आगर मालवामध्यप्रदेश

चंद्रशेखर आज़ाद का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत : डॉ. वीरेंद्र कुमार सोनी

शासकीय महाविद्यालय सोयतकलां में अमर शहीद चंद्रशेखर आज़ाद की जयंती श्रद्धा और राष्ट्रभक्ति के साथ मनाई गई।

जनमत जागरण @ सोयतकलां। राष्ट्रप्रेम की ज्वाला, अदम्य साहस का संकल्प और आत्मसम्मान की अडिग प्रतिज्ञा—अमर शहीद चंद्रशेखर आज़ाद का जीवन आज भी युवा पीढ़ी के लिए ऊर्जा का अक्षय स्रोत बना हुआ है। उनके विचार केवल इतिहास के पन्नों तक सीमित नहीं, बल्कि आज के युवाओं के चरित्र निर्माण और राष्ट्रनिर्माण की दिशा में प्रेरक मार्गदर्शक हैं। इन्हीं आदर्शों को आत्मसात करने का संदेश देते हुए शासकीय महाविद्यालय सोयतकलां में आज़ाद जयंती श्रद्धा, सम्मान एवं राष्ट्रभक्ति के भाव के साथ मनाई गई।

कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. वीरेंद्र कुमार सोनी, स्वामी विवेकानन्द करियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के संयोजक हर्षवर्धन राठौर तथा इतिहास विभाग के प्राध्यापक डॉ. राजेश पाटिल द्वारा शहीद चंद्रशेखर आज़ाद के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. वीरेंद्र कुमार सोनी ने कहा कि चंद्रशेखर आज़ाद का जीवन साहस, स्वाभिमान, त्याग और राष्ट्रभक्ति का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे महान क्रांतिकारियों के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएँ।

स्वामी विवेकानन्द करियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के संयोजक हर्षवर्धन राठौर ने अपने उद्बोधन में कहा कि “चंद्रशेखर आज़ाद ने हमें सिखाया कि साहस केवल हथियार उठाने में नहीं, बल्कि अपने सिद्धांतों पर अडिग रहने में है। उन्होंने कभी अन्याय के सामने सिर नहीं झुकाया और अपने संकल्प को अंतिम क्षण तक निभाया।”

इतिहास विभाग के प्राध्यापक डॉ. राजेश पाटिल ने अपने ओजस्वी वक्तव्य में चंद्रशेखर आज़ाद के क्रांतिकारी जीवन, अंग्रेजों के विरुद्ध उनके संघर्ष, अदम्य साहस तथा बलिदान का प्रेरणादायी वर्णन किया। उन्होंने बताया कि आज़ाद का जीवन आज भी प्रत्येक भारतीय के लिए राष्ट्रप्रेम और आत्मसम्मान का प्रतीक है।

कार्यक्रम का प्रभावी संचालन श्री धीरज कुमार शर्मा ने किया तथा अंत में श्री मोहित राठौर ने सभी अतिथियों, प्राध्यापकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने अमर शहीद चंद्रशेखर आज़ाद के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।

युवाओं के लिए आदर्शों का संदेश

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि चंद्रशेखर आज़ाद का जीवन केवल स्वतंत्रता संग्राम का अध्याय नहीं, बल्कि आज के युवाओं के लिए नैतिक शक्ति, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने बताया कि आज़ाद का व्यक्तित्व हमें सिखाता है कि विपरीत परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं करना चाहिए। उनके जीवन से प्रेरणा लेकर युवा अपने भीतर राष्ट्रप्रेम, अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना विकसित कर सकते हैं, जो एक सशक्त और जागरूक राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

Related Articles

error: Content is protected !!