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“दुल्हन-सा सजा सुसनेर, शाही ठाट में नगर भ्रमण पर निकले बाबा नीलकंठेश्वर”

भादौ के पहले सोमवार को सुसनेर में भक्तिभाव, आस्था और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। राजसी ठाट-बाट और फूलों से सजी पालकी में विराजमान बाबा नीलकंठेश्वर महादेव नगर भ्रमण पर निकले तो सारा नगर दुल्हन-सा सज उठा, और हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठा।


नगर में भक्ति और उल्लास का संगम

राजसी ठाट बांट से घर-घर दर्शन देने पहुचे बाबा नीलकण्ठेश्वर महादेव

फूलो से सजी पालकी में विराजमान होकर नगर भ्रमण कर जाने अपनी प्रजा के हाल

जनमत जागरण @ सुसनेर। प्रतिवर्ष शिवभक्त मण्डल के तत्वाधान में निकाली जाने वाली बाबा नीलकंठेश्वर और ओम्कारेश्वर महादेव की शाही सवारी इस वर्ष भी भादौ के पहले सोमवार पर निकाली गई। शाही सवारी में बाबा नीलकंठेश्वर महादेव राजसी ठाट बाट से घर-घर दर्शन देने पहुचे। फूलो से सजी पालकी में विराजमान होकर जब नीलकंठेश्वर महादेव अपनी प्रजा के हाल जानने के लिए नगर भ्रमण पर निकले तो नगरवासीयो ने भी पलक पावडे बिछाकर अधिष्ठाता भगवान नीलकंठेश्वर महादेव का स्वागत किया। शाही सवारी के स्वागत में पूरे नगर को दुल्हन की तरह सजाया गया। पालकी में सवार बाबा नीलकंठेश्वर की एक झलक पाने के लिए हजारों की तादाद में भक्तो का जन सैलाब उमड पडा। श्रृद्वालुओ ने अपने-अपने प्रतिष्ठानो व घराे के सामने बाबा के दर्शन कर श्रीफल भेटकर उनका पूजन व आरती कर सुख समृद्धि की कामना का शुभाषीश लिया। शाही सवारी में शामिल भक्तो के मुख से हर-हर महादेव, शिव शंभु, ओम नम: शिवाय, बमबम बोले के जयकारो से पुरा नगर गुंजायमान हो उठा। अलसुबह कंठाल नदी के तट पर मैला ग्राउण्ड स्थित देवी अहिल्याबाई द्वारा स्थापति अतिप्राचीन नीलकंठेश्वर महोदव और ओंकारेश्वर महादेव मंदिर में अतिथियो व समिति सदस्यो के द्वारा बाबा का महारूद्राभिषेक, आकर्षक श्रृंगार कर विशेष पूजन व आरती की गई। उसके पश्चात साढे 12 बजे बाबा के मुखोटै को शिव भक्त मंडल के सदस्यो द्वारा कल्याण जिनिंग फैक्ट्री में लाया गया। जहा से चौसठ माता मंदिर में पूजा अर्चना के बाद विधिवत शाही सवारी की शुरुआत हुई। यहा से बाबा भूतो की बारात और आकर्षक झांकीयो के साथ फुलो से सुसज्जीत पालिकी में अपनी प्रजा का हाल जानने के लिए निकले। सवारी में धर्मपताका, कलाकारो के द्वारा बनाई गई सुन्दर झांकियां, भूतो की बरात, कढाबीन, फूलो की तोप, ताशा, झण्डा मंडलियों के अलावा डीजे, ढोल-ढमाके, बैण्ड-बाजे के साथ धार्मिक भजनो की धुन में नाचते-झुमते युवा शामिल थे। सवारी नगर के प्रमुख मार्ग से होते हुए शाम करीब साढे सात बजे नील कण्ठेश्वर महादेव मंदिर पहुची। जहां शाही सवारी का समापन कर महादेव की महाआरती एवं महाप्रसादी वितरण किया गया। इस अवसर पर सवारी में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरीक तथा आसपास के ग्रामीण क्षैत्रो से आए श्रृद्वालु बडी संख्या में उपस्थित थे। प्रशासन के जिम्मैदार व पुलिस बल पुरी तरह से मुस्तेद रहे।


दुल्हन की तरह सजाया गया नगर

शाही सवारी में नगरवासीयाे के द्वारा नगर को दुल्हन की तरह सजाया गया था। किसी भक्त ने अपने द्वार के आगे स्वागत का मंच तो किसी ने स्वागत द्वार बना रखा था। तो वही पर नगरवासीयो के द्वारा सवारी मार्ग को आकर्षक चमकीली लिग्गीयो व धर्म पताकाओं से सजाया गया था। जगह-जगह बेनर पोस्टर से नगर भरा पडा था। ऐसा लग रहा था मानो पुरा नगर आज दुल्हन बना हुआ हो।


आकर्षक झांकियों और आतिशबाजी ने बांधा समां

शाही सवारी मे सबसे आगे आर्यवीर दल का आखडे में कलाकार हैरतंगैज करतब व दुर्गावाहिनी की बहने अपने शौर्य का प्रदर्शन करते हुए शामिल हुई। उसके पीछे डीजे की धुन पर नाचती गाती युवाओ की टोली उसके बाद ताशा पार्टी, भुतो की बारात, नंदी पर सवार शिव पार्वती, शेषनाग पर लक्ष्मी नारायण, औघड़ रूपधारी युवक, कैलाश पर्वत, अघोरी शिव की झांकी, आदिवासी नृत्य, पंजाबी नृत्य, बैण्ड, ढोल आकर्षक का केन्द्र रहे। आतीशबाजी की तोप व अंत में राजसी ठाट में फुलो से सजी पालकी चल रही थी।


विभिन्न जगहों पर हुआ शाही सवारी का स्वागत

शाही सवारी का राजपूत महासभा, भारतीय किसान संघ, नगर परिषद, विधायक भैरोसिंह परिहार बापू, नप अध्यक्ष, राणा हॉउस, भाजपा मंडल, सौंधिया समाज, फूल माली समाज, गंधर्व समाज, प्रजापति समाज, सौंधिया समाज, स्वर्णकार समाज, बोलबल कावड यात्रा संघ, व्यापारी संघ, साराफा बाजार, इतवारीया बाजार मेें विभिन्न समुदायो के सामाजिक संगठनो, राजनैजतिक दलो, धार्मिक संगठनो व युवा मंचो के माध्यम से स्वल्पाहर ओर पुष्पवर्षा से स्वागत किया गया।


हरि-हर मिलन से गूंजा चंपा मंदिर

शाही सवारी के शुक्रवारिया बाजार में पहुँचने पर श्री गणपति लक्ष्मी नारायण चंपा के मंदिर में हरि हर मिलन हुआ। जोरदार आतिशबाजी के बीच शाही सवारी में विराजमान महादेव व भगवान लक्ष्मी नारायण जी की महाआरती कर प्रसादी का विरतण किया गया।


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