अलौकिक कामधेनु गो अभ्यारणआगर मालवादेशमध्यप्रदेश

“भारत की आत्मा में बसती है गौ और गांव, लेकिन कौन कर रहा है सनातन संस्कृति को कमजोर?”

क्या गौ रक्षा के लिए हथियार उठाना होगा? जानिए स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज का संदेश

जनमत जागरण @ सुसनेर। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा प्रदेश के निराश्रित गोवंश के संरक्षण हेतु “गोवंश रक्षा वर्ष” घोषित किया गया है। इसके तहत मालवा क्षेत्र में स्थित श्री कामधेनु गो अभयारण्य में 344वें दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज ने आयुध दिवस पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि “सनातन संस्कृति में विश्व बंधुत्व की भावना है, लेकिन यदि कोई गोमाता पर बुरी नज़र डाले, तो हमें पीछे नहीं हटना चाहिए। यदि गो रक्षा के लिए हथियार रखना पड़े, तो रखना चाहिए।”

“गौ माता को आज तक सम्मान नहीं मिला”

स्वामीजी ने कहा कि 78 वर्षों में भी गौ माता को उचित सम्मान नहीं मिला। शंकराचार्य महाराज ने 17 मार्च को गौ माता की प्रतिष्ठा के लिए शासन से वार्ता की अनुमति मांगी, लेकिन अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने सवाल उठाया कि “दिल्ली में मुस्लिम वक्फ को लेकर आंदोलन हो सकता है, लेकिन गौ माता के सम्मान के लिए बात करने से रोका जाता है?” उन्होंने आग्रह किया कि समाज को गौ माता के संरक्षण के लिए आगे आना चाहिए।

“भारत की आत्मा में गौ और गांव बसते हैं”

संत कमलेश शास्त्री जी महाराज ने अपने आशीर्वचन में कहा कि “भारत की आत्मा में गौ और गांव बसते हैं, लेकिन विधर्मियों ने हमें जाति-पाति में बांटकर हमारी सनातन संस्कृति को कमजोर किया है।” उन्होंने कहा कि “स्वच्छता करने वाले समाज को तोड़ने के षड्यंत्र रचे जा रहे हैं, जबकि समाज की सेवा करने वाले श्रेष्ठ होते हैं।”

“भारतीय गौवंश की उपेक्षा से बढ़ रहीं असाध्य बीमारियां”

गोवत्स गौरव गोपाल महाराज ने बताया कि “श्वेत क्रांति” के नाम पर भारतीय गौवंश की उपेक्षा की गई, जिससे विदेशी नस्ल के जर्सी और हाइब्रिड पशुओं को बढ़ावा मिला। इससे तमोगुण और कैंसर जैसी बीमारियों में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि अब उत्तम नस्ल के नंदी तैयार कर गौशालाओं को उपलब्ध कराना होगा, जिससे भारतीय गौवंश का संवर्धन किया जा सके।

ग्वाल शक्ति सेना का लक्ष्य 1 करोड़ गोव्रती कार्यकर्ता

गोवत्स गौरव गोपाल महाराज ने बताया कि गाय माता को आदर, आश्रय, आहार, औषधि, आनंद, आज़ादी एवं आलिंगन दिलाने के लिए “ग्वाल शक्ति सेना” का गठन किया गया है। इसमें 5000 कार्यकर्ताओं के माध्यम से 1 करोड़ गोव्रती कार्यकर्ताओं को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

“भगवती गौ माता के लिए चुनरी यात्रा”

इस मौके पर उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश, हरियाणा, मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों से चुनरी यात्रा निकाली गई। श्रद्धालुओं ने गाजे-बाजे के साथ भगवती गौ माता को चुनरी अर्पित की और पूजन कर आशीर्वाद लिया।

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