“स्कूली छात्रा से छेड़खानी करने वाला शिक्षक राजकुमार माली गिरफ्तार, न्यायालय ने भेजा जेल , कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह ने आरोपी शिक्षक को तत्काल प्रभाव से किया निलंबित”

जनमत जागरण @ सुसनेर /आगर-मालवा। कक्षा 9वीं की छात्रा के साथ छेड़खानी करने वाले शिक्षक राजकुमार माली को पुलिस ने अमरकोट के पास से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। घटना शासकीय एकीकृत हाईस्कूल बराई (सोयतकलां) में परीक्षा के दौरान हुई थी, जब आरोपी शिक्षक ने पर्यवेक्षक की ड्यूटी निभाते हुए अशोभनीय हरकत की थी।
🛑 थाना प्रभारी यशवंत गायकवाड़ ने बताया, “आरोपी शिक्षक राजकुमार माली को पकड़ने के लिए पुलिस टीम लगातार काम कर रही थी। जब यह अग्रिम जमानत के लिए जा रहा था, उसी समय इसकी लोकेशन का पता चला और अमरकोट के पास से उसे गिरफ्तार कर लिया गया। न्यायालय में पेश किए जाने पर उसे जेल भेज दिया गया है।”
⚫ कलेक्टर ने किया तत्काल निलंबित :: घटना के सामने आने पर कलेक्टर श्री राघवेन्द्र सिंह ने आरोपी शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। जारी आदेशानुसार, शिक्षक का यह कृत्य म.प्र. सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 03 का उल्लंघन करते हुए कदाचरण की श्रेणी में आता है। इसलिए म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 09(1) (क) के तहत निलंबन की कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि में शिक्षक का मुख्यालय विकास खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय बड़ौद रहेगा और उसे नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता भी दी जाएगी।
👉 आपको बता दें कि यह घटना 7 फरवरी को हुई थी, जब संस्कृत परीक्षा के दौरान आरोपी शिक्षक ने पर्यवेक्षक की ड्यूटी निभाते हुए छात्रा से अशोभनीय हरकतें की। छात्रा ने हिम्मत दिखाते हुए घटना की जानकारी अपने परिजनों को दी, जिन्होंने तुरंत यह मामला प्राचार्य और जिला शिक्षा अधिकारी तक पहुंचाया। इसके बाद पुलिस थाना सोयतकलां में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 74, 75 (1) और लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 7 एवं 8 के तहत मामला दर्ज किया गया।
🛑 जिला शिक्षा अधिकारी से संपर्क नहीं हो सका ::घटना पर प्रतिक्रिया जानने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो पाई। उनकी प्रतिक्रिया मिलने पर समाचार को अपडेट किया जाएगा।
🛑 समाज के लिए सोचने का समय :: शिक्षा के मंदिर में ऐसी घटनाएँ न केवल एक छात्रा के सम्मान को ठेस पहुँचाती हैं, बल्कि पूरे समाज की नैतिकता पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करती हैं। यह घटना समाज को यह सोचने पर मजबूर करती है कि बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा का पवित्र वातावरण कैसे सुरक्षित रखा जाए। समाज के जागरूक नागरिकों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और आरोपी शिक्षक को सख्त सजा देने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।



