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रक्षाबंधन पर स्वच्छता प्रहरी बहनों का सम्मान – एक अनोखी मिसाल, जो रिश्तों के साथ मानवीय मूल्यों को भी जोड़े

रक्षाबंधन पर स्वच्छता प्रहरी बहनों का सम्मान – पूर्व विधायक व पार्षद की पहल बनी मिसाल

जनमत जागरण @ सुसनेर।
त्योहार केवल रस्मों के सिलसिले नहीं होते, वे समाज की आत्मा को छूने और मानवीय रिश्तों को नई दिशा देने का अवसर भी होते हैं। रक्षाबंधन, जो सदियों से भाई-बहन के स्नेह का प्रतीक रहा है, इस बार सुसनेर में एक नई परिभाषा लेकर आया। नगर के पूर्व विधायक बद्रीलाल सोनी और नगर परिषद के पार्षद प्रदीप सोनी ने यह संदेश दिया कि रक्षा केवल बहनों की नहीं, समाज के उन अनदेखे प्रहरी की भी होनी चाहिए, जो दिन-रात हमारे स्वास्थ्य और स्वच्छता की रक्षा करते हैं।

राखी, तिलक और मिठाई के साथ बंधा अपनत्व का बंधन

कार्यक्रम का शुभारंभ परंपरागत रीति से हुआ। स्वच्छता प्रहरी बहनों ने उपस्थित भाजपा परिवार के जनप्रतिनिधियों की कलाई पर राखी बांधी, तिलक किया और मिठाई खिलाकर उनके सुख-समृद्धि व दीर्घायु की कामना की। इस स्नेहिल बंधन के बाद पूर्व विधायक व पार्षद ने बहनों को उपहार और मिठाई भेंट कर उनका अभिनंदन किया।


“यह हमारा कर्तव्य है” – बद्रीलाल सोनी का संदेश

पूर्व विधायक आदरणीय बद्रीलाल सोनी ने कहा – “रक्षाबंधन केवल बहन-भाई का रिश्ता मजबूत करने का पर्व नहीं, बल्कि यह पारस्परिक सम्मान और एक-दूसरे की सुरक्षा व आदर का प्रतीक है। सफाईकर्मी बहनें शहर को स्वच्छ और स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, इसलिए इस दिन उनका सम्मान करना हमारा कर्तव्य है।”


हर साल निभेगी यह परंपरा – प्रदीप सोनी का संकल्प

पार्षद आदरणीय प्रदीप सोनी ने कहा कि इस प्रेरणादायक परंपरा को हर वर्ष निभाया जाएगा, ताकि समाज के प्रत्येक वर्ग तक त्योहार की खुशी और सम्मान का संदेश पहुंचे।


नेताओं से लेकर नागरिकों तक – सबने की सराहना

इस अवसर पर भाजपा जिला महामंत्री गजेंद्रसिंह चंद्रावत, भाजपा मंडल अध्यक्ष सौरभ जैन, मंडल महामंत्री व पार्षद प्रतिनिधि पवन शर्मा, भाजपा जिला मंत्री गिरिजाशंकर राठौर, कमल गर्ग, प्रदीप बजाज सहित नगर के अनेक गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे। सभी ने इस पहल को भाईचारे और सम्मान की मिसाल बताया।


रक्षाबंधन की रौनक – मंदिरों से बाजार तक

नगर के विभिन्न मंदिरों और घरों में सुबह से राखी बांधने का सिलसिला चला। बाजारों में चूड़ियों, राखियों, मिठाइयों और उपहारों की रौनक देखते ही बन रही थी। बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर और भाइयों ने जीवनभर रक्षा का वचन देकर रिश्तों के साथ अपनी जिम्मेदारियों को भी निभाया।


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