“482 ग्रामों का सर्वेक्षण और 71383 भूखंडों का रिकॉर्ड: कैसे ड्रोन तकनीक ने बदली आगर मालवा की तस्वीर?”

▪️प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना: ग्रामीण संपत्ति अधिकार की दिशा में सुधारात्मक पहल
▪️ 482 ग्रामों का सर्वेक्षण और 71383 अधिकार अभिलेख तैयार
जनमत जागरण @ आगर-मालवा:: प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना ने ग्रामीण भारत में संपत्ति अधिकार स्थापित करने की दिशा में एक नई क्रांति लाई है। आधुनिक ड्रोन तकनीक से हुए सर्वेक्षण और अधिकार अभिलेख निर्माण ने आगर मालवा जिले को एक मिसाल बना दिया है। इस सराहनीय कार्य से न केवल भूमि विवादों का समाधान हुआ है, बल्कि ग्रामीण विकास की नई राहें भी खुली हैं।
आइए जानते हैं इस योजना की सफलता की कहानी। आगर मालवा जिले में प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के तहत आधुनिक ड्रोन तकनीक की सहायता से 482 आबादी ग्रामों का सर्वेक्षण पूरा किया गया। इस पहल में 71383 निजी भूखंडों के अधिकार अभिलेख तैयार किए गए, जिनमें से 45914 भूखंड धारकों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्चुअल रूप से भू अधिकार पत्र वितरित किए गए।
➤ कलेक्टर की बधाई :: जिले में इस कार्य को समयबद्ध और सफलतापूर्वक पूरा करने पर कलेक्टर श्री राघवेंद्र सिंह ने राजस्व अमले को उनकी कड़ी मेहनत के लिए सराहना और बधाई दी।

➤ योजना के लाभ
1 ग्रामीण नागरिकों को लाभ: भूमि विवादों का समाधान। संपत्ति को वित्तीय संपत्ति के रूप में उपयोग की सुविधा। ऋण और अन्य वित्तीय लाभों की उपलब्धता।
2. ग्राम पंचायतों को लाभ: संपत्ति कर निर्धारण से राजस्व में वृद्धि।जीआईएस मानचित्रों से बेहतर ग्राम विकास योजना।मौजूदा ढांचों की पहचान और विकास का सटीक अनुमान। प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना, ग्रामीण भारत में संपत्ति अधिकार स्थापित करने और विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक मील का पत्थर है।



