अलौकिक कामधेनु गो अभ्यारणआगर मालवाइनोवेशन एण्ड यूमध्यप्रदेश

“विश्व का पहला गो अभयारण्य बना प्रदेश का गौरव – भोपाल में आचार्य श्री विद्यासागर गो सेवा सम्मान से होगा सम्मानित”

🌿 विश्व की गोसंस्कृति का ध्वजवाहक बना सुसनेर का गो अभयारण्य

प्रदेश सरकार करेगी सम्मान – एक वर्ष की वेदलक्षणा गो आराधना का मिला पुण्य प्रतिफल

जनमत जागरण @ सुसनेर/19 जून।
जहां गाय केवल पशु नहीं, अपितु संस्कृति, संवेदना और सभ्यता की जननी हो – वहां गोसेवा केवल सेवा नहीं, बल्कि संकल्प होती है। ऐसा ही एक संकल्प, एक प्रयोग, एक आराधना बनी सुसनेर जनपद की पुण्यभूमि – जहां विश्व का प्रथम गो अभयारण्य केवल गौ संरक्षण का केंद्र नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक चेतना का जाग्रत तीर्थ बनकर उभरा। इसी गो आराधना की पुण्यगाथा अब सम्मान के रूप में मुखरित होने जा रही है।


मुख्यमंत्री निवास पर मिलेगा आचार्य श्री विद्यासागर ‘जीव दया गो सेवा’ सम्मान

भोपाल में 20 जून को प्रदेश स्तरीय गौपालक सम्मेलन में होगा भव्य अलंकरण समारोह

वर्ष 2023-24 में समर्पित गो सेवा कार्यों के लिए मध्यप्रदेश शासन द्वारा स्थापित एवं श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा के सान्निध्य में संचालित विश्व का प्रथम गो अभयारण्य प्रदेश स्तर पर उच्चतम श्रेणी के ‘आचार्य श्री विद्यासागर जीव दया (गोसेवा) सम्मान’ से सम्मानित किया जाएगा। यह अलंकरण 20 जून को मुख्यमंत्री निवास, भोपाल में आयोजित मध्यप्रदेश गौपालक सम्मेलन के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा प्रदान किया जाएगा।

इस अवसर पर श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा के कार्यपालन अधिकारी आलोक सिंहल, प्रबंध न्यासी अम्बा लाल सुथार, श्री कामधेनु गो अभयारण्य के प्रबंध न्यासी डॉ. विक्रम सिंह परिहार एवं प्रबंधक शिवराज शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।


सम्मान प्राप्त करने वाली संस्थाओं में सुसनेर गो अभयारण्य को पहला स्थान

मध्यप्रदेश शासन द्वारा घोषित संस्थागत पुरस्कारों की सूची में आगर मालवा जिले के सुसनेर स्थित विश्व के प्रथम गो अभयारण्य को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।
इसके अतिरिक्त –

  • द्वितीय स्थान : आचार्य श्री विद्यासागर दयोदय पशु सेवा केंद्र, तेंदूखेड़ा (दमोह)
  • तृतीय स्थान : कपिला गोशाला कल्याण सेवा आश्रम ट्रस्ट, अमरकंटक (अनूपपुर)
    सांत्वना पुरस्कार : रायसेन, छिंदवाड़ा, विदिशा और हरदा जिलों की उत्कृष्ट गोशालाओं को दिया जाएगा।

गौरवपूर्ण इतिहास और गोसेवा की तपस्या बनी मानक

ज्ञात हो कि सुसनेर जनपद स्थित इस गो अभयारण्य की आधारशिला वर्ष 2012 में परम पूज्य सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के कर कमलों से संपन्न हुई थी। मध्यप्रदेश गो संवर्धन बोर्ड के माध्यम से वर्ष 2017 से इसका संचालन प्रारंभ हुआ। 01 जनवरी 2023 से इसका पूर्ण उत्तरदायित्व श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा ने संभाला।

विशेष बात यह है कि वर्ष 2024-25 (विक्रम संवत 2081-2082) को प्रदेश सरकार द्वारा ‘गोवंश रक्षा वर्ष’ के रूप में मनाया गया, जिसके अंतर्गत यहाँ पूरे एक वर्ष तक वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव का भव्य आयोजन हुआ। इस कालखंड में पूज्य स्वामी गोपालानंद सरस्वती जी महाराज के दिव्य मार्गदर्शन में गो कृपा वेद-लक्षणा कथा का सजीव प्रसारण आस्था टीवी, धेनु टीवी, गोधाम चैनल सहित अनेक माध्यमों से हुआ।


मुख्यमंत्री ने मनाया था जन्मदिवस 7000 गौमाताओं के मध्य

इस एक वर्षीय आराधना महाकुंभ में स्वयं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दो बार पधारे और अपने 61वें जन्मदिवस का उत्सव 7000 गौमाताओं के बीच मनाया — यह घटना प्रदेश ही नहीं, पूरे देश में गोसंवेदना की ऐतिहासिक मिसाल बनी।


✍️ निष्कर्ष –
यह सम्मान केवल एक संस्था का नहीं, बल्कि संपूर्ण गोपरंपरा, सनातन चेतना और भारतीय संस्कृति की पुनर्प्रतिष्ठा का सम्मान है। जनमत जागरण इस पुनीत अवसर पर पूज्य गोसेवक संतों, गोभक्तों और प्रदेश सरकार को अभिनंदन अर्पित करता है।


Related Articles

error: Content is protected !!