अलौकिक कामधेनु गो अभ्यारणआगर मालवादेशमध्यप्रदेश

क्या मुख्यमंत्री के जन्मदिवस से शुरू होगा गो आराधना महोत्सव का समापन? उपसंहार उत्सव में संतों का दिव्य सान्निध्य

जनमत जागरण @ सुसनेर। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा घोषित “गोवंश रक्षा वर्ष” के अंतर्गत श्री कामधेनु गो अभयारण्य, मालवा में जारी एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव अब समापन की ओर है। इस महोत्सव का उपसंहार उत्सव 25 मार्च, पापमोचनी एकादशी से प्रारंभ होगा, जो मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के जन्मदिवस से संयोगवश जुड़ गया है।

स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि अब समय आ गया है कि भावुकता से नहीं, बल्कि योजनाबद्ध तरीके से गोसेवा की जाए। उन्होंने कहा,
“हमें न तो च्यूइंग गम की तरह चूसने देना है और न ही फटाखे की तरह फोड़कर खत्म होने देना है। बल्कि हमें ऐसा संगठित प्रयास करना होगा, जिससे गौमाता की सुरक्षा एवं सेवा सहज हो जाए।”

उपसंहार उत्सव में संतों का दिव्य सान्निध्य

महामहोत्सव के उपसंहार उत्सव में 27 मार्च को भानपुरा पीठ के शंकराचार्य पूज्य ज्ञानानंद तीर्थ महाराज, 02 अप्रैल को सुमेरू पीठ के शंकराचार्य पूज्य नरेंद्रानंद सरस्वती महाराज, साध्वी ऋतंभरा दीदी, साध्वी प्रज्ञा जी, साध्वी उमा भारती जी सहित अनेक संत महात्मा आशीर्वाद प्रदान करेंगे।

गोमाता के सम्मान के लिए संगठित प्रयास आवश्यक – गोपाल परिवार संघ

गोपाल परिवार संघ के संजय गोपाल ने कहा कि गौमाता को राष्ट्रमाता का सम्मान दिलाने के लिए सभी सनातनियों को एकजुट होना होगा। उन्होंने बताया कि धेनु शक्ति संघ एवं ग्वाल शक्ति सेना के माध्यम से 5-5 हजार गोव्रती कार्यकर्ताओं द्वारा एक करोड़ लोगों को जोड़ने का संकल्प लिया गया है

346वें दिवस पर चुनरी यात्रा का भव्य आयोजन

इस अवसर पर दिल्ली, उत्तर प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और मध्यप्रदेश से गौभक्त चुनरी यात्रा लेकर पहुंचे। श्री गोपाल गोसेवा दल, मथुरा-वृंदावन, गुजरात और राजस्थान के श्रद्धालु विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने भगवती गोमाता को चुनरी ओढ़ाकर पूजन किया और स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया। अंत में गोष्ठ में गोसेवा कर गोव्रती महाप्रसाद ग्रहण किया गया

👉 अब देखना यह है कि क्या मुख्यमंत्री के जन्मदिवस से शुरू हो रहे इस उपसंहार उत्सव से गोसेवा आंदोलन को और गति मिलेगी?

Related Articles

error: Content is protected !!