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‘उड़ान’ एक प्रतिभा खोज : “मंदिरों के वाद्य यंत्र केवल ध्वनि नहीं, स्वास्थ्य और आध्यात्मिक ऊर्जा के स्रोत – संगीत और ज्ञान का अद्भुत संगम कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार श्री कुमरावत का प्रेरक उद्बोधन

“संगीत केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि आत्मा की अभिव्यक्ति और आध्यात्मिक उन्नति का माध्यम है” – उड़ान कार्यक्रम में राजेश कुमरावत का संबोधन

जनमत जागरण @ सोयतकलां। नगर की प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्था कालिदास हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित “उड़ान : एक प्रतिभा खोज” कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने अपनी कला, संगीत और ज्ञान की अद्भुत प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर विद्यालय के बच्चों ने शानदार प्रस्तुतियां दीं, जिसमें प्रथम स्थान खुशबू प्रजापत, द्वितीय स्थान ख्याति भावसार, एवं तृतीय स्थान अंकित दांगी ने प्राप्त किया। इसके साथ ही कार्यक्रम में आयोजित “सामान्य ज्ञान प्रश्न मंच प्रतियोगिता” में प्रथम स्थान कनक गुप्ता एवं द्वितीय स्थान कृष्णा राठौर ने प्राप्त किया।

संगीत आत्मा की भाषा है – अतिथि उद्बोधन

कार्यक्रम में उपस्थित विशेष अतिथि एवं वरिष्ठ पत्रकार राजेश कुमरावत ने अपने प्रभावशाली उद्बोधन में कहा कि “संगीत केवल एक कला नहीं, बल्कि आत्मा की गूंज और भावना की अभिव्यक्ति है। यह हमारी संवेदनाओं को सुरों में ढाल देता है और आत्मा से सीधा संवाद करता है।” उन्होंने बताया कि यह प्रतियोगिता केवल एक प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि बच्चों के सपनों को उड़ान देने का एक उत्सव है।

उन्होंने संगीत की वैज्ञानिक और आध्यात्मिक शक्ति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मंदिरों में बजने वाले घंटे, घड़ियाल, नाद, झांझ और मंजीरे केवल धार्मिक रस्मों का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि इनके पीछे गहरी वैज्ञानिक और आध्यात्मिक वजहें हैं। ये ध्वनियाँ हमारे शरीर की ऊर्जा तरंगों को संतुलित करती हैं और कई प्रकार के शारीरिक एवं मानसिक रोगों से मुक्ति दिलाने में सहायक होती हैं।

उन्होंने बताया कि –
✔️ घंटे और घड़ियाल की ध्वनि वातावरण को शुद्ध करने के साथ-साथ मानसिक तनाव और अवसाद को कम करती है।
✔️ शंख नाद फेफड़ों की एक्सरसाइज कर सांस संबंधी रोगों में लाभकारी होता है और प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।
✔️ झांझ और मंजीरे की टंकार दिमाग को शांत करती है, डिप्रेशन दूर करती है और अनिद्रा से राहत दिलाती है।

बच्चों की प्रतिभा को सराहा गया

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे शासकीय महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. महेश बंसिया ने कहा कि विद्यालय के बच्चों ने एक से बढ़कर एक अद्भुत प्रस्तुतियां दीं, जो भविष्य में उनके उज्ज्वल करियर का मार्ग प्रशस्त करेंगी। उन्होंने शिक्षकों की मेहनत की भी सराहना की और कहा कि “विद्यार्थियों की सफलता के पीछे शिक्षकों की अनथक मेहनत होती है, जिसका यह परिणाम है।”

इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. हरीश पाटीदार, विशेष अतिथि मनीष जैन, वरिष्ठ पत्रकार मिथलेश भावसार, सामाजिक कार्यकर्ता संतोष भावसार, समिति सदस्य सीताराम राठौर सहित नगर के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। विद्यालय के संचालक श्री चिंतामण राठौर और प्राचार्य श्रीमती निलांजना राठौर ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के शिक्षक अर्जुन शर्मा एवं विशाल चंदेल द्वारा किया गया। अंत में विद्यालय परिवार को इस सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए श्री कुमरावत ने कहा कि यह सुरों का सफर यूं ही चलता रहे।

(रिपोर्ट : जनमत जागरण न्यूज़)

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