समाज को संभालना होगा, नहीं तो रोटी-बेटी के साथ माँ को भी बचाना पड़ेगा – मुनि सागर जी

अमरकोट के नेमिधाम में भव्य रथयात्रा एवं वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव सम्पन्न
जनमत जागरण DHARMA @ सुसनेर से दीपक जैन। क्षेत्र के ग्राम अमरकोट स्थित प्राचीन दिगंबर जैन तीर्थ नेमिधाम में तीन दिवसीय रथयात्रा एवं वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव का समापन भव्य आयोजन के साथ हुआ। इस पावन अवसर पर समाधिस्थ मुनि भूतबलि सागर जी महाराज के शिष्य मुनि मौन सागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में श्रद्धालु समाज उपस्थित रहा। महोत्सव का आयोजन सकल दिगंबर जैन समाज एवं पूर्णिमा महोत्सव समिति, अमरकोट द्वारा किया गया।

क्या कहा मुनि सागर जी महाराज ने?

समारोह में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए मुनि सागर जी महाराज ने समाज को एकजुट रहने की सीख दी। उन्होंने कहा—
➡️ “समाज का समाज में रहना आवश्यक है, तभी वह सुरक्षित रहेगा।”
➡️ “अब रोटी और बेटी बचाने के साथ माँ को बचाने जैसी स्थिति आने वाली है।”
➡️ “समाज को एकजुट होकर अपनी परंपराओं और मूल्यों की रक्षा करनी होगी।”
➡️ “शादियां लाखों रुपये खर्च करके बड़े गार्डनों में करने की बजाय तीर्थ क्षेत्रों पर करें, इससे तीर्थों का पोषण होगा और अनावश्यक खर्च से बचाव होगा।”
मुनि मौन सागर जी का संदेश

मुनि मौन सागर जी महाराज ने समाज के नैतिक उत्थान और धार्मिक जीवन पर बल देते हुए कहा कि “धर्म से जुड़कर ही समाज का सही मार्गदर्शन संभव है।” उन्होंने जैन धर्म के मूल सिद्धांतों को अपनाने की अपील की।
बेटी और समाज का संतुलन— ब्रह्मचारिणी मंजुला दीदी

संघस्थ ब्रह्मचारिणी मंजुला दीदी ने अपने वक्तव्य में कहा—
➡️ “समाज को अपनी सामाजिक व्यवस्था को सुदृढ़ करना होगा।”
➡️ “गांव की बेटी गाँव में और समाज की बेटी समाज में ही रहे, यह सुनिश्चित करना आवश्यक है।”
➡️ “सद्गुणों को अपनाकर हम समाज को एक नई दिशा दे सकते हैं।”
श्रीजी की भव्य रथयात्रा ने भरा श्रद्धा का रंग

महोत्सव में श्रद्धालुओं ने भगवान के अभिषेक, शांतिधारा, नित्यनियम पूजन और मंडल विधान पूजन किया। इसके बाद बैंड-बाजों एवं धूमधाम के साथ भव्य रथयात्रा निकाली गई।

➡️ रथ में श्रीजी विराजमान थे और इन्द्र-इन्द्राणी बग्गियों में सवार थे।
➡️ श्रद्धालु नाचते-गाते पूरे ग्राम में धर्म का संदेश फैलाते हुए चले।
➡️ समापन पर पांडुक शिला पर श्रीजी का विशेष अभिषेक किया गया।
“अगली बार डामर सड़क पर मिलेंगे”— पूर्व विधायक का आश्वासन

मुनि श्री ने अपने प्रवचन के दौरान अमरकोट तक पहुँचने के मार्ग की दुर्दशा पर चिंता जताई। इस पर पूर्व विधायक बद्रीलाल सोनी ने आश्वासन दिया—
“मैं पूरी कोशिश करूंगा कि अगली बार जब हम मिलें, तो डामर रोड पर मिलें।”
महोत्सव में देशभर से उमड़े श्रद्धालु
➡️ मध्यप्रदेश और राजस्थान के सुसनेर, सोयत, मोड़ी, ताखला, धरोला, सेमलखेड़ी, नलखेड़ा, आगर, कानड़, उज्जैन, इंदौर, भोपाल, झालावाड़, कडोदिया, रटलाई, पाटन, पिड़ावा, जयपुर, उदयपुर, भवानीमंडी सहित कई स्थानों से श्रद्धालु पहुंचे।
➡️ नेमिधाम ग्रुप, इंदौर द्वारा वात्सल्य भोज का आयोजन हुआ।
➡️ संचालन अशोक जैन मामा ने किया एवं आभार समिति संयोजक मुकेश साँवला ने व्यक्त किया।
समाज के संतों ने दिए यह महत्वपूर्ण संदेश

✅ मुनि सागर जी – “अब रोटी-बेटी के साथ माँ को भी बचाने की जरूरत है।”
✅ मुनि मौन सागर जी – “धर्म से जुड़कर ही समाज का उत्थान संभव है।”
✅ ब्रह्मचारिणी मंजुला दीदी – “गांव की बेटी गाँव में और समाज की बेटी समाज में ही रहे।”
✅ पूर्व विधायक बद्रीलाल सोनी – “अगली बार डामर सड़क पर मिलेंगे।”
क्या संदेश लेकर जा रहा यह आयोजन?
➡️ समाज को अपनी जड़ों से जुड़े रहने की प्रेरणा।
➡️ धार्मिक आयोजनों को भव्यता देने की सीख।
➡️ फिजूलखर्ची से बचने और तीर्थों को पोषित करने की सलाह।
➡️ बेटियों और मातृशक्ति की रक्षा का संदेश।
➡️ समाज के सामूहिक उत्थान के लिए एकजुटता की अपील।



