“मालवांकुर सेवा प्रकल्प : जब युवा डॉक्टर बने जनसेवा के सच्चे प्रहरी!” ➡️ कैसे मेडिकल छात्र गाँव-गाँव जाकर कर रहे हैं नि:स्वार्थ सेवा? जानिए इस अनूठे अभियान की पूरी कहानी।

"मालवांकुर सेवा प्रकल्प: मेडिकल छात्रों की अनूठी यात्रा या जनसेवा का नया संकल्प?"
जनमत जागरण न्यूज नेटवर्क इंदौर। चिकित्सा सेवा और परोपकार को समर्पित मालवांकुर सेवा प्रकल्प का पोस्टर विमोचन एवं वार्षिक कार्यक्रम संरचना का शुभारंभ डॉ. हेडगेवार समिति हॉल में संपन्न हुआ। यह अनूठी पहल मालवा प्रांत के समस्त मेडिकल छात्र-छात्राओं को राष्ट्रसेवा, सामाजिक उत्थान और समर्पण भाव से जोड़ने के लिए प्रेरित करती है।
🛑 मेडिकल विद्यार्थियों का समाज से सीधा जुड़ाव: मालवांकुर के तहत एलोपैथी, होम्योपैथी, डेंटिस्ट्री एवं आयुर्वेद के छात्र-छात्राओं व कंसल्टेंट्स के लिए निःशुल्क प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाते हैं। इन शिविरों के माध्यम से युवा डॉक्टरों को न केवल चिकित्सा कौशल विकसित करने का अवसर मिलेगा, बल्कि वे जनजातीय व ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा कार्यों से भी जुड़ेंगे।
🔴वरिष्ठ चिकित्सकों की अपील: कार्यक्रम में वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. मुकेश मोढ ने आग्रह किया कि मेडिकल क्षेत्र के शिक्षक एवं विशेषज्ञ वर्ष में कम से कम एक सप्ताहांत मालवा के दूरस्थ क्षेत्रों को समर्पित करें। इस सेवा अनुभूति यात्रा के संयोजक नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. संदीप सक्सेना और सहसंयोजक डेंटिस्ट डॉ. राहुल कुलकर्णी बनाए गए हैं।
🛑चिकित्सा शिविरों की विस्तृत रूपरेखा: इस बैठक में विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के विशेषज्ञों और कंसल्टेंट्स ने सेवा कार्यों की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की। प्रमुख रूप से सेवा कुंज मेडिकल कॉलेज से डॉ. साधना संवास्कर, इंडेक्स मेडिकल कॉलेज से डॉ. स्वाति प्रशांत एवं डॉ. दीप्ति सिंह हाड़ा, अमलतास मेडिकल कॉलेज से डॉ. प्रशांत, गुजराती समाज होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज से डॉ. एस.पी. सिंह, यूनिक अस्पताल के प्रबंधक डॉ. प्रमोद नीमा, अरविंदो मेडिकल कॉलेज से डॉ. कविता मंजूनाथ, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के डॉ. राम मोहन शुक्ला (संयोजक), एलएनसीटी इंदौर से डॉ. संध्या चौकसे (महिला कार्य संयोजक), अष्टांग आयुर्वेदिक महाविद्यालय से डॉ. तेजस पोरवाल (सह-संयोजक मालवांकुर), शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. रत्नेश खरे (सह-संयोजक मालवांकुर), डॉ. अंकिता जैन, डॉ. विशाल तिवारी, डॉ. अनिरुद्ध मिश्रा, डॉ. नीरज गुप्ता, डॉ. प्रतीक शर्मा एवं डॉ. रजनीश वर्मा सहित कई विशेषज्ञों ने चिकित्सा सेवा शिविरों और सामाजिक सेवा गतिविधियों की रणनीति पर विचार साझा किए।
🛑 समाज उत्थान की दिशा में नया अध्याय: मालवांकुर सेवा प्रकल्प न केवल मेडिकल विद्यार्थियों के मन में रोगियों के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने का कार्य करेगा, बल्कि यह जनजातीय और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए एक प्रभावी चिकित्सा सेवा माध्यम भी बनेगा। यह पहल समाज उत्थान और सेवा कार्यों को नया आयाम देने की दिशा में एक सशक्त कदम साबित हो सकती है।
🔹 तो क्या मालवांकुर सिर्फ एक चिकित्सा सेवा अभियान है या मेडिकल छात्रों के लिए जनसेवा की एक नई यात्रा?
🔹 क्या यह पहल समाज में व्यापक बदलाव ला सकेगी?
इसका उत्तर आने वाले समय में देखने को मिलेगा…



