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“गौमाता के बिना क्या जीवन और मोक्ष संभव है?” पशुपालन विभाग के उपसंचालक डॉ. रमेश चंद पंवार ने अपने उद्बोधन में कहा

▪️ घर घर गाय, हर घर गाय,यही हमारा वास्तविक उद्देश्य बने – स्वामी गोपालानंद सरस्वती ▪️”क्या हर हिंदू के घर में नंदी आने से बदल जाएगी भारत की तकदीर?”

जनमत जागरण DHARMA@सुसनेर। एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के 327वें दिवस पर गौसेवा और सनातन संस्कृति को लेकर संतों और अधिकारियों ने बड़े विचार रखे। स्वामी गोपालानंद सरस्वती जी ने परंपरागत खेती और गौसंरक्षण को पुनर्जीवित करने की अपील की, वहीं पशुपालन विभाग के उपसंचालक डॉ. रमेश चंद पंवार ने गौमाता को जीवन का आधार बताया।

👉 स्वामी गोपालानंद सरस्वती जी का संदेश

🔹 “बेलों की सेवा से क्या मिलती है भगवत प्राप्ति?”स्वामी गोपालानंद सरस्वती जी ने कहा कि हमारे धर्मग्रंथों में बेलों की सेवा को महत्वपूर्ण बताया गया है। पूर्वज खेती के लिए बेलों का उपयोग करते थे और उनकी सेवा को भगवत प्राप्ति का सशक्त माध्यम मानते थे। उन्होंने सुझाव दिया कि आधुनिक संसाधनों का उपयोग करें, लेकिन बीजों की बुवाई का कार्य बेलों द्वारा ही करवाना चाहिए।

🔹 “गौशालाएं हल नहीं, तो फिर हर घर में गौमाता क्यों जरूरी?”महाराज जी ने कहा कि गायें सड़कों पर घूम रही हैं, दुर्घटनाओं का शिकार हो रही हैं और बीमारियों से मर रही हैं। इसका एकमात्र समाधान यह है कि हर घर में एक गौमाता रखी जाए। उन्होंने “घर-घर गाय, हर घर गाय” अभियान की आवश्यकता बताई और कहा कि सच्चे सनातनी और भक्तों को उन घरों से संबंध नहीं रखना चाहिए, जहां गौवंश का पालन नहीं किया जाता।🟠 पशुपालन विभाग के उपसंचालक डॉ. रमेश चंद पंवार का उद्बोधन

🔹 “गौमाता के बिना क्या जीवन और मोक्ष संभव है?”डॉ. रमेश चंद पंवार ने कहा कि इस गो कृपा कथा से पूरे देश में सकारात्मक संदेश जा रहा है। उन्होंने गौमाता को जीवन की मूलभूत आवश्यकता बताते हुए कहा कि हमारा भरण-पोषण भी गोसेवा के कारण ही संभव हो रहा है। उन्होंने गौसंरक्षण और संवर्धन को प्राथमिकता देने की बात कही।

⏩ 327 वें दिवस पर चंडीगढ़ से महंत गोविंदाचार्य जी महाराज,कानपुर से अमर चेतन जी महाराज,छत्तीसगढ़ रायपुर से जय जी तिवारी, विजय जी, सरिता जी,भगवान सिंह जी, गोविंद सिंह जी, किशन सिंह जी, सेमली से एवं गोअभयारण्य से डॉक्टर राहुल दांगी,डॉक्टर तृप्ति पुनवानी सुसनेर एवं झालावाड़ जिले के नाहर गट्टा से श्याम सिंह जी, एलकार सिंह जी अतिथि के रूप में उपस्थित रहें ।

⏩ 327वे दिवस पर चुनरी यात्रा मध्यप्रदेश एवं राजस्थान से :: एक वर्षीय गोकृपा कथा के 327 वें दिवस पर चुनरी यात्रा मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के  ग्राम होलखेड़ा से रामप्रसाद , फूलचंद , इंद्र सिंह  ने सम्पूर्ण विश्व के जन कल्याण के लिए  गाजे बाजे के साथ भगवती गोमाता के लिए चुनरी  लेकर पधारे और कथा मंच पर विराजित भगवती गोमाता को चुनरी ओढ़ाई एवं गोमाता का पूजन कर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज से आशीर्वाद लिया  और अंत में सभी ने गो पूजन करके यज्ञशाला की परिक्रमा एवं गोष्ठ में गोसेवा करके सभी ने गोव्रती महाप्रसाद ग्रहण किया।

👉 अब आगे क्या?गौसंरक्षण और परंपरागत खेती को लेकर ये विचार कितने प्रभावी होंगे? क्या हर हिंदू के घर में नंदी रखने से भारत की तकदीर बदल सकती है? आप क्या सोचते हैं – क्या गौसंरक्षण से भारत की आबोहवा शुद्ध होगी? 🤔

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