सपना साकार: मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए बनेगा विमलधाम!जैन समाज ने दान और समर्पण से किया भूमि पूजन, नेशनल हाईवे पर बनेगा चैत्यालय और हॉल

कम खर्च में श्रेष्ठ विवाह, संत निवास और चैत्यालय – 6 बीघा में बनेगा ‘विमलधाम’!
धार्मिक आस्था जब सेवा का संकल्प बनती है, तो जन्म लेता है ऐसा पुण्य कार्य – ‘विमलधाम’!
समर्पण, श्रद्धा और समाज सेवा की त्रिवेणी में स्नान करते दानदाताओं ने जैन संस्कृति को समर्पित किया नवधाम का स्वप्न
जब धर्म के प्रति आस्था केवल पूजा-पाठ तक सीमित न रहकर समाजहित में रूपांतरित हो जाती है, तब निर्माण होते हैं ऐसे तीर्थ – जो आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरणा देते हैं। सुसनेर के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग पर आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी महाराज के सान्निध्य और आशीर्वाद से “विमलधाम” का शुभारंभ हुआ – एक ऐसा धर्मस्थल, जहां संयम, संस्कृति और समाज सेवा का सुंदर समागम होगा। वृक्षारोपण और मंत्रोच्चार के साथ हुए इस भूमि पूजन कार्यक्रम में समाज के दानवीरों ने पुण्य के इस कार्य को अपना संकल्प बना लिया।

जनमत जागरण @ सुसनेर।
मध्यमवर्गीय और सामान्य परिवारों के विवाह आयोजनों को साधारण बजट में भव्य स्वरूप देने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल हुई है। नगर से 12 किलोमीटर दूर सोयत रोड नेशनल हाईवे पर आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी महाराज के पावन सान्निध्य और प्रेरणा से ‘विमलधाम’ का निर्माण आरंभ हुआ है। शुक्रवार सुबह सामूहिक वृक्षारोपण और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भूमि पूजन एवं शिलान्यास संपन्न हुआ।
क्या होगा विमलधाम में खास?
6 बीघा भूमि पर विकसित हो रहे इस धार्मिक एवं सामाजिक परिसर में:
🔸 6000 वर्गफीट का टिनशेड हॉल
🔸 20 सर्वसुविधायुक्त अतिथि कक्ष
🔸 विमलनाथ दिगम्बर जैन चैत्यालय (मंदिर)
🔸 संत निवास का निर्माण किया जाएगा।
विवाह आयोजन मात्र ₹2,51,000 में संभव
रमेश जयपद और विनोद जैन ने जानकारी दी कि उज्जैन की तपोभूमि की तर्ज पर निर्मित इस परिसर में विवाह आयोजन के लिए कुल ₹2,51,000 की राशि निर्धारित की गई है। यह राशि न केवल फिजूलखर्ची को रोकेगी, बल्कि उसी से धार्मिक धाम के संचालन और विस्तार में सहयोग मिलेगा।
समर्पण और सहयोग की मिसाल बनी समाज की भावना
भूमि पूजन के अवसर पर समाज के अनेक दानदाताओं ने आगे आकर निर्माण कार्य हेतु योगदान की घोषणाएं कीं। विशेष रूप से संत निवास का संपूर्ण व्यय गुजरात बड़ौदरा के श्रावक मदनभाई रूपेंद्रभाई हुम्मड़ द्वारा वहन किया जाएगा।
वहीं, 3 लाख 1 हजार रुपए प्रति कक्ष के हिसाब से प्रस्तावित 20 में से 11 कक्षों के निर्माण के लिए कैलाशचंद्र जैन, कोमलचंद जैन, त्रिलोकचंद जैन, महावीर कुमार जैन, पारस कुमार जैन, शैलेंद्र सिंघाई, विनोद जैन, गोकुलचंद जैन, दिनेश कुमार जैन, भानु कुमार जैन और त्रिलोकचंद जैन (धतरावदा) ने सहयोग की सहमति दी।

कार्यक्रम में रहा आत्मीयता और समर्पण का वातावरण
भूमि पूजन कार्यक्रम में आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी ने उपस्थित समाजजनों को संबोधित करते हुए कहा कि यह धाम न केवल वैवाहिक आयोजनों का केंद्र बनेगा, बल्कि यह जैन संस्कृति के प्रचार-प्रसार और संतों के विश्राम स्थल के रूप में भी समर्पित रहेगा। संचालन अशोक जैन ‘मामा’ ने किया और आभार त्रिमूर्ति ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष महावीर जैन सालारिया ने माना।
समाज की इस अभिनव पहल की जानकारी समाजसेवी जनमत जागरण रिपोर्टर दीपक जैन ने दी।



