करकड़िया में जलदूतों का सम्मान, जल संरक्षण व वृक्षारोपण की प्रेरणा बनी मां काली मंदिर की पहाड़ी

जल, जीवन और जनजागरण: करकड़िया में जलदूतों का हुआ सम्मान, ग्रामीणों के साथ किया वृक्षारोपण
मां काली मंदिर परिसर में आयोजित हुआ जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम
सुसनेर (जनमत जागरण)।
“जल ही जीवन है” की भावना को साकार करते हुए रविवार को ग्राम करकड़िया (विकासखंड सुसनेर) में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा जलगंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत एक विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया गया। यह आयोजन देहरिया सेक्टर के मां काली मंदिर परिसर में संपन्न हुआ, जिसमें जल संरक्षण और पर्यावरण चेतना के लिए कार्य कर रहे जलदूतों का सम्मान किया गया।
कार्यक्रम के दौरान सभी जलदूतों, ग्रामवासियों और विद्यार्थियों ने मिलकर विभिन्न प्रजातियों के पौधों का सामूहिक रूप से रोपण किया। इस अवसर पर ब्लॉक समन्वयक सत्यनारायण सोनी ने अपने उद्बोधन में कहा—
“पृथ्वी का 71% भाग जल से ढका होने के बावजूद पीने योग्य जल सीमित है, इसलिए जल का संरक्षण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।”
उन्होंने सभी जलदूतों से इस वर्ष वर्षा ऋतु में अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में बालचंद बैरागी द्वारा अतिथियों का पारंपरिक स्वागत तिलक, श्रीफल और अंगवस्त्र भेंट कर किया गया। तत्पश्चात मां काली की सामूहिक आरती व सहभोज भी हुआ।

जल-संरक्षण स्थलों का भ्रमण
परामर्शदाता कैलाश विश्वकर्मा और विष्णु राठौर के नेतृत्व में सीएमसीएलडीपी विद्यार्थियों और जलदूतों को पहाड़ी क्षेत्र में जल संरचना कार्यों जैसे कंटूर खुदाई और वृक्षारोपण क्षेत्रों का अवलोकन भी करवाया गया। उन्होंने जल प्रबंधन की तकनीकी जानकारी साझा कर ग्रामवासियों को प्रेरित किया।
उपस्थित गणमान्य और सहभागी
इस आयोजन में गिरिराज पाटीदार, चुन्नीलाल पाटीदार, आशीष, संतोष सोनी, शिक्षक तुलसीराम बैरागी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सामाजिक समरसता प्रमुख राकेश, प्रदीप राठौर, शुभांजलि राठौर सहित अनेक ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में बालचंद बैरागी ने सभी अतिथियों और सहभागियों का आभार व्यक्त किया।



