदेश

“गो रक्षा से बचेगा मानव जीवन: महामहोत्सव में स्वामी गोपालानंद का संदेश” 👉”सड़कों पर तेज रफ्तार नहीं, गोवंश की सुरक्षा चाहिए: स्वामीजी का आह्वान”

⏩ “आजादी के लिए संघर्ष करने वाले देश में गौहत्या का कलंक क्यों? – स्वामी गोपालानंद”

जनमत जागरण @ सुसनेर। जनपद पंचायत सुसनेर के समीप श्री कामधेनु गो अभयारण्य में चल रहे “वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव” के 263वें दिन स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज ने अंतरराष्ट्रीय महामारी तैयारी दिवस पर कहा कि प्रकृति से सामंजस्य और गौमाता की सेवा महामारी से बचाव का मार्ग है। उन्होंने भारतीय सैनिक अल्बर्ट एक्का के बलिदान को याद करते हुए गोमाता की शरणागति को मानवता की रक्षा का आधार बताया ।

⏩ स्वामीजी ने बताया कि आज सड़के बनने से ही हम देश का विकास मान बैठे है,जबकि सर्व भूमि गोपाल की है और सरकार इस पर सड़क बना रही है,तो गो की रक्षा के लिए नीति निर्धारित करना भी सरकार का काम है,एक गोमाता के प्राण जाने का अपराध शासक एवं वाहन चलाने वाले दोनों पर लगता है इसलिए सड़क पर तेजगति वाहन चलाने से सड़क पर हुई गोवंश की हत्या के लिए सरकार को कड़ा कानून बनाकर उन्हें कठोर सजा देने का प्रावधान होना चाहिए।

“सड़कों पर तेज रफ्तार नहीं, गोवंश की सुरक्षा चाहिए: स्वामी गोपालानंद का आह्वान” :: स्वामीजी ने आगे बताया कि अगर हमें गो हत्या के पाप से बचना है तो जब तक भारत में गौहत्या का कानून नहीं बन जाएं तब तक हमें वोटो का बहिष्कार करना होगा अर्थात जब तक भारत भूमि से गौहत्या का कलंक नहीं मिट जाता या इसके लिए कटिबद्ध होकर कोई भी सरकार ईमानदारी से प्रयत्न नहीं करती तब तक हम किसी को वोट नहीं देंगे ऐसा दृढ़ संकल्प हमे लेना होगा क्योंकि आजादी लड़ाई के लिए 1857 की क्रांति में जो बिगुल बजा था वह मेरे देश में गौहत्या पर रोक लगे उसकी के लिए हुआ था और सरदार वल्लभभाई पटेल की आत्मा अन्तिम समय तक यही कह के गई कि ये विदेशों में कपड़े धुलाने वालो जरा गायमाता की हत्या पर तो प्रतिबंध लगा दीजिए यह कहकर गई थी लेकिन न उनसे कुछ हुआ न इनसे कुछ हुआ ।

⏩ आंग्ल वर्ष 2024 की विदाई एवं 2025 की पूर्व संध्या 31 दिसम्बर 2024 मंगलवार को विश्व के प्रथम गो अभयारण्य में भगवान श्री कृष्ण की नृत्य नाट्य लीलाओ एवं भजन संध्या का आयोजन होगा ।

⏩263 वे दिवस पर चुनरी यात्रा मध्यप्रदेश के आगर मालवा से :: एक वर्षीय गोकृपा कथा के 263 वें दिवस पर चुनरी यात्रा भारत विकास परिषद् आगर मालवा के प्रांतीय सदस्य राजेश कुमार में के परिवार की और उनके पिताश्री बृजमोहन पत्नि सविता देवी बहिन उषा एवं पुत्री गरिमा खंडेलवाल व नाती नातिन सहित अपने परिवार की और से सम्पूर्ण विश्व के जन कल्याण के लिए गाजे बाजे के साथ भगवती गोमाता के लिए चुनरी लेकर पधारे और कथा मंच पर विराजित भगवती गोमाता को चुनरी ओढ़ाई एवं गोमाता का पूजन कर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज से आशीर्वाद लिया और अंत में सभी ने गो पूजन करके यज्ञशाला की परिक्रमा एवं गोष्ठ में गोसेवा करके सभी ने गोव्रती महाप्रसाद ग्रहण किया।

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