सुसनेर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 51.22 ग्राम स्मैक के साथ तस्कर गिरफ्तार, ₹5 लाख से अधिक का मशरूका जब्त

अवैध नशे के खिलाफ सुसनेर पुलिस की बड़ी कार्यवाही
51.22 ग्राम स्मैक के साथ तस्कर गिरफ्तार, ₹5 लाख से अधिक का मशरूका जब्त
सुसनेर (जनमत जागरण)। जिले में नशे के कारोबार को नेस्तनाबूद करने की दिशा में सुसनेर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सोमवार-मंगलवार की रात्रि को थाना सुसनेर पुलिस टीम ने 51.22 ग्राम स्मैक के साथ एक शातिर तस्कर को धर दबोचा। जब्त की गई स्मैक की अनुमानित कीमत ₹5 लाख से अधिक बताई गई है।
यह कार्यवाही पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार सिंह द्वारा नशा तस्करों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रविन्द्र कुमार बोयट एवं एसडीओपी सुसनेर देवनारायण यादव के निर्देशन में थाना प्रभारी सुश्री केशर राजपूत के नेतृत्व में यह कार्रवाई अंजाम दी गई।
घटना का संक्षिप्त विवरण
दिनांक 23 जून 2025 की रात्रि को पुलिस को विश्वसनीय सूचना प्राप्त हुई कि विश्वकर्मा मंदिर, बिजली ग्रिड के पास, सुसनेर-मोडी बायपास पर एक संदिग्ध युवक स्मैक लेकर खड़ा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तत्परता से मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और संदिग्ध युवक को पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम फिरोज खान पिता मोहम्मद हारून खान, निवासी नयापीठा, इंदौर बताया।
जप्त मशरूका विवरण
- 51.22 ग्राम स्मैक – अनुमानित कीमत ₹5,00,000
- नगद राशि – ₹500
- कुल जब्ती – ₹5,00,500/-
पुलिस ने आरोपी के पास से एक आधार कार्ड की छायाप्रति भी बरामद की। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि यह स्मैक उसे गोविंद पिता घनश्याम बंशिया, निवासी ग्राम मोडी से प्राप्त हुई थी। इस पर गोविंद को सह-आरोपी बनाया गया है और मामले में धारा 8/29 NDPS एक्ट जोड़ी गई है।
प्रकरण का विधिक विवरण
- अपराध क्रमांक: 148/2025
- धारा: 8/21, 8/29 NDPS Act
- थाना: सुसनेर, जिला आगर मालवा
गिरफ्तार आरोपी का विवरण
- नाम: फिरोज खान
- पिता का नाम: मोहम्मद हारून खान
- उम्र: 43 वर्ष
- निवास: नयापीठा, इंदौर
टीम की सराहनीय भूमिका
इस सफलता में थाना प्रभारी सुश्री केशर राजपूत के साथ-साथ उप निरीक्षक आलोक परेटिया, सहायक उप निरीक्षक धर्मेन्द्र पाटीदार, प्रधान आरक्षक जगदीश गुजराती, हरीश यादव, दिलीप मीणा एवं आरक्षक देवेंद्र गुर्जर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
✍️ सार्थक दृष्टिकोण से – संपादक की टिप्पणी
नशे का कारोबार केवल कानून का नहीं, बल्कि समाज की चेतना का प्रश्न है। सुसनेर पुलिस की यह कार्रवाई केवल एक तस्कर की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य को बचाने की दिशा में एक साहसिक कदम है। हमें ऐसी सजग पुलिस व्यवस्था का न केवल समर्थन करना चाहिए, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक को भी इस लड़ाई में भागीदार बनना होगा।



