“आगर में शासकीय राशि गबन की जांच शुरू – पत्रकार की शिकायत पर प्रशासन ने गठित की समिति”

हाईस्कूल को दिए गए लाखों की राशि के उपयोग पर उठा सवाल, 7 दिन में देनी होगी रिपोर्ट
✍️ किसके इशारों पर बंटे ‘सरकारी खजाने’ के पत्ते? शिकायत के बाद खुली पोल, अब जांच टीम करेगी पर्दाफाश!
📰 “शासन की राशि में गड़बड़ी की जांच शुरू”। 📌 सार्थक पड़ताल | जनमत जागरण एक्सक्लूसिव दस्तावेज़ रिपोर्ट 📍 आगर-मालवा @ विशेष संवाददाता
सवाल यही है—क्या शासकीय धन अब किसी की ‘मरज़ी’ से बंटेगा?
क्या जनप्रतिनिधियों की पहुंच ‘जवाबदेही’ से ऊपर हो चुकी है?
और क्या “बड़े साहब” अब नियमों को जेब में रखकर चलते हैं?

इन सभी सवालों के जवाब खोजने के लिए अब बाकायदा जिला पंचायत आगर-मालवा ने शासन के धन के गबन और गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की जांच का संशोधित आदेश जारी किया है।
पत्र क्रमांक 2025/1790 में दर्ज इस आदेश में कहा गया है कि आर.सी. खंदार (रामचन्द्र खंदार) के माध्यम से संचालित हाईस्कूल आगर शहर को (अभी वर्तमान में प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी आगर मालवा ) द्वारा अपने प्रभाव का उपयोग कर शासन से लाखों रुपये की राशि स्वीकृत करवा कर गबन किया गया।
और चौंकाने वाली बात यह है कि यह शिकायत खुद सज्जन बोड़ाना पत्रकार द्वारा साक्ष्यों सहित की गई, जिसमें स्पष्ट रूप से आरोप लगाए गए कि राशि का उपयोग न तो नियम अनुसार हुआ और न ही बच्चों तक पहुंची!
अब सवाल ये हैं:
- किसके दबाव में शासकीय अनुदान बांटे गए?
- क्या अधिकारियों ने आंखें मूंद रखी थीं या उनकी भी ‘संलिप्तता’ है?
- और क्या यह केवल एक मामला है या ‘सिस्टम’ में फैल चुकी सड़ांध की एक झलक?
जांच टीम गठित – क्या निकलेगा सच?
कलेक्टर की मंजूरी से गठित जांच टीम में शामिल हैं:
- सुश्री किरण बरबडे , डिप्टी कलेक्टर
- श्री मनीष सोलंकी, जिला कोषालय अधिकारी
दोनों अधिकारियों को सात दिनों के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
पर असली सवाल यही है—क्या यह जांच सिर्फ एक खानापूर्ति है या वाकई शासन की प्रतिष्ठा और जनता के धन की रक्षा का गंभीर प्रयास?

जनता पूछ रही है – किसकी जेब में गया उसका हक?
अब देखना है कि इस जांच का क्या परिणाम निकलता है—
क्या दोषियों पर होगी कार्रवाई?
या फिर ये भी एक ‘फाइल’ बनकर सरकारी अलमारी में धूल फांकता रहेगा?
जनमत जागरण इसकी हर परत उघाड़ेगा… सवाल पूछता रहेगा… और जवाब लेगा!
⚖️ डिस्क्लेमर :
यह रिपोर्ट कार्यालय जिला पंचायत आगर-मालवा द्वारा जारी शासकीय आदेश क्रमांक 2025/1790 दिनांक 16.06.2025 पर आधारित है। इसमें वर्णित विवरण संबंधित दस्तावेज़ में उल्लिखित तथ्यों एवं जांच आदेशों के आधार पर प्रकाशित किए गए हैं। जनमत जागरण इस रिपोर्ट के माध्यम से किसी भी पक्ष विशेष को पूर्वग्रहपूर्वक दोषी ठहराने का प्रयास नहीं कर रहा है। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित निष्कर्ष प्रशासन द्वारा निर्धारित किए जाएंगे। हमारा उद्देश्य केवल लोकहित में सूचनाओं को जागरूकता हेतु प्रस्तुत करना है।



