“सुसनेर: अशोक जैन ‘मामा’ निर्विरोध अध्यक्ष मनोनीत, सकल दिगंबर जैन समाज ने सर्वसम्मति से किया चयन”

समाज की एकता का प्रतीक बना यह चयन
अशोक जैन ‘मामा’ निर्विरोध अध्यक्ष मनोनीत — पूरे जैन समाज ने जताया विश्वास

सुसनेर @ जनमत जागरण
समाज तब प्रगति करता है जब नेतृत्व सामूहिक विश्वास से जन्म ले। शनिवार रात्रि को सुसनेर के समस्त दिगम्बर जैन समाज ने यही मिसाल कायम की। एक ऐतिहासिक बैठक में समाजसेवी अशोक जैन ‘मामा’ को सर्वसम्मति से श्री त्रिमूर्ति मंदिर ट्रस्ट का निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया।
यह निर्णय केवल एक पद का नहीं, अपितु समाज में एकता, समर्पण और सद्भाव के संकल्प का प्रतीक बन गया।
तीन संस्थाओं की सामूहिक पहल
यह बैठक श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर, श्री चंद्रप्रभु दिगम्बर जैन छोटा मंदिर और श्री दर्शन सागर दिगम्बर जैन ज्ञान मंदिर विद्यालय समिति — इन तीनों की संयुक्त अगुवाई में संपन्न हुई।
समिति अध्यक्ष मनीष जैन खुपवाला ने जब श्री अशोक जैन ‘मामा’ के नाम का प्रस्ताव रखा, तो उपस्थित समाजजनों ने तालियों की गड़गड़ाहट से समर्थन कर अपने विश्वास की मुहर लगा दी।

समाज की एकजुटता का संदेश
बैठक में जितेंद्र साँवला, पारस जैन मोड़ी वाला, दिलीप पांडे, मुकेश चौधरी, राकेश जैन (मेडिकल), चांदमल जैन, राजेंद्र जैन गुड्डा, संतोष जैन विद्यार्थी, कैलाश जैन (खजांची), डॉ. सौरभ जैन, मनीष जैन मंटा सहित समाज के अनेक प्रतिनिधियों ने विचार रखे और अशोक जैन को अपना पूर्ण समर्थन दिया।
संचालन दिलीप जैन सारंगयाखेड़ी ने किया और प्रस्ताव वाचन प्रकाशचंद जैन (सारंगयाखेड़ी) ने किया।
सादगी में बसी गरिमा: स्वागत और बधाइयाँ

नवनियुक्त अध्यक्ष का तिलक कर व दुपट्टा ओढ़ाकर समाजजनों ने अभिनंदन किया। अशोक जैन ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे पूर्ण निष्ठा, पारदर्शिता और समाजहित को प्राथमिकता देते हुए अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे।
सोशल मीडिया पर भी बधाइयों का तांता
जैसे ही यह समाचार प्रसारित हुआ, सोशल मीडिया पर बधाइयों की बाढ़ आ गई। सैकड़ों समाजजनों ने नवनियुक्त अध्यक्ष को शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
एक वर्ष का अंतराल – अब स्थायित्व की नई शुरुआत
ज्ञात हो कि पूर्व ट्रस्ट के समस्त पदाधिकारियों ने पूर्व में स्वेच्छा से त्यागपत्र दिया था। पिछले एक वर्ष से तीनों संस्थाओं के अध्यक्षों ने मिलकर ट्रस्ट की जिम्मेदारी निभाई। अब समाज ने स्थायित्व और नेतृत्व का मार्ग प्रशस्त करते हुए यह जिम्मेदारी श्री अशोक जैन को सौंपी है।

सार्थक चिंतन
“जब समाज के निर्णय में स्वार्थ नहीं, समर्पण हो – तब नेतृत्व नहीं, भविष्य चुना जाता है।”
📌 रिपोर्टिंग: दीपक जैन, संवाददाता – जनमत जागरण, सुसनेर। 📌 संपादन सहयोग: जनमत जागरण संपादकीय टीम



