“बारिश से पहले कलेक्टर अलर्ट: पुल-पुलिया पर चेतावनी बोर्ड, झूले तारों की मरम्मत और निराश्रित गोवंशों की शिफ्टिंग के निर्देश”

🔹 CM हेल्पलाइन में लापरवाही पर चेतावनी, स्कूलों और आंगनबाड़ियों में स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था भी दुरुस्त करने के निर्देश

जनमत जागरण @ आगर-मालवा। बारिश का मौसम आते ही प्रशासन हरकत में है। कलेक्टर श्री राघवेंद्र सिंह ने सोमवार को समय-सीमा बैठक में अधिकारियों को कई सख्त और संवेदनशील निर्देश दिए। चाहे पुल-पुलियों पर बहाव की स्थिति हो, स्कूली बच्चों की सुरक्षा या झूले हुए विद्युत तारों का खतरा—कलेक्टर ने हर बिंदु पर साफ हिदायतें दीं।
🏞️ पुल-पुलिया पर बोर्ड और स्टाफ की ड्यूटी अनिवार्य
कलेक्टर श्री राघवेंद्र सिंह ने जिले के नदी-नालों की पुल-पुलियाओं और रपटों पर बारिश के दौरान आवागमन पर रोक के निर्देश दिए हैं। ऐसे स्थानों पर संकेतक बोर्ड और मैदानी कर्मचारी तैनात किए जाएं। जलभराव में वाहन चलाने वालों के ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने की चेतावनी दी गई है।
🚌 स्कूली बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि
जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया गया कि बच्चों की सुरक्षा के लिए पानी भरी पुल-पुलियाओं पर स्कूल बसें न चलें। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार ही स्कूली बसों का संचालन हो, लापरवाही पर बस संचालक और चालक पर कार्यवाही की जाएगी।
🧯 बाढ़ से पहले तैयारी और राहत कार्यों में समन्वय जरूरी
कलेक्टर ने कहा कि अतिवृष्टि और बाढ़ की संभावनाओं को लेकर सभी विभाग सतर्क रहें। पुलिस, होमगार्ड और राजस्व विभाग जलभराव की स्थिति में समन्वय से राहत कार्य करें। डेम और तालाबों से पानी छोड़ने से पूर्व निचली बस्तियों को मुनादी द्वारा सूचना दी जाए।
⚡ झूले हुए विद्युत तारों को तुरंत ठीक करें
अधीक्षण यंत्री, विद्युत विभाग को निर्देश दिए गए कि विद्यालय परिसरों और सार्वजनिक स्थलों पर झूलते तारों को तत्काल ठीक करवाया जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में भी ट्रांसफार्मर के आसपास के तार सुधारना अनिवार्य है।
🐄 सड़कों से निराश्रित गोवंश हटाकर गौशालाओं में भेजें
बारिश में दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि निराश्रित गोवंश को गौशालाओं में भेजा जाए। पशुपालन विभाग गौशाला क्षमता अनुसार गोवंश को सुरक्षित स्थानों पर रखे और उसका भौतिक सत्यापन करे।
💧 विद्यालयों में पेयजल, स्वच्छता और टॉयलेट की व्यवस्था सुधारें
शिक्षा विभाग को निर्देशित किया गया कि विद्यालयों में शुद्ध पेयजल, टॉयलेट की सफाई और स्वच्छता का पूरा ध्यान रखा जाए। विद्यार्थियों को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण मिले।
📞 सीएम हेल्पलाइन में देरी पर कार्रवाई तय
कलेक्टर ने ‘सी’ और ‘डी’ ग्रेड में रहने वाले विभागों को चेताया कि शिकायतों का गंभीरता से समाधानकारी निराकरण करें। बिना समाधान के फोर्स क्लोजिंग न करें। समय-सीमा पत्रों और जनसुनवाई आवेदन का जवाब समय पर भेजा जाए।
💰 बैंक ऋण वसूली और किसानों को खाद-बीज की उपलब्धता पर जोर
कलेक्टर ने तहसीलदारों को निर्देश दिए कि बकाया ऋण प्रकरणों की वसूली शिविरों के माध्यम से की जाए। खरीफ सीजन को देखते हुए किसानों के लिए खाद और बीज की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और गुणवत्तापूर्ण कृषि सलाह दी जाए।
🙏 नलखेड़ा मंदिर में भीड़ प्रबंधन और सुविधा व्यवस्था दुरुस्त करें
मां बगलामुखी मंदिर, नलखेड़ा में शनिवार से सोमवार तक आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु स्टाफ की ड्यूटी लगाई जाए। पार्किंग व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए।
👶 आंगनबाड़ी केंद्रों की निगरानी और गुणवत्ता पर विशेष निर्देश
महिला एवं बाल विकास विभाग को निर्देशित किया गया कि आंगनबाड़ी केंद्र नियमित रूप से खुले, बच्चों को गर्म पका भोजन और टीएचआर समय पर दिया जाए। कार्यकर्ताओं के औचक निरीक्षण हों और पिछले सप्ताह बंद रहने वाले केंद्रों को लेकर शोकाज नोटिस जारी किए जाएं।
🗃️ ई-ऑफिस प्रणाली में अधिकारियों की नई मैपिंग हो
जिन अधिकारियों का स्थानांतरण हुआ है, उनकी जानकारी NIC को दी जाए ताकि ई-फाइल सिस्टम में उनकी मैपिंग अपडेट हो सके। फाइलों को नियमानुसार ही भेजा जाए, अधिकारी स्वयं फाइल पुटअप न करें।
📈 स्वरोजगार योजनाओं की समीक्षा और लक्ष्यानुसार कार्य
मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना, संत रविदास योजना, डॉ. अंबेडकर आर्थिक कल्याण योजना, सावित्रीबाई फूले योजना सहित अन्य स्वरोजगार योजनाओं के प्रकरण बनाकर बैंकों को भेजे जाएं।
🌿 सार्थक चिंतन
प्रशासन की सजगता केवल आदेशों में नहीं, उन आदेशों की जनहित में परिणति में झलकती है। बारिश की पहली बूंद जहां जीवन को ताजगी देती है, वहीं लापरवाही उसे संकट में बदल सकती है।
यदि एक चेतावनी बोर्ड किसी मासूम की जान बचा सकता है, यदि झूले तारों को समय रहते ठीक कर देना एक दुर्घटना टाल सकता है, यदि निराश्रित गोवंश की सुरक्षा एक संस्कार बन जाए—तो यही प्रशासनिक कार्यवाही जनता और जनसेवा के बीच की जीवंत कड़ी बनती है।
अब आवश्यकता है कि सभी विभाग, संस्थाएं और नागरिक मिलकर इन निर्देशों को केवल “पालन” न मानें, बल्कि कर्तव्य के रूप में आत्मसात करें।
👉 प्रशासन की पहल तब ही पूर्ण होती है, जब समाज भी उसे संकल्प बनाकर साथ चले।



