सेवा, संवेदना और संकल्प का संगम:भाविप के 68वें स्वास्थ्य शिविर में 150 रोगियों की जांच, 14 को निशुल्क ऑपरेशन की सौगात

सेवा का संस्कार, स्वास्थ्य का संकल्प
भाविप के 68वें स्वास्थ्य शिविर में 150 मरीजों की जांच, 14 के निशुल्क ऑपरेशन चयनित
🩺 आयुष्मान योजना के अंतर्गत ₹5 लाख तक की निःशुल्क चिकित्सा अमलतास हॉस्पिटल करेगा उपलब्ध
जनमत जागरण @सुसनेर।
“मानव सेवा ही नारायण सेवा है” — इसी मूल मंत्र को साकार करते हुए भारत विकास परिषद (भाविप) विक्रमादित्य शाखा आगर एवं सुसनेर के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को 68वां विशाल स्वास्थ्य शिविर सरस्वती शिशु मंदिर परिसर में संपन्न हुआ। अमलतास हॉस्पिटल, देवास के सहयोग से आयोजित इस सेवा-प्रकल्प में 150 से अधिक रोगियों की जांच विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा की गई और आवश्यकतानुसार निःशुल्क दवाइयाँ भी वितरित की गईं।

इस शिविर की विशेष उपलब्धि रही — 14 गंभीर रोगियों का चयन निःशुल्क ऑपरेशन हेतु, जिनका संपूर्ण इलाज ₹5 लाख तक आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत अमलतास हॉस्पिटल द्वारा किया जाएगा। यह जानकारी अमलतास हॉस्पिटल के मार्केटिंग हेड अश्विन तंवर एवं डॉ. विशाल पाटीदार ने दी।
कार्यक्रम में सुसनेर खंड संघचालक द्वारकीलाल पाटीदार, भाविप संरक्षक डॉ. संदीप चोपड़ा, डॉ. रौनक एलची एवं अध्यक्षता कर रहे संस्था संरक्षक भगवान शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का संचालन शिविर संयोजक द्वारका दास लड्ढा ने किया और आभार प्रदर्शन वरिष्ठ अधिवक्ता रूपनारायण श्रीवास्तव द्वारा किया गया।
भाविप के सेवा-संकल्प की पृष्ठभूमि साझा करते हुए डॉ. सी.पी. पाटीदार ने बताया कि संस्था का कार्यक्षेत्र मुख्यतः पिछड़ी बस्तियों एवं ग्रामीण अंचलों तक फैला है। अब तक आयोजित 67 शिविरों के माध्यम से संस्था 5,700 से अधिक निःशुल्क ऑपरेशन करवा चुकी है — यह केवल आंकड़ा नहीं, अपितु समाज की नब्ज़ पर संवेदना की पट्टी रखने का प्रयास है।

शिविर में सेवाएं देने वाले विशेषज्ञ डॉक्टरों में शामिल रहे –
डॉ. जी. व्यास, डॉ. रूपेश खत्री, डॉ. जितेंद्र शर्मा, डॉ. राहुल नागर, डॉ. अजय मंडलोई, डॉ. सुनील शर्मा, डॉ. मुस्तफा सिंगापुरवाला, डॉ. स्वप्निल पेंडारकर, डॉ. सुरेश समदानी, सहित लगभग 30 से अधिक चिकित्सकों ने अपना बहुमूल्य समय और सेवा अर्पित की।
कार्यक्रम की सफलता में पुरुषोत्तम मोदानी, राणा महेन्द्र सिंह, संदीप जैन, गजेंद्र सिंह चंद्रावत, मुकेश सांवला, मांगीलाल शर्मा, मुकेश हरदेनिया, अनिल कंठाली, गोविंदराम सोनी सहित अनेकों सेवाभावी कार्यकर्ताओं का योगदान सराहनीय रहा।
सार्थक चिंतन 🪷
“जहां सेवा होती है निःस्वार्थ, वहां समाज होता है स्वस्थ और संस्कारित।”
“स्वास्थ्य शिविर मात्र एक आयोजन नहीं, यह समाज के दुर्बल वर्ग को स्वास्थ्य का अधिकार दिलाने की ईमानदार चेष्टा है।”



