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दिव्य गोकथा : भाईश्री भारतजी महाराज ने क्या कहा जो गौ भक्तों में जाग उठा नया संकल्प? पढ़िए उनका प्रेरणादायक उद्बोधन!”

क्या भारत में गोमाता को मिलेगा सर्वोच्च स्थान?

जनमत जागरण DHRAM @ सुसनेर। “हम अपने प्राण दे देंगे, लेकिन गोमाता पर आँच नहीं आने देंगे”, यह संकल्प धारण किया है भाईश्री भारतजी महाराज ने। एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के 332वें दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में स्वामी गोपालानंद जी सरस्वती ने मातृशक्ति की महिमा बताते हुए कहा कि यदि परिवार में सुख-शांति बनाए रखनी है तो मां का सम्मान आवश्यक है। इसी तरह, यदि संसार को सुंदर, सुरक्षित और सौम्य बनाना है तो गोमाता की सेवा अनिवार्य है।**

ऋषि कृषि सम्मेलन में होगी गोसेवा पर चर्चा

स्वामीजी ने जानकारी देते हुए बताया कि आगामी 09 मार्च 2025 को विश्व के प्रथम गो अभयारण्य, मालवा में राष्ट्रीय स्वदेशी संघ एवं धेनु धरती फाउंडेशन के संयुक्त तत्वाधान में ऋषि कृषि सम्मेलन आयोजित होगा। इस सम्मेलन में मध्यप्रदेश, राजस्थान एवं उत्तरप्रदेश के उन्नत किसान एवं कृषि विशेषज्ञ भाग लेंगे।

31 वर्षों से जारी है गोमाता के पुनः प्रतिष्ठान की यात्रा

भाईश्री भारतजी महाराज ने बताया कि 04 मार्च 2012 को मेवाड़ की पुण्य भूमि हल्दीघाटी से प्रारंभ हुई ‘गो पर्यावरण एवं अध्यात्म चेतना यात्रा’ अब तक 3 लाख किलोमीटर की पदयात्रा तय कर चुकी है। वर्तमान में ब्रह्मचारी एकलव्य गोपाल जी के मार्गदर्शन में ‘राम, श्याम एवं शिव’ पदयात्रा मध्यप्रदेश के अनूपपुर एवं बैतूल जिलों में गौ महिमा का प्रचार कर रही है।

गोसेवा को राष्ट्रीय आंदोलन बनाने की दिशा में 12 फाउंडेशन गठित

गोमाता की महिमा को जन-जन तक पहुँचाने के लिए 12 फाउंडेशन का गठन किया गया है। इनमें प्रमुख हैं:

धेनु धन फाउंडेशन – पंचगव्य उत्पादों के माध्यम से स्वास्थ्य संरक्षण का कार्य।
ग्वाल शक्ति सेना – 5000 गोव्रती युवाओं के माध्यम से 1 करोड़ गो भक्तों को जोड़ने का लक्ष्य।
धेनु शक्ति संघ – मातृशक्ति को गोसेवा से जोड़ने के लिए 5 हजार महिलाओं की भागीदारी।

क्या भारत में गोमाता को सर्वोच्च स्थान मिलेगा?

गौसेवा आंदोलन के तहत ग्वाल शक्ति सेना एवं धेनु शक्ति संघ संकल्पित हैं कि “हम अपने प्राण दे देंगे, लेकिन गोमाता पर आँच नहीं आने देंगे।” यह राष्ट्रीय स्तर का आंदोलन क्या भारत में गोमाता को सर्वोच्च स्थान दिलाने में सफल होगा? इसका उत्तर आने वाले समय में मिलेगा।

⏩ 332 वें दिवस पर झालावाड़ जिले के रटलाई निवासी राजवैद्य स्वर्गीय पण्डित रेवा शंकर जी शर्मा के परिवारजन में पुत्र वैद्य नरेन्द्र कुमार शर्मा, पौत्र भावेश शर्मा, आशुतोष शर्मा, भानेज धर्मेन्द्र कुमार एवं श्रीमती संगीता शर्मा,श्रीमती अनुसूईया एवं मनीष शर्मा आदि अतिथि उपस्थित रहें

 ⏩ 332 वे दिवस पर चुनरी यात्रा राजस्थान  के श्री गंगानगर जिले से :  एक वर्षीय गोकृपा कथा के 332 वें दिवस पर चुनरी यात्रा राजस्थान के सीमाव्रती जिला श्री गंगानगर  से दयाराम , तेजपाल ,मेघाराम , हंसराज ,रामचंद्र ,कृष्णलाल , नंदराम  के साथ श्रीमती कलावती देवी,श्रीमती कैलाश देवी,श्रीमती सुमन देवी,श्रीमती मैना देवी,श्रीमती गीता देवी एवं श्रीमती निर्मला देवी  आदि मातृशक्ति  ने सम्पूर्ण विश्व के जन कल्याण के लिए  गाजे बाजे के साथ भगवती गोमाता के लिए चुनरी  लेकर पधारे और कथा मंच पर विराजित भगवती गोमाता को चुनरी ओढ़ाई एवं गोमाता का पूजन कर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज से आशीर्वाद लिया  और अंत में सभी ने गो पूजन करके यज्ञशाला की परिक्रमा एवं गोष्ठ में गोसेवा करके सभी ने गोव्रती महाप्रसाद ग्रहण किया।

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