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क्या गोमाता को मिलेगा राष्ट्रमाता का दर्जा या फिर सत्ता से बाहर होंगे सनातन विरोधी? – पढ़ें सन्त दिग्विजय रामजी महाराज का यह संदेश

गो तस्करी पर पुलिस की लापरवाही या मिलीभगत?क्या गोवंश रक्षा वर्ष में ही बढ़ रही गोतस्करी? प्रशासन कब जागेगा?

जनमत जागरण न्यूज नेटवर्क, सुसनेर।
मध्यप्रदेश सरकार जहां एक ओर गोवंश रक्षा वर्ष मना रही है, वहीं दूसरी ओर राज्य के आगर मालवा जिले, जो विश्व का पहला गो अभयारण्य होने का गौरव रखता है, वहां गोतस्करी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। स्थानीय पुलिस पर इस संबंध में लापरवाही बरतने और गोतस्करों के खिलाफ ठोस कार्रवाई न करने के आरोप लग रहे हैं।
इसका ताजा उदाहरण गोलू लाला, जो गोतस्करों का मुख्य सरगना बताया जाता है, बार-बार पकड़ में आने के बावजूद पुलिस द्वारा निर्दोष बताकर छोड़ दिया जाता है। इस संदर्भ में स्वामी गोपालानंद सरस्वती जी महाराज ने कहा कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री, जो स्वयं गोसेवक हैं, उन्हें इस विषय में सख्त कदम उठाने चाहिए। महाराज जी ने चेतावनी दी कि यदि पुलिस ने गोतस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की, तो गौसेवकों को मजबूरन कानून हाथ में लेना पड़ेगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।🔹"गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा कब?"एक वर्षीय गो कृपा कथा के 319वें दिन चित्तौड़गढ़ से पूज्य युवा संत दिग्विजय राम जी महाराज, युवा संत रामझूलन दास जी महाराज एवं दयाल दास जी महाराज का शुभ आगमन हुआ। पूज्य दिग्विजय राम जी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि गो अभयारण्य के दर्शन से स्वर्गीय अनुभूति हुई, और यह पूज्य पथमेड़ा बाऊजी एवं गोपालानंद जी महाराज की तपस्या का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि भारत की भूमि "भरत" यानी पोषण प्रदान करने वाली भूमि है और गोमाता इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। लेकिन कुछ राजनेता एवं प्रशासनिक अधिकारी गोमांस को आर्थिक प्रगति का साधन बताकर सनातन संस्कृति के विनाश की साजिश रच रहे हैं। यदि वे अपनी इस नीति को नहीं बदलते, तो सनातनी समाज उन्हें सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा देगा। उन्होंने सरकार से गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने की मांग की।
आस्था चैनल के माध्यम से उन्होंने लोगों से अपील की कि खाद्य अवशेष प्लास्टिक में पैक कर न डालें और सेविंग ब्लेड को खुले में फेंकने के बजाय जमीन में गाड़ें, ताकि गोमाता अनजाने में इसे खाकर घायल न हो।

⏩ स्वामीजी ने आगे बताया कि भगवान कृष्ण के पावन क्षेत्र ब्रजभूमि से गौभक्तों का दल 551 किमी की पदयात्रा करके 151 सरोवरों का पवित्र जल लेकर कावड़ यात्रा के साथ महाशिवरात्रि के पुण्य पर्व पर कामधेनु गौ अभयारण्य में विराजित भगवान गोपालेश्वर महादेव जी पर जल चढ़ाने के लिए आ रहा है । स्वामीजी ने बताया कि आगामी 25 फरवरी को विश्व के इस प्रथम गो अभयारण्य में गोष्ठाधिपति भगवान गोपालेश्वर महादेव के मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के साथ भगवान राधा कृष्ण एवं दो गरीब कन्याओं का विवाह कार्यक्रम रहेगा , कन्या विवाह में आगर के विधायक माधव सिंह मधु गहलोत एवं उदर के गोभक्त मनीष गुप्ता के सहयोग से सम्पन्न होगा । शुभ विवाह के साथ 23 से 27 फरवरी तक श्री शिव कथा,गो कृपा कथा व अग्नि नृत्य जैसे विशाल आयोजन होंगे ।

⏩ 318 वे दिवस पर चुनरी यात्रा उत्तराखंड  से ::एक वर्षीय गोकृपा कथा के 319 वें दिवस पर चुनरी यात्रा  भुवन चंद्र तिवारी, पुत्र स्वर्गीय श्री गंगादत्त तिवारी रानीखेत जिला अल्मोड़ा उत्तराखंड ने अपने परिवार की और से सम्पूर्ण विश्व के जन कल्याण के लिए  गाजे बाजे के साथ भगवती गोमाता के लिए चुनरी  लेकर पधारे और कथा मंच पर विराजित भगवती गोमाता को चुनरी ओढ़ाई एवं गोमाता का पूजन कर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज से आशीर्वाद लिया  और अंत में सभी ने गो पूजन करके यज्ञशाला की परिक्रमा एवं गोष्ठ में गोसेवा करके सभी ने गोव्रती महाप्रसाद ग्रहण किया।

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