“सोयतकलां में नवरात्रि महोत्सव : 11वें वर्ष श्रीराम सेवा दल ने की माता की मूर्ति स्थापना, 56 भोग और गरबे से गूंजा नगर”

नौ दिनों की आस्था, भक्ति और साधना में डूबा नगर
सोयतकलां में नवरात्रि महोत्सव – माता की मूर्तियों के समक्ष गरबा, नृत्य और 56 भोग के आयोजन

जनमत जागरण @ सोयतकलां से निकुंज कुमरावत।
नवरात्रि के पावन अवसर पर पूरा नगर भक्ति और साधना की डगर पर चलता दिखा। नौ दिनों तक माँ दुर्गा की आराधना करते हुए नगर के हर कोने में दीप, ध्वनि और आस्था का संगम दिखाई दिया। नन्हीं-सी बालिकाओं से लेकर वृद्धजन तक ने माँ के चरणों में गरबा, नृत्य और आराधना कर यह संदेश दिया कि जब समाज एक साथ साधना करता है तो आस्था और संस्कृति और भी प्रखर रूप से खिल उठती है।

श्रीराम सेवा दल शिवाजी नगर सोयतकलां द्वारा लगातार 11वें वर्ष दशहरा मैदान में माता की भव्य मूर्ति की स्थापना की गई। नौ दिनों तक धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच मंगलवार को माता को 56 भोग अर्पित कर कन्या भोज कराया गया। इस दौरान वार्ड क्रमांक 3 समेत नगरवासियों ने तन-मन-धन से सहयोग देकर पुण्य लाभ अर्जित किया। गुरुवार को भव्य शोभायात्रा के साथ नवरात्रि का समापन होगा और माता की प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा।

नगर में केवल एक ही नहीं, बल्कि दर्जनों स्थानों पर माता की स्थापना कर श्रद्धालुओं ने नवरात्रि पर्व को सामूहिक आस्था का रूप दिया। मां चौसठ भक्त मंडल द्वारा चौसठ माता मंदिर परिसर में प्रतिदिन नौ दिनों तक सांस्कृतिक आयोजन व गरबे का आयोजन कर आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया । चौथ माता मंदिर (बिजली बोर्ड के पास), न्यू भावसार कॉलोनी, गरीबदास मोहल्ला सहित अनेक स्थानों पर दिन-रात धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम चलते रहे। वहीं, प्रसिद्ध 64 माता मंदिर पर ग्रामीण क्षेत्रों से चुनर यात्रा लाकर ओड़ाई गई और रात्रिकालीन भक्ति कार्यक्रमों ने वातावरण को मंगलमय बना दिया।

नवरात्रि में गरबे और नृत्य का विशेष महत्व माना जाता है। यह केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि माँ की साधना और सामूहिक एकाग्रता का माध्यम है। माँ के सामने सामूहिक रूप से थिरकते कदम समाज में ऊर्जा, भाईचारा और नवचेतना का संचार करते हैं। यही कारण है कि नौ दिनों की यह साधना नगर को एक नई शक्ति और एकात्मता प्रदान कर गई।




