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क्या पुलिस प्रशासन गौतस्करों के आगे बेबस हो चुका है? – कौन है कसाई और कहाँ है उनकी जड़? गौहत्या के असली गुनहगार कौन? जानिए स्वामीजी ने क्या किया खुलासा


जनमत जागरण न्यूज नेटवर्क सुसनेर :
मध्यप्रदेश में "गोवंश रक्षा वर्ष" के बावजूद गौतस्करी की घटनाएँ थमने का नाम नहीं ले रही हैं। विशेष रूप से आगर जिले में, जहाँ सबसे अधिक गो तस्करी हो रही है, वहाँ पुलिस प्रशासन की लचर कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। प्रदेश के मुखिया गोरक्षा की बात कर रहे हैं, लेकिन ज़मीनी हकीकत इसके उलट नज़र आ रही है। उक्त बातें एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के 318 वें दिवस पर स्वामी गोपालानंद सरस्वती जी महाराज जी ने पुनः दुःख प्रगट करते हुए बताया मध्यप्रदेश में यदुवंशी मुख्यमंत्री होते हुए भी जहां का पुलिस प्रशासन गौतस्करों पर अंकुश लगाने में नाकाम हो रहा है ।स्वामी गोपालानंद सरस्वती जी महाराज ने इस स्थिति को लेकर कड़ा आरोप लगाया कि पुलिस तस्करों के आगे नतमस्तक हो चुकी है और उनका कोई भय तस्करों में नहीं है।
⏩ गौसेवकों की सूझबूझ से बचाए गए सात नंदीस्वामी जी ने बताया कि बीती रात गौसेवकों की एक टीम ने साहसिक कार्य करते हुए सात नंदी को गौतस्करों से मुक्त कराया। धर्मेंद्र सिंह राजपूत (उमरिया देवड़ा, आगर), टीकम सिंह राजपूत (उमरिया देवड़ा, आगर), आकाश (जीरापुर), गोविंद (जीरापुर) और धर्मेंद्र शर्मा (शाजापुर) सहित अन्य गौसेवकों ने अपनी जान की परवाह किए बिना 250 किलोमीटर तक पीछा कर गौतस्करों की गाड़ी पकड़ी।
गोलू लाला की स्विफ्ट कार के पीछे-पीछे एक भारी भरकम बोलेरो पिकअप चल रही थी, जिसमें सात नंदी को क्रूरता से हाथ-पैर बांधकर ठूंस-ठूंस कर भरा गया था। यह वाहन राजगढ़ जिले से होते हुए ब्यावरा, पचोर, सारंगपुर, शाजापुर होते हुए कानड़ थाना क्षेत्र के चाचाखेड़ी गाँव तक पहुँचा। गौसेवकों की सक्रियता से सातों नंदी को सुरक्षित बचाकर कानड़ थाने के माध्यम से शिवगढ़ गौशाला भेज दिया गया।
गौहत्या के असली गुनहगार कौन?
स्वामी गोपालानंद सरस्वती जी ने कहा कि गौहत्या में संलिप्त लोग सिर्फ़ तस्कर ही नहीं हैं, बल्कि वे अलग-अलग रूपों में हमारे बीच घूम रहे हैं। कुछ पुलिस की वर्दी में, कुछ जज के रूप में, कुछ वकील के रूप में तो कुछ गौ रक्षकों के रूप में ही इस अपराध को अंजाम देने में मदद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि असली कसाई कौन है, इसे पहचानने के लिए हमें गहराई से मंथन करने की जरूरत है।
मार्च में होगा गौ रक्षकों का महाआयोजन :: महाराज जी ने घोषणा की कि इस गंभीर समस्या का समाधान खोजने के लिए मार्च माह में विश्व के पहले गो अभयारण्य में वास्तविक गौ रक्षकों का एक विशाल सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इस सम्मेलन में गौहत्या की जड़ तक पहुँचने और इस कुप्रथा को समाप्त करने के उपायों पर मंथन किया जाएगा।आगर जिले में गौतस्करी के बढ़ते मामलों और प्रशासन की निष्क्रियता पर जनता में आक्रोश बढ़ रहा है। सवाल यह उठता है कि क्या पुलिस प्रशासन गौतस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा या फिर यह अपराध यूं ही जारी रहेगा?

मध्यप्रदेश में गौवंश की सुरक्षा को लेकर उठे ये सवाल अब पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े कर रहे हैं।
क्या प्रशासन इस चुनौती का सामना करेगा या गौतस्कर इसी तरह बेखौफ होकर अपने मंसूबे पूरे करते रहेंगे?

⏩ स्वामीजी ने बताया कि आगामी 22 फरवरी से 27 फरवरी 2025 तक विश्व के इस प्रथम गो अभयारण्य में गोष्ठाधिपति भगवान गोपालेश्वर महादेव के मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में महाशिवरात्रि के पुण्य पर्व पर विशाल मेले का आयोजन होगा जिसमें शिव परिवार प्राण प्रतिष्ठा,श्री राधा कृष्ण विवाह एवं आगर के लोकप्रिय विधायक माधव सिंह मधु गहलोत एवं इंदौर के गोभक्त के सहयोग से दो गरीब कन्याओं का शुभ विवाह, श्री शिव कथा,गो कृपा कथा व अग्नि नृत्य जैसे विशाल आयोजन होंगे ।318 वें दिवस पर जितेंद्र सिंह,गजराज सिंह,कमल सिंह ठिकाना छीगरी उज्जैन अतिथि उपस्थित रहें ।

⏩ 318 वे दिवस पर चुनरी राजस्थान,महाराष्ट्र एवं  मध्यप्रदेश से :: एक वर्षीय गोकृपा कथा के 318 वें दिवस पर चुनरी यात्रा  राजस्थान के देशनोक में विराजित भगवती करणीमाता जी के दरबार से गोपालदान चारण एवं जगदीश चारण एवं अजीत जी शर्मा,महाराष्ट्र के पुणे से श्री जगदीश  शर्मा ,श्रीमती सुशीला जी शर्मा एवं पुत्रि प्रीति शर्मा व रतलाम जिले की जावरा तहसील के ढोढर ग्राम से बद्री लाल  माली, कान्हा माली ,प्रकाश माली एवं उज्जैन से अरूण अग्रवाल ने अपने परिवार की और से सम्पूर्ण विश्व के जन कल्याण के लिए  गाजे बाजे के साथ भगवती गोमाता के लिए चुनरी  लेकर पधारे और कथा मंच पर विराजित भगवती गोमाता को चुनरी ओढ़ाई एवं गोमाता का पूजन कर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज से आशीर्वाद लिया  और अंत में सभी ने गो पूजन करके यज्ञशाला की परिक्रमा एवं गोष्ठ में गोसेवा करके सभी ने गोव्रती महाप्रसाद ग्रहण किया।

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