सावधान! साइबर ठगों की नई चाल: आगर कलेक्टर की फोटो लगाकर साइबर ठग कर रहे फर्जीवाड़ा, व्हाट्सएप पर मांग रहे पैसे

व्हाट्सएप बना साइबर ठगी का नया हथियार—कलेक्टर के नाम पर भेजे जा रहे फर्जी मैसेज
जनमत जागरण @ आगर मालवा ।
अब ठगों की ठगी भी हाईटेक हो गई है। आधुनिक तकनीक का सहारा लेकर साइबर अपराधी अब जिले के उच्च अधिकारियों की पहचान का दुरुपयोग कर आम नागरिकों को जाल में फंसा रहे हैं।
ताजा मामला आगर मालवा जिले का है, जहां साइबर ठगों ने जिला कलेक्टर श्री राघवेंद्र सिंह की तस्वीर को व्हाट्सएप डीपी पर लगाकर, लोगों से पैसे की मांग करना शुरू कर दी।
साइबर ठगों ने मोबाइल नंबर 7292 997 206 एवं 7299 996 997 से व्हाट्सएप के माध्यम से लोगों को ₹75,000 में फर्नीचर एवं घरेलू सामग्री खरीदने का लालच देकर ठगने की कोशिश की है। यह पूरी कार्यवाही बेहद सुनियोजित ढंग से की गई, ताकि लोग भ्रमित होकर पैसे ट्रांसफर कर दें।
इस गम्भीर प्रकरण को देखते हुए जिला कलेक्टर श्री राघवेंद्र सिंह ने जिले के नागरिकों से अपील की है कि—
- इस तरह के साइबर ठगों से सावधान रहें।
- फर्जी नंबरों से कॉल या मैसेज आने पर उन्हें तुरंत ब्लॉक करें।
- किसी भी व्यक्ति द्वारा कलेक्टर या किसी सरकारी अधिकारी के नाम पर पैसे मांगे जाने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें।
सामाजिक चेतावनी:
यह केवल एक व्यक्ति को निशाना बनाने की बात नहीं है—यह पूरा समाज और उसकी डिजिटल सुरक्षा पर हमला है। अगर हम आज सजग नहीं हुए, तो कल कोई और आपकी पहचान का उपयोग करके दूसरों को ठग सकता है।
सार्थक चिंतन:
तकनीक जहां एक ओर जीवन को सरल बना रही है, वहीं दूसरी ओर धोखे का नया जाल भी बनती जा रही है।
यह घटना हमें चेताती है कि अब ‘डिजिटल साक्षरता’ केवल तकनीकी ज्ञान नहीं, सुरक्षा की पहली शर्त बन चुकी है।
जागरूकता ही बचाव है।
अब समय आ गया है जब समाज को सिर्फ स्मार्टफोन नहीं, स्मार्ट सोच की भी ज़रूरत है।



