“इंदौर की शूटिंग एकेडमी में हिंदू बेटियों को निशाना बना रहा था कोच मोहसिन खान – बजरंग दल ने किया बड़ा खुलासा”

“निशाने पर सपने: जब लक्ष्य ओलंपिक था, लेकिन शिकारी पहले से घात लगाए बैठे थे…”
इंदौर की चमकती शूटिंग एकेडमियों में बेटियाँ राइफल से निशाना साध रही थीं, लेकिन उन्हें क्या पता था कि वहाँ कोई और भी था, जो निशाना साध रहा था – उनकी मासूमियत, उनकी मर्यादा और उनके सपनों पर। यह घटना सिर्फ एक अकादमी की दीवारों के भीतर घटी कोई छिटपुट घटना नहीं, बल्कि उन ‘सुनियोजित साज़िशों’ की एक कड़ी है, जिनमें लव जिहाद की बू है और सिमी जैसे विचारधारात्मक ज़हर की छाया।
जब कोच की आड़ में कोई ‘कट्टरता का एजेंट’ खेल के मैदान में घुस आए और अपने विकृत इरादों को ‘प्रशिक्षण’ का नाम दे दे, तब समझ लीजिए – यह खेल नहीं, एक सुनियोजित मानसिक युद्ध है।
बजरंग दल के खुलासे और पीड़िता की कराहती गवाही हमें चेतावनी देती है कि यह सिर्फ इंदौर की कहानी नहीं, यह पूरे समाज की आंखें खोलने वाली सच्चाई है।
और अब उसी सच्चाई का परदा उठाता है इंदौर की चमकती शूटिंग एकेडमी में घटित यह चौंकाने वाला घटनाक्रम…

विशेष रिपोर्ट | इंदौर @ जनमत जागरण
चमकती शूटिंग अकादमी के पीछे छिपी अंधेरी सच्चाई
बजरंग दल के खुलासे से हड़कंप, पीड़िता ने बताई आपबीती – इंदौर की शांति को चीरती साजिश की परतें
“वो सिर्फ मेरी ट्रेनिंग नहीं देखता था, वो मेरी मजबूरी पढ़ रहा था… और मैं डर के मारे चुप थी…”

इंदौर की एक उभरती हुई युवती जो शूटिंग में करियर बनाना चाहती थी, उसके सपनों का केंद्र बनी एक प्रतिष्ठित शूटिंग अकादमी – अब सवालों के घेरे में है। मामला सतह पर तब आया जब बजरंग दल ने इस अकादमी में चल रहे कथित ‘लव जिहाद’ की आशंका को लेकर प्रदर्शन किया और पुलिस के साथ मिलकर पूरा घटनाक्रम उजागर किया।
पुलिस थाने पहुँची पीड़िता, पास्को एक्ट में केस दर्ज

इंदौर के अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र की ड्रीम ओलंपिक शूटिंग एकेडमी में छेड़छाड़ का आरोप सामने आने के बाद मंगलवार रात हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ता पीड़िता छात्रा को लेकर थाने पहुँचे। छात्रा ने कोच मोहसिन खान पर गंभीर आरोप लगाए कि वह अकेली नहीं, बल्कि कई छात्राओं के साथ इसी तरह की अश्लील हरकत कर चुका है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पॉक्सो एक्ट सहित आईपीसी की कई धाराओं में एफआईआर दर्ज की। आरोपी मोहसिन खान इंदौर की सिल्वर ऑक्स कॉलोनी का निवासी है। वहीं, उसका भाई भी राऊ क्षेत्र के एक प्रतिष्ठित स्कूल में शूटिंग कोच के रूप में कार्यरत है, जिसे लेकर भी अब जांच की मांग उठने लगी है।

घटना की शुरुआत: पीड़िता की जुबानी
पीड़िता ने बताया कि मोहसिन खान नाम का व्यक्ति, जो कोच बनकर उसके सपनों का मार्गदर्शक बना था, असल में उसे मानसिक रूप से जकड़ रहा था।
“शुरुआत में सब अच्छा था, लेकिन फिर उसके सवाल बदलने लगे… उसके मैसेज… उसके बुलाने का तरीका… और फिर वह एक कमरे में अकेले बुलाने लगा…”
यह सिलसिला महीनों चला। पीड़िता ने डर और सामाजिक बदनामी के कारण शुरुआत में कोई शिकायत नहीं की। लेकिन जब उसे लगा कि यह सिर्फ उसी के साथ नहीं हो रहा, तो उसने साहस कर परिवार और फिर बजरंग दल से संपर्क किया।
बजरंग दल का दावा – सुनियोजित साजिश!
बजरंग दल के पदाधिकारियों ने दावा किया है कि यह अकेले मोहसिन खान का मामला नहीं है। यह शूटिंग अकादमी सिर्फ खेल का मैदान नहीं, बल्कि बहकावे का अड्डा बन चुकी थी।
“हमें कई छात्रों और अभिभावकों से फीडबैक मिला था। यह एक सुनियोजित साजिश लग रही है, जिसमें युवतियों को धर्म परिवर्तन और दुष्कर्म के जाल में फँसाया जा रहा था।” – स्थानीय संयोजक, बजरंग दल
उनकी सूचना पर पुलिस भी सक्रिय हुई और कोच मोहसिन को हिरासत में लिया गया।
अकादमी की भूमिका पर भी उठे सवाल
सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या अकादमी प्रशासन को इन गतिविधियों की भनक नहीं थी? या फिर जानबूझकर आँख मूंदे बैठा था? पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि कुछ प्रशिक्षकों ने उसे चुप रहने की सलाह दी थी।
पुलिस जांच जारी, प्रशासन दबाव में
मामला अब गंभीर जांच के दायरे में है। पुलिस मोहसिन के मोबाइल, चैट्स और सोशल मीडिया प्रोफाइल को खंगाल रही है। साथ ही यह भी जाँच हो रही है कि कहीं और भी युवतियाँ तो शिकार नहीं हुईं।
समाज के लिए सबक
यह घटना सिर्फ एक लड़की की आपबीती नहीं, यह आधुनिक खेल और करियर के नाम पर लड़कियों को बहकाने की गहरी साजिश की चेतावनी है। माता-पिता को चाहिए कि वे बच्चों की ट्रेनिंग और कोचिंग में न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक माहौल पर भी सतर्क नज़र रखें।
निष्कर्ष: क्या करेंगे हम अब?
यदि समाज ने इस घटना से सबक नहीं लिया, तो हर शहर की कोई न कोई अकादमी ऐसी साज़िशों की शिकार बन सकती है। हमें इस घटना को “एक स्टिंग ऑपरेशन की तरह नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता के प्रतीक की तरह देखना होगा।”



