नंदी की सेवा से मिलता है दस गोमाताओं का पुण्य , जानिए : स्वामी गोपालानंद सरस्वती का चेतना संदेश!

गोसेवा ही सबसे बड़ा धर्म : स्वामी गोपालानंद सरस्वती
“भगवती गोमाता मानव के सकल दुखों का हरण करती हैं” – ग्वाल संत
बड़ौद (आगर), 24 अक्टूबर।
“गो की सेवा से बढ़कर संसार में कोई बड़ा धर्म नहीं है, और गोमाता के चरणों में बैठकर सत्संग सुनना अनंत गुणा पुण्य फल देने वाला होता है।”
यह प्रेरणादायक संदेश 31 वर्षीय गो-पर्यावरण एवं अध्यात्म चेतना पदयात्रा के प्रणेता तथा श्री गोपाल परिवार संघ के संस्थापक, ग्वाल संत पूज्य स्वामी गोपालानंद सरस्वती जी महाराज ने बड़ौद जनपद क्षेत्र स्थित श्री कृष्ण योगेश्वर गोशाला, बरगड़ी में चल रहे एकादश दिवसीय गो नवरात्रि महोत्सव के चतुर्थ दिवस एवं भव्य श्री गो कृपा कथा के तृतीय दिवस पर श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए दिए।
स्वामीजी ने कहा कि आज सनातन समाज अंधविश्वास में जकड़ चुका है, जबकि अंधविश्वास आत्महत्या से भी बड़ा पाप है। उन्होंने कहा कि गो और गोवंश की सेवा ही वास्तविक धर्म है, क्योंकि भगवान भोलेनाथ के वाहन नंदी बाबा स्वयं धर्मस्वरूप हैं।
“आज धर्मस्वरूप नंदी बाबा को हमने घर से बाहर निकाल दिया है, जिसके कारण वे या तो सड़क दुर्घटनाओं में प्राण त्याग रहे हैं या कसाईखानों में बलि चढ़ रहे हैं। इसके दोषी हम स्वयं सनातनी हैं,” — स्वामीजी ने कहा।

उन्होंने आगे कहा कि यदि सनातनी समाज को अपना अस्तित्व बचाना है, तो गोवंश और नंदी की सेवा को जीवन का आधार बनाना होगा।
“एक नंदी की सेवा दस गोमाताओं की सेवा के समान पुण्यदायी है। जिस घर में धर्म होता है, वहीं शांति बसती है।”
इस अवसर पर गो कृपा कथा के तृतीय दिवस के यजमान राजस्थान के झालावाड़ जिले की गंगधार तहसील के रामपुर ठिकाना निवासी चेन सिंह पुत्र मान सिंह एवं उनके परिवार रहे। समिति की ओर से चेन सिंह जी के भ्राता पुट सिंह जी का विशेष सम्मान किया गया।
कार्यक्रम में पूज्य सीताराम जी टाटमबर महाराज (श्रावण), पंडित मांगीलाल शर्मा, विक्रम सिंह (अध्यापक, सरखेड़ी – पिड़ावा), श्री गणेश गोशाला चिपीया के अध्यक्ष रतन सिंह, सचिव नारायण सिंह, देवनारायण गोशाला के अध्यक्ष बहादुर सिंह, नारायण सिंह (सेवा निवृत्त अध्यापक, श्रावण), प्रहलाद सिंह (सेवा निवृत्त अध्यापक, इंदौक), गुमान सिंह (महूड़िया), मान सिंह (पीपलिया चौहान), रामेश्वर कुमावत (झारड़ा) सहित अनेक अतिथि उपस्थित रहे।
अंत में उज्जैन जिले की झारड़ा तहसील के टीपू खेड़ा ग्राम से सैकड़ों मातृशक्ति, युवा एवं बुजुर्ग गोभक्तों ने भाग लिया और सभी ने गो व्रती महाप्रसादी ग्रहण की।



