संघ के पंच संकल्पों की प्रेरणा से जागा राष्ट्र भाव — प्रभात शाखा के वार्षिक उत्सव में गूंजा ‘संघ ही समाधान’ का स्वर

डॉ. हेडगेवार तरुण व्यवसायी प्रभात शाखा, सुसनेर का वार्षिकोत्सव हुआ संपन्न | खंड संघ संचालक पाटीदार बोले – संघ केवल संगठन नहीं, संस्कार और स्वाभिमान का संगम है
जनमत जागरण @ सुसनेर।
“हमारा उद्देश्य केवल भारत को स्वतंत्र कराना नहीं था, उसे स्वाभिमानी, संस्कारी और शक्तिशाली बनाना था। यही भाव संघ के प्रत्येक स्वयंसेवक में समाया हुआ है।” — यह प्रेरणास्पद उद्गार शुक्रवार को आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की डॉ. हेडगेवार तरुण व्यवसायी प्रभात शाखा के वार्षिक उत्सव कार्यक्रम में खंड संघ संचालक श्री द्वारकीलाल पाटीदार ने व्यक्त किए।

◆ कार्यक्रम स्थल: सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, नवीन बस स्टैंड के समीप, सुसनेर
◆ उपस्थिति: नगरवासियों, युवाओं, गणवेशधारी स्वयंसेवकों की प्रभावशाली भागीदारी
◆ संघ ध्वज को समर्पित परिक्रमा और शारीरिक कार्यक्रमों से जागृत हुआ राष्ट्रभक्ति का ज्वार
➤ मुख्य वक्तव्य में श्री पाटीदार ने कहा— “संघ ने उस समय बीजारोपण किया, जब देश आत्महीनता से जूझ रहा था। डॉ. हेडगेवार जी ने जाति, पंथ, भाषा की सीमाओं को तोड़कर ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की नींव रखी। आज वही संगठन वटवृक्ष बनकर राष्ट्र को दिशा दे रहा है।”

❖ शताब्दी वर्ष में पंच परिवर्तन संकल्पों का आह्वान
खंड संघ संचालक ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष में लिए गए ‘पंच परिवर्तन’ के संकल्पों को विस्तार से समझाया—
➤ कुटुंब प्रबोधन – परिवार में संवाद, मूल्य और संस्कार
➤ सामाजिक समरसता – भेदभाव रहित समावेशी समाज
➤ पर्यावरण स्वावलंबन – प्रकृति के प्रति उत्तरदायित्व
➤ नागरिक आचरण – कर्तव्यनिष्ठ नागरिकता
➤ स्व का बोध (स्वदेशी) – आत्मनिर्भर और देशज जीवनशैली
उन्होंने स्पष्ट कहा कि – “इन संकल्पों को दैनिक जीवन में अपनाकर ही राष्ट्र परम वैभव की दिशा में अग्रसर हो सकता है। संघ का प्रत्येक स्वयंसेवक इस यज्ञ का यजमान है।”
◆ स्वयंसेवकों का अनुशासन और ऊर्जा बना आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम में प्रभात शाखा के स्वयंसेवकों ने पूर्ण गणवेश में विविध शारीरिक गतिविधियों का अनुशासित प्रदर्शन कर उपस्थित जनसमुदाय को प्रभावित किया।
➤ मुख्य शिक्षक श्री टेकचंद गेहलोत के निर्देशन में योग, सूर्य नमस्कार, दंड प्रयोग, गण समता, सामूहिक गीत, पद विन्यास, और पवित्र भगवा ध्वज की प्रदक्षिणा जैसे अभ्यास प्रस्तुत किए गए। इन कार्यक्रमों ने समाज में शक्ति, सेवा और संस्कार की भावना को जीवंत किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता भारतीय स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक श्री कमलेश कुमार सिन्हा ने की। उनके साथ मंच पर शाखा कार्यवाह सुरेश कुमार जोशी, , एकल गीत प्रस्तुतकर्ता डॉ. जितेंद्र श्रोत्रिय, सामूहिक गीत संचालक जितेंद्र गेहलोत और अमृत वचन प्रस्तुतकर्ता शैलेंद्र जगताप की सम्मानजनक उपस्थिति रही। नगर कार्यवाह सर्वेश कंठाली ने अतिथियों का परिचय करवाया।
◆ आयोजन की सफलता में नगरवासियों की महती भूमिका
कार्यक्रम में नगर के सभी वर्गों से बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया। पूरे आयोजन का वातावरण भाव, भक्ति और राष्ट्रभाव से ओत-प्रोत रहा। कार्यक्रम का समापन संघ प्रार्थना के साथ हुआ।



