खाटू श्याम जी गोसेवा के प्रतीक, लेकिन आज के भक्त? जानिए स्वामी जी ने क्या बताई सच्चाई!

क्या आज के भक्त खाटू श्याम जी की तरह सच्चे गो प्रेमी हैं? जानिए स्वामी जी के शब्दों में गोसेवा की वर्तमान स्थिति!
जनमत जागरण न्यूज नेटवर्क सुसनेर। खाटू श्याम जी, जो गो प्रेम और सेवा के प्रतीक माने जाते हैं, उनके भक्तों की आस्था बढ़ती जा रही है। स्वामी गोपालानंद सरस्वती जी महाराज ने एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के 312वें दिवस पर कहा कि खाटू श्याम जी गो माता के दुग्ध से प्रकट हुए और उन्होंने अपना जीवन गोसेवा को समर्पित किया।
अंकित अग्रवाल और सुनील कुमार शर्मा ने 31 वर्षीय गो पर्यावरण एवं अध्यात्म चेतना पदयात्रा के दौरान गौशाला में विदेशी पशुओं को देख कर उन्हें गो माता से अलग करने का निवेदन किया, जिसे स्वीकार किया गया।
इस दौरान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा, कामधेनु गो अभयारण्य, धेनु देवी फाउंडेशन एवं दृष्टिदेवी फाउंडेशन के तत्वाधान में आयोजित ग्वाल प्रशिक्षण शिविर के चतुर्दश दिवस पर प्रशिक्षणार्थियों ने गोसेवा की विधिवत जिम्मेदारी संभाली।
क्या आज के भक्त खाटू श्याम जी की तरह गो प्रेम को अपना पा रहे हैं?

⏩ 312 वे दिवस पर चुनरी यात्रा उत्तराखंड एवं राजस्थान से ::एक वर्षीय गोकृपा कथा के 312 वें दिवस पर चुनरी यात्रा उत्तराखंड के भुवन चन्द जी तिवारी एवं खाटूश्याम से अंकित अग्रवाल एवं सुनील शर्मा ने अपने परिवार की ओर से सम्पूर्ण विश्व के जन कल्याण के लिए गाजे बाजे के साथ भगवती गोमाता के लिए चुनरी लेकर पधारे और कथा मंच पर विराजित भगवती गोमाता को चुनरी ओढ़ाई एवं गोमाता का पूजन कर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज से आशीर्वाद लिया और अंत में सभी ने गो पूजन करके यज्ञशाला की परिक्रमा एवं गोष्ठ में गोसेवा करके सभी ने गोव्रती महाप्रसाद ग्रहण किया।



