अलौकिक कामधेनु गो अभ्यारणआगर मालवादेशमध्यप्रदेश

पाप से बचने का सर्वोत्तम साधन है गैया मैंया की सेवा – स्वामी गोपालानंद सरस्वती

जनमत जागरण @ सुसनेर। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव द्वारा मध्य प्रदेश के निराश्रित गोवंश के संरक्षण हेतु सम्पूर्ण मध्यप्रदेश में भारतीय नूतन संवत 2081 से घोषित “गोवंश रक्षा वर्ष” के तहत जनपद पंचायत सुसनेर की समीपस्थ ननोरा, श्यामपुरा, सेमली व सालरिया ग्राम पंचायत की सीमा पर मध्यप्रदेश शासन द्वारा स्थापित एवं श्रीगोधाम महातीर्थ पथमेड़ा द्वारा संचालित विश्व के प्रथम श्री कामधेनु गो अभयारण्य मालवा में चल रहें एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के 266 वें दिवस पर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज ने सोमवती अमावस्या में गो सेवा का महत्त्व बताते हुए कहां कि आज के दिन गौसेवा के लिए किए गए दान का पुण्य कई गुना मिलता और विवाहिता महिला तो इस दिन व्रत एवं पीपल व तुलसी का पूजन कर गो सेवा करती है तो उसको अखण्ड शौभाग्य मिलता है ।

⏩ स्वामीजी ने आगे बताया कि दूसरों के लिए जीवन जीना ही तो जिन्दगी है अर्थात जिंदगी उसी का नाम है जो औरों के लिए जिएं,अपने लिए,परिवार के लिए,अपने नाम के लिए जीवन जीने वाला जिन्दा नहीं वह जीते जी मुर्दा है । जीवन भले ही कम जिए लेकिन उस छोटे से जीवन में हम कुछ करें और इस कलियुग में तो गो सेवा करने से देश का,धर्म का गांव का परिवार का और अपनी आत्मा सबका हित हो जाता है ।स्वामीजी ने गोरज की महिमा बताते हुए कहां कि गैया की चरणरज स्पर्श करने मात्र से सब पापों का नाश हो जाता है और गैया की सेवा की सेवा करने लग जाएं तो हमारी मनोवृति सुधरेगी और मनोवृति में सुधार होगा तो भविष्य में हम कोई पाप करेंगे ही नहीं अर्थात आने वाले समस्त पापों से हम अपने आप बच जायेंगे हम से भविष्य में कोई पाप नहीं होगा यानि पाप से बचने का सर्वोत्तम साधन है गैया मैंया की सेवा में लग जाना ।⏩ 266 वे दिवस पर दिल्ली के पीथमपुर नरेश गोयल,श्रीमती पिंकी, ज्ञानेश्वर जायसवाल एवं श्रीमती शैल कुमारी व राजगढ़ जिले के माचलपुर क्षेत्र के बावड़ी खेड़ा से बद्रीलाल,मोतीलाल,देवकरण, छगनलाल,परमानंद,हेमराज, बने सिंह एवं घनश्याम गुर्जर आदि अतिथि उपस्थित रहें । मध्यप्रदेश एवं राजस्थान के युवा विश्व के प्रथम गो अभयारण्य में आंग्ल वर्ष 2024 की विदाई एवं 2025 की पूर्व संध्या पर 31 दिसम्बर 2024 मंगलवार को भगवान कृष्ण की नाट्य लीलाओं एवं भक्ति सन्ध्या का आनन्द लेंगे

266 वे दिवस पर चुनरी यात्रा दिल्ली,राजस्थान  एवं मध्यप्रदेश से :: एक वर्षीय गोकृपा कथा के 266 वें दिवस पर चुनरी यात्रा दिल्ली के पीथमपुर से नरेश गोयल,श्रीमती पिंकी, ज्ञानेश्वर  जायसवाल एवं श्रीमती शैल कुमारी व राजस्थान के झालावाड़ जिले के रायपुर महिला मंडल एवं मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की जीरापुर के कोल्सीखेड़ा ग्राम की महिला मंडल एवं मंदसौर जिले के आलोट तहसील के तूरिया ग्राम की महिला मंडल ने अपने परिवार की और से सम्पूर्ण विश्व के जन कल्याण के लिए  गाजे बाजे के साथ भगवती गोमाता के लिए  चुनरी  लेकर पधारे और कथा मंच पर विराजित भगवती गोमाता को चुनरी ओढ़ाई एवं गोमाता का पूजन कर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज से आशीर्वाद लिया  और अंत में सभी ने गो पूजन करके यज्ञशाला की परिक्रमा एवं गोष्ठ में गोसेवा करके सभी ने गोव्रती महाप्रसाद ग्रहण किया। 

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