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“4.95 करोड़ की ठगी! कोर्ट का बड़ा फैसला – जानिए क्या हुई सजा?”


4.95 करोड़ की ठगी! कोर्ट का बड़ा फैसला – जानिए क्या हुई सजा?

जनमत जागरण @ नलखेड़ा, आगर मालवा: साजिश, धोखाधड़ी और करोड़ों की ठगी – मध्य प्रदेश के नलखेड़ा में हुए एक सनसनीखेज जालसाजी मामले में न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। 4 करोड़ 95 लाख रुपये की ठगी के इस केस में दो आरोपियों को 7-7 साल की कठोर सजा और आर्थिक दंड दिया गया है। कोर्ट के इस फैसले ने आर्थिक अपराधियों के खिलाफ एक कड़ा संदेश दिया है।

क्या है पूरा मामला?

साल 2019 में फरियादी अब्दुल राजीक ने मोहम्मद जुबेर और मोहम्मद अब्दुल सलाम से एक भूमि सौदे के तहत 4.51 करोड़ रुपये का भुगतान किया। सौदे के अनुसार, जमीन की रजिस्ट्री होनी थी, लेकिन आरोपियों ने रजिस्ट्री करने से इनकार कर दिया।

यहीं से शुरू हुई ठगी की असली कहानी—पंचायत बुलाकर आरोपियों ने 44 लाख रुपये और वसूल लिए, लेकिन फिर भी रजिस्ट्री नहीं की। जब फरियादी को एहसास हुआ कि यह एक सोची-समझी धोखाधड़ी है, तो उन्होंने कानूनी कार्रवाई का फैसला किया

कोर्ट ने क्या कहा?

लंबी कानूनी प्रक्रिया और जांच के बाद कोर्ट ने दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया और निम्नलिखित सजा सुनाई:

मोहम्मद जुबेर (40 वर्ष, नलखेड़ा) को सजा:

  • धारा 467 (जालसाजी) – 07 साल की सजा, ₹5000 जुर्माना
  • धारा 420 (धोखाधड़ी) – 03 साल की सजा, ₹2000 जुर्माना
  • धारा 201 (सबूत मिटाने की साजिश) – 02 साल की सजा, ₹1000 जुर्माना
  • धारा 421 (अवैध धन छिपाना) – 01 साल की सजा, ₹1000 जुर्माना
  • धारा 406 (अमानत में खयानत) – 02 साल की सजा, ₹1000 जुर्माना

मोहम्मद अब्दुल सलाम (35 वर्ष, नलखेड़ा) को सजा:

  • धारा 46707 साल की सजा, ₹5000 जुर्माना
  • धारा 42003 साल की सजा, ₹2000 जुर्माना
  • धारा 20102 साल की सजा, ₹1000 जुर्माना

क्या है इस फैसले का संदेश?

इस केस ने यह साबित कर दिया कि कानून के सामने कोई भी अपराधी बच नहीं सकता4.95 करोड़ की धोखाधड़ी में कोर्ट के कड़े फैसले ने उन लोगों को सतर्क कर दिया है, जो बिना जांच-पड़ताल किए किसी भी वित्तीय सौदे में शामिल हो जाते हैं।

अब बड़ा सवाल यह है कि क्या ऐसे आर्थिक अपराधों के खिलाफ कानून और सख्त होंगे? यह देखना बाकी है, लेकिन यह स्पष्ट है कि अब ठगी करने वालों के लिए कोई रास्ता नहीं बचा!

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