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छत्रपति शिवाजी महाराज की वीरता में मां जीजाबाई की अहम भूमिका, जानिए कैसे मिली गोभक्ति की उपाधि?

जनमत जागरण @ सुसनेर। 
हमारे देश में नारी शक्ति की भूमिका हमेशा से महत्वपूर्ण रही है, लेकिन पराधीनता के बाद से इसे नजरअंदाज किया गया, जिससे धार्मिक और सांस्कृतिक व्यवस्थाएं कमजोर हुईं। आज 19 फरवरी को छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर यह स्मरण करना आवश्यक है कि उनकी वीरता और शौर्य के पीछे उनकी माता जीजाबाई की अहम भूमिका रही।
🔹स्वामी गोपालानंद सरस्वती जी महाराज ने एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के 317वें दिवस पर कहा कि मां जीजाबाई ने शिवाजी को बचपन से ही रामायण, महाभारत एवं वीर पुरुषों की गाथाएं सुनाईं, जिससे उनमें धर्म और शौर्य की भावना विकसित हुई। उन्होंने शिवाजी को आत्मरक्षा का पाठ सिखाया, जिसका परिणाम यह हुआ कि बाल्यकाल में ही शिवाजी ने एक कसाई से गाय को मुक्त कराकर उसकी रक्षा की।
🔹शिवाजी महाराज की गोभक्ति को देखते हुए उन्हें दरबार में "गोप्रतिपालक" कहा जाने लगा। उनकी कुलदेवी मां तुलजा भवानी ने उन्हें अपने हाथ की तलवार प्रदान कर धर्म रक्षा का आशीर्वाद दिया, जिससे शिवाजी ने मुगलों के विरुद्ध संघर्ष किया और हिंदवी स्वराज की स्थापना की।
नीता नायर गौसेवा को समर्पित ::
स्वामी गोपालानंद सरस्वती जी महाराज ने बताया कि भोपाल की नीताजी नायर, जो पहले मल्टीनेशनल कंपनियों में सॉफ्टवेयर इंजीनियर थीं, अब पूरी तरह से गौसेवा में समर्पित हैं। उन्होंने अपनी निजी भूमि पर बिना किसी सरकारी सहायता के 400 से अधिक सड़क दुर्घटना से ग्रस्त एवं बीमार गोवंश की सेवा की पहल की है। इसके लिए उन्हें "धेनु शक्ति संघ" की प्रभारी नियुक्त किया गया। स्वामी जी ने उनके समर्पण की सराहना करते हुए कामधेनु भगवान से प्रार्थना की कि वे उन्हें और अधिक सेवा करने की शक्ति प्रदान करें।
⏩ पूज्य महाराज जी ने भोपाल में कोलार रोड के पास अपनी निजी भूमि में बिना सरकारी सहायता के 400 से अधिक सड़क दुर्घटना से ग्रस्त एवं बीमार गोवंश की सेवा के लिए भारत के बैंगलोर गुड़गांव हैदराबाद जैसी मेट्रो सिटीज में सॉफ्टवेयर इंजीनियर मल्टीनेशनल कंपनी में अच्छे पैकेज को छोड़कर गौसेवा में सम्पूर्ण समय देने वाली भोपाल निवासी नीताजी नायर को भोपाल क्षेत्र की धेनु शक्ति संघ की प्रभारी के नाते घोषणा कर भगवान कामधेनु कृष्ण से प्रार्थना की कि वे भोपाल क्षेत्र की एक्सीडेंटल एवं बीमार गौमाताओं की और श्रेष्ठ सेवा करे और गोपाल परिवार संघ उनका हर प्रकार से सहयोग करेगा ।

⏩ गौ संवर्द्धन आश्रम, ग्राम मोकलावास, जोधपुर में स्व. डॉ. श्री चंचलमल जी चौरड़िया की प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर पूज्य संत श्री गोपालनंद सरस्वती जी महाराज के नाम से पंचगव्य विद्यापीठ का उद्घाटन राष्ट्रीय जैन कांफ्रेंस के पूर्व अध्यक्ष और समाजसेवी श्री नेमीचंद जी जैन ने अपने करकमलों से पंचगव्य विद्यापीठ का उद्घाटन किया।र्यक्रम में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलपति श्री प्रदीप प्रजापति जी, इसकॉन सर्जिकल के संस्थापक श्री सोहनलाल जी जैन, अन्य गणमान्य अतिथि, ग्रामीणजन, और पंचगव्य चिकित्सा में रुचि रखने वाले लोग उपस्थित रहे।

⏩ 317 वे दिवस पर चुनरी हरियाणा , गुरुग्राम , छत्तीसगढ़ एवं मध्यप्रदेश से :: एक वर्षीय गोकृपा कथा के 317 वें दिवस पर चुनरी यात्रा छत्तीसगढ़ के रायगढ़ से राधेश्याम जी शर्मा ,हरियाणा के हिसार से सुशील जी , नवीन जी यादव एवं गुरुग्राम से डॉक्टर राजीव खरे, श्रीमती किरण जी खरे की पुत्री एवं प्रियांशु खरे की बहिन श्रीमती पूर्वी जी खरे पत्नी रोहित जी खरे गुरुग्राम ने अपने पुत्र दक्ष खरे के साथ व कैलाश सिंह जी पीपल्दा की नातिन श्रीमती रानू जी सिसोदिया गोपालपुरा(जीरापुर) के परिवार की और से सम्पूर्ण विश्व के जन कल्याण के लिए गाजे बाजे के साथ भगवती गोमाता के लिए चुनरी लेकर पधारे और कथा मंच पर विराजित भगवती गोमाता को चुनरी ओढ़ाई एवं गोमाता का पूजन कर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज से आशीर्वाद लिया और अंत में सभी ने गो पूजन करके यज्ञशाला की परिक्रमा एवं गोष्ठ में गोसेवा करके सभी ने गोव्रती महाप्रसाद ग्रहण किया।

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