गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने का सपना होगा साकार? स्वामीजी का बड़ा बयान 👉6 हजार गोमाताओं के बीच मनाया विवाहोत्सव, मातृशक्ति से किया विशेष आह्वान

जीवन में गोसेवा नहीं तो संगम स्नान भी पुण्य नहीं दे सकता - स्वामी गोपालानंद सरस्वती
जनमत जागरण न्यूज नेटवर्क सुसनेर। एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के 307वें दिवस पर स्वामी गोपालानंद सरस्वती जी महाराज ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि जिस तरह महाराष्ट्र में गोमाता को ‘राजमाता’ घोषित किया गया है, उसी तरह पूरे भारत में गोमाता को ‘राष्ट्रमाता’ घोषित करने का समय आ गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह पुण्य कार्य एक दिन अवश्य पूरा होगा।
⏩ गौ कथा के 307वें दिवस की विशेषता :: गौ आराधना महामहोत्सव के 307वें दिवस पर कथा में बताया गया कि गोसेवा स्वाधीन है, पराधीन नहीं। स्वामी जी ने मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले के बाबुल्दा गांव में नन्हे बच्चों द्वारा गो चिकित्सालय चलाने की प्रेरणादायक सेवा का उल्लेख किया। उन्होंने समझाया कि गोसेवा करने से त्रिवेणी संगम स्नान के समान पुण्य प्राप्त होता है, क्योंकि गोमूत्र में गंगाजी, गोबर में यमुनाजी और जिव्हा में सरस्वती जी विराजमान हैं।
⏩ प्रदीप गर्ग ने 6000 गोमाताओं के बीच मनाई विवाह वर्षगांठ :: इस विशेष अवसर पर दिल्ली के नरेला निवासी प्रदीप गर्ग एवं श्रीमती ऊषा गर्ग ने अपनी 18वीं विवाह वर्षगांठ विश्व के प्रथम गो अभयारण्य में 6000 गोमाताओं के बीच मनाई। स्वामी जी ने उन्हें आशीर्वाद देते हुए कहा कि उनका दांपत्य जीवन अजर-अमर रहे और वे सदैव गोसेवा में लगे रहें।
⏩ मातृशक्ति से विशेष आह्वान :: श्रीमती ऊषा गर्ग ने देश की मातृशक्ति से ‘धेनु शक्ति संघ’ से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि यदि माताएं संगठित हो जाएं, तो देश की एक भी गोमाता निराश्रित नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि यदि मातृशक्ति झांसी की रानी लक्ष्मीबाई और गोसेविका मां अहिल्याबाई की तरह आगे आए, तो सरकारों को भी गौहत्या पर प्रतिबंध लगाना ही पड़ेगा।
⏩ एक वर्षीय गो कृपा कथा के 307 वें दिवस पर झालावाड़ जिले के पिड़ावा थाना के थानाधिकारी श्री सुरेश गुर्जर अपनी धर्मपत्नी श्रीमती सुनिता गुर्जर एवं सुपुत्र शौर्य एवं भव्य डोई अतिथि के रूप में पधारे ।श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा ,कामधेनु गो अभयारण्य ,धेनु देवी फाउंडेशन एवं दृष्टिदेवी फाउंडेशन के तत्वाधान में विश्व के प्रथम गो अभयारण्य में चल रहें ग्वाल प्रशिक्षण शिविर के नवम दिवस पर श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा से पधारे गोसेवा प्रभारी श्री गिरधर सिंह ने श्रेष्ठतम गौसेवा किस प्रकार हो उसका प्रत्यक्ष गोष्ठ में जाकर व्यक्तिगत सभी को प्रशिक्षण दिया ।

⏩ 307 वे दिवस पर चुनरी यात्रा दिल्ली ,बागड़ एवं मध्यप्रदेश से :: एक वर्षीय गोकृपा कथा के 307 वें दिवस पर चुनरी यात्रा दिल्ली के दिल्ली के नरेला से साधुराम जी गर्ग अपने पुत्र प्रदीप जी गर्ग एवं श्रीमती ऊषा जी गर्ग की विवाह की वर्षगांठ पर अपने स्वजनों देशराज जी सिंघल,कश्मीरी लाल जी सिंघल, श्रीमति मूर्ति देवी जी,सीमा रानी जी गर्ग, शैलजा जी गर्ग एवं यशवंत जी एवं राजस्थान के बागड़ से निर्मल व्यास , श्रीमती भूमिका व्यास ,जय कुमार त्रिवेदी एवं उनकी श्रीमती नम्रता व मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले की भानपुरा तहसील के बाबुल्दा गोसेवा समिति के राजू लखारा, निर्मल पाटीदार,सुभाष पाटीदार,सूरज मीणा,देवेश विश्वकर्मा,मोहित शर्मा, कृष्णा गुर्जर,अनिकेत सेन, देवेन्द्र जी मुन्या एवं श्रीमती भगवती बाई लखारा की और से सम्पूर्ण विश्व के जन कल्याण के लिए गाजे बाजे के साथ भगवती गोमाता के लिए चुनरी लेकर पधारे और कथा मंच पर विराजित भगवती गोमाता को चुनरी ओढ़ाई एवं गोमाता का पूजन कर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज से आशीर्वाद लिया और अंत में सभी ने गो पूजन करके यज्ञशाला की परिक्रमा एवं गोष्ठ में गोसेवा करके सभी ने गोव्रती महाप्रसाद ग्रहण किया।



