“गायमाता जीवन का दिव्य तत्त्व – सालरिया गो अभयारण्य में अमावस्या सत्संग में स्वामी गोपालानंद सरस्वती का संदेश”

गायमाता – जीवन का अद्भुत तत्त्व, अमावस्या का पावन पर्व और गोसेवा की प्रेरणा
सालरिया गो अभयारण्य में मासिक सत्संग, पूज्य स्वामी गोपालानंद सरस्वती का भावपूर्ण संदेश
जनमत जागरण @ सुसनेर।
मध्यप्रदेश शासन द्वारा स्थापित एवं पथमेड़ा श्रीगोधाम महातीर्थ से अभिसिंचित, विश्व के प्रथम गो अभयारण्य सालरिया में आषाढ़ी अमावस्या के पावन अवसर पर मासिक सत्संग का आयोजन भाव-भक्ति एवं दिव्यता के वातावरण में सम्पन्न हुआ। पूज्य गोऋषि स्वामी दत्ताशरणानंद जी महाराज के पावन सान्निध्य में, पूज्य स्वामी गोपालानंद सरस्वती जी महाराज एवं गो अभयारण्य के प्रबंध न्यासी डॉ. विक्रम सिंह द्वारा भगवती गोमाता, भगवान दत्तात्रेय एवं करणी माता की पूजन आरती कर सत्संग का शुभारंभ किया गया।
गायमाता का अद्भुत रहस्य – अमावस्या की पुण्य वेला में स्वामीजी का उद्घोष
सत्संग में स्वामी गोपालानंद सरस्वती जी ने कहा –
“गायमाता तो हमारे जीवन का अद्भुत एवं निराला तत्त्व है। वह जहां खड़ी होकर ‘मां’ कहती है, वहां लक्ष्मी का वास हो जाता है। उसकी सेवा से बैकुंठ की प्राप्ति होती है।”
उन्होंने आषाढ़ी अमावस्या को प्रकृति का विशेष दिन बताते हुए कहा कि गायमाता सृष्टि का मूल आधार हैं, और अमावस्या की शक्ति के साथ उनका संबंध अत्यंत रहस्यमय एवं आध्यात्मिक है। उन्होंने कहा कि सात हजार गौमाताओं के मध्य सत्संग करना अपने आप में दुर्लभ पुण्य का अवसर है।
गायमाता – पराक्रम की शक्ति और सात्विक ऊर्जा की दात्री
स्वामीजी ने आगे कहा –
“गायमाता हमें सात्विक पराक्रम देती हैं। उनकी आंखें, सींग, स्पर्श, जुगाली – सब हमारे जीवन में शुद्धता और सात्विक शक्ति भरते हैं।”
उन्होंने व्यसनमुक्त जीवन की प्रेरणा देते हुए आह्वान किया कि हर घर में एक गायमाता की सेवा का संकल्प लें, विशेषतः अमावस्या जैसे पावन अवसर पर।
10 जुलाई से चातुर्मास आराधना महोत्सव का निमंत्रण
स्वामीजी ने सभी गोभक्तों को सूचित किया कि
👉 10 जुलाई से 6 सितंबर 2025 तक अभिनव ब्रज मंडल श्री मनोरमा गोलोक तीर्थ नंदगांव (सिरोही) में गो-गोवर्धन कृपा चातुर्मास आराधना महोत्सव आयोजित होगा। सभी भक्तों को इस पुण्य अनुष्ठान में सहभागी बनने का आमंत्रण दिया गया।
सेवा भाव और सम्मान समारोह
सत्संग उपरांत प्रसादी के आयोजक रोडू सिंह तंवर, प्रधानाचार्य – सरस्वती शिशु मंदिर, ननोरा को गोमाता की छवि व उपरना ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।
सरस्वती शिशु मंदिर स्टाफ एवं बड़ौद तहसील के टोंकड़ा ग्राम के युवाओं द्वारा राधा-कृष्ण छवि भेंट कर पूज्य स्वामीजी से आशीर्वाद प्राप्त किया गया।
गोसेवा सम्मान और व्यक्तित्व विकास शिविर का उल्लेखनीय आयोजन
अभयारण्य प्रबंधक शिवराज शर्मा ने बताया कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा गोसेवा पुरस्कार से सालरिया गोअभयारण्य को सम्मानित किया गया।
साथ ही कामधेनु गुरुकुलम एवं सूर्या फाउंडेशन, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में 10 दिवसीय व्यक्तित्व विकास शिविर का सफल आयोजन भी अभयारण्य में हुआ। इस हेतु जेपी सर एवं संपूर्ण सूर्या टीम का आभार प्रकट किया गया।
कार्यक्रम का समापन गोव्रती महाप्रसादी के साथ हुआ, जिसमें सभी गोभक्तों ने भाग लिया।
📌 सार्थक संपादकीय टिप्पणी
“गाय केवल पशु नहीं, हमारी संस्कृति का प्राणतत्व है।”
गोपालानंद सरस्वती जी का संदेश न केवल आध्यात्मिक है बल्कि वर्तमान पीढ़ी के लिए एक दिशा है। गायमाता के प्रति सम्मान और सेवा का भाव यदि हम जीवन में आत्मसात कर लें, तो समाज में सात्विकता, शक्ति और सुख की पुनर्स्थापना संभव है।
– राजेश कुमरावत ‘सार्थक’, संपादक – जनमत जागरण



