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MD ड्रग्स का नया हब बनता आगर जिला! नारकोटिक्स की रेड में 10 करोड़ की 31 किलो ड्रग्स और लेबोरेट्री उजागर

आगर मालवा बना ड्रग्स माफिया का ठिकाना? नर्सरी में मिली MD ड्रग्स की गुप्त फैक्ट्री, 600 किलो केमिकल जब्त


जनमत जागरण @ आगर मालवा।
आगर मालवा जिले में नशे के कारोबार ने जिस खतरनाक स्तर को छू लिया है, उसका बड़ा खुलासा शनिवार तड़के केंद्रीय नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की ऐतिहासिक कार्रवाई में हुआ। ग्राम आमला क्षेत्र में स्थित तीर्थ नर्सरी (फार्म हाउस) की आड़ में संचालित हो रही एमडी ड्रग्स की अवैध फैक्ट्री पर नारकोटिक्स की विशेष टीम ने सुबह करीब 4 बजे दबिश देकर करीब 31 किलो 250 ग्राम एमडी ड्रग्स जब्त की है, जिसकी लोकल कीमत लगभग 10 करोड़ रुपये बताई जा रही है, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत 50 करोड़ रुपये से अधिक आंकी जा रही है। यह कार्रवाई आगर मालवा जिले में नारकोटिक्स विभाग की अब तक की सबसे बड़ी और सबसे सनसनीखेज कार्रवाई मानी जा रही है।


🔹 गोपनीय सूचना पर हुई बड़ी कार्रवाई
नारकोटिक्स उज्जैन क्षेत्र के अधीक्षक मुकेश खत्री एवं नीमच-जावरा प्रभारी वी.एस. कुमार ने बताया कि विभाग को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी कि आमला क्षेत्र में एमडी ड्रग्स की बड़ी खेप लेने तस्कर पहुंचने वाले हैं। इसी आधार पर नारकोटिक्स की विशेष टीम ने तड़के ही नर्सरी की चारों ओर से घेराबंदी कर ली। कई घंटों तक संदिग्धों का इंतजार करने के बाद जब कोई मौके पर नहीं पहुंचा, तो टीम ने नर्सरी परिसर के भीतर छापेमारी की, जहां ड्रग्स बनाने की पूरी गुप्त लेबोरेट्री संचालित होती मिली।


🔹 फैक्ट्री के भीतर मिली ड्रग्स लेब
छापे के दौरान अधिकारियों को मौके से भारी मात्रा में तैयार एमडी ड्रग्स, करीब 600 किलो खतरनाक केमिकल,ड्रग्स निर्माण में प्रयुक्त मशीनें, उपकरण और तकनीकी सामग्री बरामद हुई। जब्त रसायनों में MDC, MMA, सोडियम कार्बोनेट, ट्रायथाइलामाइन, सोडियम एस सहित अन्य केमिकल शामिल हैं, जिनका इस्तेमाल एमडी ड्रग्स बनाने में किया जाता है।
नारकोटिक्स टीम ने मौके पर ही अवैध ड्रग्स लेब को नष्ट कर दिया, ताकि भविष्य में यहां दोबारा नशे का कारोबार न चल सके।


🔹 मीडिया और स्थानीय पुलिस को रखा गया दूर
इस कार्रवाई की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पूरी कार्रवाई के दौरान मीडिया और स्थानीय पुलिस को दूर रखा गया। विभाग की कार्यशैली से यह स्पष्ट था कि मामला बेहद संवेदनशील और उच्च स्तर से जुड़ा हुआ है।
शाम करीब 5 बजे के आसपास सीएसपी मोतीलाल कुशवाह एवं कोतवाली थाना प्रभारी शशि उपाध्याय भी घटनास्थल पर पहुंचे। देर शाम तक सर्च और जांच की प्रक्रिया जारी रही।


🔹 अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं
फिलहाल इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन नारकोटिक्स विभाग का कहना है कि जांच के दौरान कुछ संदिग्धों की संलिप्तता के अहम साक्ष्य मिले हैं। ड्रग्स नेटवर्क, सप्लाई चेन और इसके पीछे सक्रिय माफिया की पहचान की जा रही है। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही बड़ी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
🔹 कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल
नर्सरी की आड़ में करोड़ों की ड्रग्स फैक्ट्री का संचालन होना, जिले की कानून-व्यवस्था, खुफिया तंत्र और निगरानी व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। जानकारों का मानना है कि आगर मालवा जिला अब धीरे-धीरे ड्रग्स तस्करी के नए हब के रूप में उभरता जा रहा है, जो बेहद चिंताजनक संकेत है।
नारकोटिक्स की इस कार्रवाई से जहां ड्रग्स माफिया में हड़कंप मचा है, वहीं अब जिले की जनता की नजर इस बात पर टिकी है कि इस पूरे नेटवर्क के पीछे कौन-कौन से चेहरे हैं और कब तक वे कानून के शिकंजे में आते हैं।

यह मामला इसलिए भी संवेदनशील है क्योंकि आगर मालवा जिला मध्य प्रदेश–राजस्थान सीमा से सटा हुआ है और समीप ही राजस्थान का झालावाड़ जिला स्थित है। सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण तस्कर लंबे समय से दोनों राज्यों की सीमा का फायदा उठाकर नशे की तस्करी को अंजाम देते रहे हैं। इस कार्रवाई ने एक बार फिर सीमावर्ती इलाकों में निगरानी और समन्वय की आवश्यकता को उजागर किया है।

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