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“क्या सेवा के बिना मुक्ति संभव है – शास्त्रीजी का बड़ा दावा!” “जातिवाद से देश बिखर जाएगा? स्वामीजी ने दी बड़ी चेतावनी” ! — विश्व के प्रथम गो अभयारण्य में महाशिवरात्रि महोत्सव: सेवा और एकता का दिव्य संदेश

जनमत जागरण न्यूज नेटवर्क सुसनेर
विश्व के प्रथम गो अभयारण्य में आयोजित महाशिवरात्रि महोत्सव में 23 फरवरी से 27 फरवरी तक प्रतिदिन सायंकाल 07 बजे से रात्रि 10 बजे तक गोपाल परिवार संघ एवं दाना देवी फाउंडेशन की प्रमुख साध्वी आराधना गोपाल सरस्वती जी के मुखारविंद से दिव्य प्रवचन होंगे। इस आयोजन के यजमान दिवस निवासी सुलोचना मांगीलाल जी कुलमी पाटीदार (इंदौर) होंगे।25 फरवरी को होगा दिव्य विवाह समारोह25 फरवरी को गो अभयारण्य में राधा लड्डू गोपाल एवं दो कन्याओं के विवाह हेतु पाट पूजन संपन्न हुआ। राधा जी के धर्मपिता अनिल जी राजपुरोहित (उज्जैन) और लड्डू गोपाल जी के धर्मपिता मोहन जी राठौर (सुसनेर) ने इस आयोजन को विधिवत संपन्न कराया। वहीं, आगर के लोकप्रिय विधायक माधव सिंह मधुजी गहलोत एवं इंदौर के गो सेवक मनीष जी गुप्ता परिवार द्वारा दो गरीब कन्याओं का विवाह भी आयोजित किया जाएगा।

🔹क्या सेवा के बिना मुक्ति संभव है? कमलेश भाई शास्त्री का बड़ा दावा!


एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के 321वें दिवस पर बागड़ क्षेत्र के समाज सुधारक कमलेश भाई शास्त्री (खड़गदा काशी, सागवाड़ा, डूंगरपुर) ने अपने आशीर्वचन में कहा—"इस दुनिया में यदि कहीं सिर झुकता है, तो वह सेवा के समक्ष। जिसने जीवन में सेवा नहीं की, वह लाख प्रयास कर ले, उसे मुक्ति नहीं मिलेगी।"
उन्होंने आगे कहा कि गोमाता की सेवा जीवन का सबसे बड़ा धर्म है। तुलसीदास जी ने भी अपने रामचरित मानस में सेवा धर्म को सर्वोच्च बताया है। विश्व के इस प्रथम गो अभयारण्य में संतों के सानिध्य में हो रही सेवा को देखने से ही इसका महत्व समझा जा सकता है।

🔹जातिवाद से देश बिखर जाएगा? स्वामीजी ने दी बड़ी चेतावनी!
स्वामी गोपालानंद सरस्वती जी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि वर्तमान समय में जातिवाद को लेकर अनेक विवाद उत्पन्न हो रहे हैं, लेकिन सनातन धर्म में सभी जातियों का एक होना आवश्यक है। यदि ऐसा नहीं हुआ, तो देश बिखर सकता है।
उन्होंने कहा—"भारत ने विकास तो बहुत किया, लेकिन समाज को जोड़ने के लिए धर्मनीति से विश्वास, लोकनीति से सामाजिक एकता और राजनीति से विकास की स्थापना करनी होगी।"
स्वामीजी ने भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने के लिए जाति-पाति के भेदभाव से ऊपर उठकर मानवता के धर्म को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। महाशिवरात्रि महोत्सव का यह आयोजन आध्यात्मिकता , सेवा और सामाजिक समरसता का संदेश देता है। संतों के आशीर्वचन से गो सेवा और सनातन एकता का महत्व स्पष्ट होता है, जो समाज को सही दिशा प्रदान करेगा।

🚩 321 वें दिवस पर भागवतवक्ता रामचन्द्र जी जालमपुरा,सागवाड़ा से विनायक लोहार एवं हरियाणा के यमुनानगर से श्रीराम गऊशाला से संजयकुमार, धर्मपाल परिवार सहित ,उज्जैन से ओपी नागवंशी जी,कमलेश जी व चिपया(आगर) गोशाला समिति से दीपक जी जैन, भगवान सिंह जी, रतन जी,गंगाराम जी,श्याम सिंह जी, प्रताप सिंह जीनारायण सिंह जी,बलवंत सिंह जी, रोड सिंह जी,दीप सिंह जी आदि गोभक्त अतिथि उपस्थित रहें ।स्वामीजी ने बताया कि आगामी 25 फरवरी को विश्व के इस प्रथम गो अभयारण्य में गोष्ठाधिपति भगवान गोपालेश्वर महादेव के मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के साथ भगवान राधा कृष्ण एवं दो गरीब कन्याओं का विवाह कार्यक्रम रहेगा , कन्या विवाह में आगर के विधायक माधव सिंह मधु गहलोत एवं उदर के गोभक्त मनीष गुप्ता के सहयोग से सम्पन्न होगा । शुभ विवाह के साथ 23 से 27 फरवरी तक श्री शिव कथा,गो कृपा कथा व अग्नि नृत्य जैसे विशाल आयोजन होंगे ।पूज्य संतो के सानिध्य में गो सेवा समिति हावड़ा के सहयोग से गोपाल परिवार संघ के दाता देवी फाउंडेशन के माध्यम से महाराष्ट्र के जलगांव में निर्मित नवीन गो हॉस्पिटल का श्रीगणेश हुआ ।

 🚩 320 वे दिवस पर चुनरी यात्रा राजस्थान एवं मध्यप्रदेश से ::एक वर्षीय गोकृपा कथा के 321वें दिवस पर ब्रज मंडल से 551 KM की पैदल चलकर सन्त श्री बाल चंद जी महाराज,श्रीमती गंगा देवी  ,श्रीमती शान्ति देवी , धीरज जी, विष्णु जी,उमेश जी,पुष्पेंद्र जी,धीरज जी,विनोद जी एवं सुभाष जी राजस्थान के डीग जिले के पास्ता एवं टोंक से सरजू देवी, छाण,राजगढ़ जिले के उड़नखेड़ी से नेमीचंद गुप्ता,दिनेश  राजपूत,बदरी लाल,मध्यप्रदेश के नीमच के  दड़ौली ग्राम से ईश्वर दास बैरागी,कन्हैयालाल गुजर,बसन्ती लाल  पाटीदार ,देवीलाल खींची,आगर के बरडिया से श्यामलाल  जाट  ग्राम की महिला मंडल , पर्चुलिया कला से रामचन्द्र पाटीदार,मोहनलाल पाटीदार ,गिरिराज बैरागी,रामबाबू पाटीदार एवं मेना ग्राम के समस्त ग्रामवासियों की और से ग्राम की सेकंडों मातृशक्ति एवं युवाओं ने समस्त ग्रामवासियों की और से सम्पूर्ण विश्व के जन कल्याण के लिए  गाजे बाजे के साथ भगवती गोमाता के लिए चुनरी  लेकर पधारे और कथा मंच पर विराजित भगवती गोमाता को चुनरी ओढ़ाई एवं गोमाता का पूजन कर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज से आशीर्वाद लिया  और अंत में सभी ने गो पूजन करके यज्ञशाला की परिक्रमा एवं गोष्ठ में गोसेवा करके सभी ने गोव्रती महाप्रसाद ग्रहण किया।

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