अलौकिक कामधेनु गो अभ्यारणआगर मालवादेशमध्यप्रदेश

क्या गोमाता के साथ बिताया जीवन देता है अलौकिक अनुभव? क्या मातृशक्ति के नेतृत्व में भारतीय कृषि में आ सकती है नई क्रांति ? जानिए पूरी कहानी जनमत जागरण पर!

जनमत जागरण @ सुसनेर :: क्या गोमाता केवल पशु है या सच में भगवान की भगवान? क्या गोसेवा से मिलती है शक्ति और भक्ति की अनमोल सौगात? एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के 314वें दिवस पर स्वामी गोपालानंद सरस्वती जी महाराज ने गोमाता की अलौकिक महिमा का वर्णन करते हुए बताया कि गोमाता केवल जानवर नहीं, बल्कि विश्व की माता है, जो निष्काम सेवा करने पर ज्ञान और भक्ति का वरदान देती है।

▪️स्वामीजी ने मातृशक्ति के महत्व पर भी जोर देते हुए कहा कि यदि माताएं कृषि कार्य में अग्रणी भूमिका निभाएं तो भारतीय कृषि पुनः गो आधारित ऋषि कृषि की ओर बढ़ सकती है, जिससे जहर मुक्त खेती का सपना साकार हो सकता है। इसी उद्देश्य से ‘धेनु शक्ति संघ’ नामक संगठन का गठन किया गया है, जो 5000 गोव्रती माताओं के माध्यम से देशभर में एक करोड़ गोप्रेमी बहिनों को जोड़ने का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा है।

⏩ भारतीय किसान संघ की मालवा प्रान्त की प्रान्त महिला प्रमुख वैशाली जी मालवीया ,चंद्रप्रकाश जी,इन्द्र सिंह जी,सुरेन्द्र सिंह जी राजस्थान टेक्सटाइल मिल भवानीमंडी आदि अतिथि उपस्थित रहें ।

⏩ 314 वे दिवस पर चुनरी यात्रा गुजरात,राजस्थान एवं मध्यप्रदेश से :: एक वर्षीय गोकृपा कथा के 314 वें दिवस पर चुनरी यात्रा गुजरात के कर्णावती 9से गुजरात के कर्णावती से  गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा के न्यासी श्री पीयूष जी विठ्ठला बिछावाडी सांचौर हाल मुकाम अहमदाबाद गुजरात एवं इनके साथ पधारे श्री मदरूपा जी विठ्ठला,रमेश जी,नरेश जी ,ललित एवं प्रकाश जी व्यास दांतिया,हाल मुकाम अहमदाबाद,श्री राधाकृष्ण गोशाला कृष्ण नगर आला खेड़ी,तहसील डूगला (चित्तौड़गढ़) से गोपाल , घनश्याम, दशरथ ,  राजेश , लक्ष्मीलाल ,रामनारायण ,मांगीलाल , पुरण मल ,भेरू लाल ,ओंकार व सुन्दर मेनारिया एवं रामलाल सुथार व मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के एकीकृत शासकीय माध्यमिक विद्यालय लसूडलया ( खेराज) की बालक बालिकाएं एवं स्टाफ व मन्दसौर जिले की गरोठ तहसील के एगड़ी ग्राम की महिला मण्डल ने अपने परिवार ,ग्राम,नगर की और से सम्पूर्ण विश्व के जन कल्याण के लिए  गाजे बाजे के साथ भगवती गोमाता के लिए चुनरी  लेकर पधारे और कथा मंच पर विराजित भगवती गोमाता को चुनरी ओढ़ाई एवं गोमाता का पूजन कर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज से आशीर्वाद लिया  और अंत में सभी ने गो पूजन करके यज्ञशाला की परिक्रमा एवं गोष्ठ में गोसेवा करके सभी ने गोव्रती महाप्रसाद ग्रहण किया। गोभक्त

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