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आस्थाअलौकिक कामधेनु गो अभ्यारणआगर मालवामध्यप्रदेश

कमलेश शास्त्री का तीखा बयान – “धर्म पूछकर गोली चलती है तो हम सामान क्यों न धर्म देखकर लें”


सालरिया में श्रीरामकथा में गूंजा राष्ट्रधर्म का स्वर

कमलेश शास्त्री बोले – जब वे धर्म पूछकर गोली चला सकते हैं, तो हम धर्म पूछकर सामान क्यों न खरीदें!

जनमत जागरण @ सुसनेर । जनपद सुसनेर की ग्राम पंचायत सालरिया में नव निर्मित शनि देव एवं नवग्रह मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के अंतर्गत चल रही सप्त दिवसीय श्रीराम कथा के द्वितीय दिवस पर श्रीराम कथा प्रवक्ता वागड़, क्रांतिकारी विचारक कमलेश भाई शास्त्री ने धर्म, राष्ट्र और समाज को जोड़ते हुए भावनात्मक एवं विचारोत्तेजक उद्बोधन दिया।

शास्त्रीजी ने श्रीराम कथा को कलियुग की कामधेनु बताते हुए कहा – “जो राम जैसा बनता है, वही प्रभु की कृपा का पात्र बनता है।” उन्होंने कहा कि जब ‘राम’ उल्टा होता है तो सब उल्टा हो जाता है, और जब ‘राम’ सीधा होता है तो जीवन भी सीधा हो जाता है।

सनातन संस्कृति पर सुनियोजित हमले का जिक्र करते हुए उन्होंने पहलगांव आतंकी घटना को एक षड्यंत्र बताते हुए कहा – “जब हमारे देश में धर्म पूछकर निर्दोषों को गोलियों से भून दिया जा सकता है, तो सनातनियों को भी अब यह तय करना होगा कि वे धर्म देखकर ही सामान खरीदें। यह एक छोटा-सा निर्णय उनके आर्थिक ढांचे को तोड़ सकता है।”

उन्होंने वामपंथी ताकतों और पाकिस्तान समर्थित आतंकी सोच को देश के लिए खतरा बताते हुए सरकार से आग्रह किया कि “अब समय आ गया है पाकिस्तान को सबक सिखाने का। यदि केवल धर्म पीठों को आदेश दे दिया जाए तो संत समाज ही पाकिस्तान का अंत कर सकता है।”

कमलेश शास्त्री ने कहा – “आजादी का नाम हमारे लिए छल साबित हुआ है। जब देश धर्म के आधार पर बंटा था, तो उस समय धर्मविरोधी तत्वों को रोका क्यों नहीं गया? अब समय है राष्ट्र व्यवस्था को रामकथा के साथ जोड़ने का। रामराज्य की स्थापना परिवार की नींव से शुरू होती है – जैसे शिव-पार्वती के बीच श्रद्धा और विश्वास था, वैसे ही आज के परिवारों को जीना होगा।”

महोत्सव के अवसर पर प्रातः 08 से 11 बजे एवं सायं 04 से 06 बजे तक आयोजित 21 कुंडीय शिव शक्ति महायज्ञ में यज्ञाचार्य पंडित केदारदत्त व्यास (हिम्मतगढ़, राजस्थान) एवं उपाचार्य पंडित मांगीलाल व्यास (सरखेड़ी, राजस्थान) के सान्निध्य में वैदिक विधि अनुसार अग्नि स्थापना, आवासिक देव पूजन, वेद पाठ एवं यज्ञाहुति संपन्न हुई।



“श्रीराम कथा राष्ट्र निर्माण की नींव है, और आज यह फिर से जागरण का शंखनाद कर रही है” – कमलेश शास्त्री

जनमत जागरण @ सालरिया (सुसनेर) ।

पहले दिवस (23 अप्रैल) को कथा का शुभारंभ सामाजिक समरसता और राष्ट्र चेतना के आह्वान के साथ हुआ। “मैं एक चौकीदार की भूमिका में आप सबको जगाने आया हूं – जागते रहो, लड़ो मत, एक रहो, नेक रहो” जैसी पंक्तियों से उन्होंने कथा को सिर्फ आध्यात्मिक नहीं, सामाजिक आंदोलन का माध्यम बनाया।

विवादस्पद लेकिन मुखर बयान:
आज के द्वितीय दिवस पर पहलगांव आतंकी हमले की पृष्ठभूमि में कमलेश शास्त्री ने एक भावनात्मक और कटाक्ष भरा सवाल उठाया –
“जब वे धर्म पूछकर गोली चला सकते हैं, तो क्या हम धर्म पूछकर सामान भी नहीं खरीद सकते?”
उन्होंने कहा कि यह घटना सामान्य नहीं बल्कि भारत को तोड़ने का सुनियोजित षड्यंत्र है। “हमारा धर्म पूछकर हमें मारा जा रहा है, और हमें ही सहिष्णुता का प्रमाण देना पड़ रहा है। अब समय आ गया है कि हम जात-पात छोड़कर संगठित हो जाएं।”

कथा स्थल पर आध्यात्मिक आयोजनों की श्रृंखला:
सुबह और शाम दो पारियों में चल रहे 21 कुंडीय शिवशक्ति महायज्ञ में यज्ञाचार्य पं. केदारदत्त व्यास (हिम्मतगढ़) और पं. मांगीलाल व्यास (सरखेड़ी) के सानिध्य में वेदपाठ, अग्निस्थापन और आहुतियाँ दी जा रही हैं।
30 अप्रैल अक्षय तृतीया को प्राण प्रतिष्ठा और पूर्णाहुति संपन्न होगी।



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