जानिए, RSS के वरिष्ठ प्रचारक कैलाश चन्द ने गोमाता को लेकर क्या कहा? — क्या है गोमाता की सेवा का गूढ़ संदेश? जानिए विस्तार से!

👉 जानिए, आज किन दो महापुरुषों का है निर्वाण दिवस और गोमाता से जुड़ा क्या है उनका संदेश?
जनमत जागरण @ सुसनेर। आज दो वीर दिव्य महापुरुषों का निर्वाण दिवस है, जिनमें से एक हैं वासुदेव बलवंत फडके, जिन्हें भारत के स्वतंत्रता संग्राम के ‘आदि क्रांतिकारी’ कहा जाता है, और दूसरी हैं रानी गिडालू (या रानी गाइदिन्ल्यू), जो दक्षिण की झांसी की रानी के रूप में जानी जाती हैं और नागा आध्यात्मिक एवं राजनीतिक नेत्री थीं। उन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ विद्रोह का नेतृत्व किया था।
⏩ गोमाता से कैसे शुद्ध होता है वातावरण?— वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के 315वें दिवस पर स्वामी गोपालानंद सरस्वती जी महाराज ने बताया कि आजकल विश्वभर में वायरस का कुप्रभाव और ओजोन परत में छिद्र जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। इसका मूल कारण पर्यावरण की अशुद्धि है।स्वामीजी के अनुसार, गोमाता ही वायुमंडल को शुद्ध करने का सर्वोत्तम साधन है। उनका मानना है कि गोमाता के ‘मां’ उच्चारण से वातावरण शुद्ध होता है और जहां-जहां उसका गोबर एवं गोमूत्र गिरता है, वहां किसी भी वायरस का प्रभाव नहीं पड़ता।
⏩ भगवान श्रीकृष्ण और गोमाता का क्या संबंध है?राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक कैलाश चन्द ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण स्वयं गोमाता से यह अपेक्षा रखते थे कि उनके चारों ओर गोमाता रहे, जो न केवल उनकी सुरक्षा करें, बल्कि उन्हें आशीर्वाद भी प्रदान करें।अगर भगवान स्वयं गोमाता की महिमा को स्वीकारते हैं, तो हम सबके जीवन में भी गोमाता का विशेष स्थान होना चाहिए।
⏩ कृषि और जीवन का मूल आधार: गोमाता — भारत एक कृषि प्रधान देश है और कृषि का मूल आधार गोमाता ही है। गोमाता न केवल कृषि बल्कि सम्पूर्ण जीवन का आधार है। स्वामीजी ने कहा कि गोसेवा से दूर होने के कारण जीवन में कई समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं।इस एक वर्षीय आयोजन का उद्देश्य लोगों को गोसेवा की महिमा को स्मरण कराना और गोमाता की सेवा में संवेदनशील और सक्रिय बनाना है।गोमाता की सेवा से हम सभी सुखी और निरोगी रह सकते हैं और ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ की भावना को साकार कर सकते हैं।
⏩ 315 वें दिवस पर श्री नितिन कासनीवाल शिक्षा संस्कृति उत्थान प्रान्त संयोजक जयपुर प्रान्त,मयंक रोहिला भारती भवन जयपुर,श्री प्रद्युम्न जी शास्त्री सालरिया,श्यामगढ़(मंदसौर), स्वामी सचमार्गी जी महाराज हरियाणा, लक्ष्मी नारायण जी खरोनिया प्रदेश अध्यक्ष,अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा संगठनएवं राष्ट्रीय सचिव गो रक्षा प्रकोष्ठ,अजीत पटेल जिला अध्यक्ष, पवन जराटीया सचिव मानवाधिकार संगठन कोटा से ब्रजेश बैरागी,रामबलवान मीणा आदि अतिथि उपस्थित रहें ।
⏩ 315 वे दिवस पर चुनरी यात्रा बिहार, हरियाणा एवं राजस्थान एवं मध्यप्रदेश से :: एक वर्षीय गोकृपा कथा के 315 वें दिवस पर चुनरी यात्रा बिहार के दरभंगा से डॉ. परमानंद झा, डॉ.मंदाकिनी देवी,प्रीतेश दीक्षित,हरियाणा के हिसार जयवीर जी,साहिल जी,मीना देवी जी,शीला देवी मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की जीरापुर तहसील के गोवर्धनपुरा से पूनमचंद जी पाटीदार पिता बाबूलाल जी पाटीदार अपने परिवार ,ग्राम,नगर की और से सम्पूर्ण विश्व के जन कल्याण के लिए गाजे बाजे के साथ भगवती गोमाता के लिए चुनरी लेकर पधारे और कथा मंच पर विराजित भगवती गोमाता को चुनरी ओढ़ाई एवं गोमाता का पूजन कर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज से आशीर्वाद लिया और अंत में सभी ने गो पूजन करके यज्ञशाला की परिक्रमा एवं गोष्ठ में गोसेवा करके सभी ने गोव्रती महाप्रसाद ग्रहण किया।(अधिक जानकारी के लिए पढ़ें जनमत जागरण न्यूज़ पोर्टल पर।)



