CM मोहन यादव जी, आगर की पुलिस कब जागेगी? स्वामीजी का सीधा सवाल! – पढ़ें स्वामी जी का विशेष संदेश मुख्यमंत्री के नाम

जनमत जागरण न्यूज नेटवर्क सुसनेर।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा राज्य के निराश्रित गोवंश के संरक्षण हेतु भारतीय नूतन संवत् 2081 से “गोवंश रक्षा वर्ष” घोषित किया गया है। इसी क्रम में जनपद पंचायत सुसनेर के ननोरा, श्यामपुरा, सेमली व सालरिया ग्राम पंचायतों की सीमा पर मध्यप्रदेश शासन द्वारा स्थापित एवं श्रीगोधाम महातीर्थ पथमेड़ा द्वारा संचालित विश्व के प्रथम श्री कामधेनु गो अभयारण्य मालवा में एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव का आयोजन हो रहा है।
गोवंश रक्षा के नाम पर आगर पुलिस की ढिलाई, तस्कर बेलगाम!
इसी आयोजन के 319वें दिवस पर स्वामी गोपालानंद सरस्वती जी महाराज ने आगर मालवा जिले में बढ़ती गोतस्करी और पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता को लेकर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि एक ओर प्रदेश सरकार गोवंश रक्षा के संकल्प के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर शासन द्वारा स्थापित गो अभयारण्य के आसपास गोतस्कर खुलेआम सक्रिय हैं, और आगर पुलिस की भूमिका संदिग्ध बनी हुई है।
महाराज जी ने कहा कि गोतस्करों के सरगना "गोलू लाला" को कई बार गौतस्करी की गाड़ियों की पेट्रोलिंग करते हुए पकड़ा गया, लेकिन हर बार पुलिस उसे निर्दोष बताकर छोड़ देती है। आखिर किसके इशारे पर आगर पुलिस बार-बार इस गोतस्कर को बचाने में लगी है? क्या आगर पुलिस गोतस्करों की रखवाली करने का काम कर रही है?
🔴 "सीएम मोहन यादव को अब संकल्प नहीं, संहार करना होगा!"
महाराज जी ने प्रदेश के गो सेवक मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री डॉ. मोहन यादव से आग्रह करते हुए कहा कि जिस जिले में विश्व का पहला गो अभयारण्य स्थापित किया गया, वहां गोतस्करों का खुलेआम आतंक शासन-प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा रहा है। मुख्यमंत्री को यह कदम उठाना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि आगर पुलिस गोतस्करों को संरक्षण देना बंद करे और कठोर कार्रवाई करे। मुख्यमंत्री जी आपको भी उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की तरह गो तस्करों के घरों पर बुल्डोजर चलाने की आवश्यकता है ।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यदि पुलिस प्रशासन ने जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए, तो गौसेवकों को मजबूरन कानून हाथ में लेना पड़ेगा, और इसके लिए पूरी जिम्मेदारी आगर पुलिस प्रशासन की होगी। जब सरकार के बनाए कानून निष्प्रभावी हो जाएं और रक्षक ही भक्षक बन जाएं, तो गौसेवकों को स्वयं आगे आना होगा।
🔴 “गोतस्करों पर कार्रवाई या फिर सनातन आक्रोश?”
महाराज जी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव जी को संदेश देते हुए कहा कि यह मात्र प्रशासनिक सुधार का विषय नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति की अस्मिता का प्रश्न है। अगर आगर पुलिस के संरक्षण में गोतस्करी का खेल चलता रहा, तो यह मान लेना चाहिए कि सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित है और उसे गोवंश संरक्षण से कोई सरोकार नहीं।
अब समय आ गया है कि मुख्यमंत्री , जो कि यदुवंशी परंपरा के गौरवशाली प्रतिनिधि हैं, भगवान श्रीकृष्ण के यदुवंश ने सदैव गौ सेवा और संरक्षण को सर्वोपरि रखा है, और उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए आपको अब सिर्फ संकल्प नहीं, बल्कि सख्त कार्रवाई कर मिसाल पेश करनी होगी। अब निर्णय आपको लेना है—यदुवंशी परंपरा का पालन करते हुए गौ रक्षा का धर्म निभाएंगे ।



