केरल के माघ मेले से ‘गौ सम्मान आह्वान अभियान’ का शंखनाद – 27 अप्रैल 2026 को देशभर में मनाया जाएगा ‘गो सम्मान दिवस’ – स्वामी रविन्द्रानंद सरस्वती

जनमत जागरण @ तिरुनवाया (मल्लपुरम)।
केरल के मल्लपुरम जिले में भरतप्पुझा नदी के पावन तट पर आयोजित माघ मेला 2026 के अंतिम दिवस एक ऐतिहासिक और राष्ट्रव्यापी चेतना का सूत्रपात हुआ। जूना अखाड़ा के थानापति एवं विश्वविख्यात गोसेवा संत पूज्य स्वामी रविन्द्रानंद सरस्वती जी महाराज के सानिध्य में देशभर से पधारे संतों, गोभक्तों और गोसेवकों ने सर्वसम्मति से ‘गौ सम्मान आह्वान अभियान’ की घोषणा की। यह अभियान किसी संगठन, संस्था या राजनीतिक दल के बैनर तले नहीं, बल्कि गौमाता और नंदी महाराज के सानिध्य में एक पवित्र जनआंदोलन के रूप में संचालित होगा।
🐄 गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने का संकल्प
सम्मेलन में उपस्थित संतों ने एक स्वर में कहा कि इस अभियान का मूल उद्देश्य गौमाता को राष्ट्रमाता का संवैधानिक दर्जा दिलाना, गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करवाना और गोवर्धन संस्कृति के संरक्षण हेतु ठोस सरकारी नीतियां बनवाना है। संतों ने केन्द्र सरकार से आग्रह किया कि गौ रक्षा के लिए केन्द्रीय कानून बने, गोहत्या व गोतस्करी में लिप्त अपराधियों को आजीवन कारावास की सजा हो तथा जब्त वाहनों का उपयोग गोशालाओं के लिए किया जाए।
🌱 गो आधारित शोध, चिकित्सा और रोजगार की मांग
अभियान के अंतर्गत गोबर और गोमूत्र आधारित अनुसंधान विश्वविद्यालयों की स्थापना, पंचगव्य औषधियों का आयुर्वेदिक चिकित्सालयों में नि:शुल्क वितरण, सरकारी भवनों में गोबर पेंट और गौनाइल के उपयोग को अनिवार्य करने की मांग की गई। साथ ही गोशालाओं को मनरेगा से जोड़ने, बिजली बिल में छूट देने और निराश्रित गोवंश के लिए चारे की स्थायी व्यवस्था पर भी जोर दिया गया।
🎶 छह माह तक चलेगा शांतिपूर्ण गौ संकीर्तन
कार्ययोजना के अनुसार जनवरी से मार्च 2026 तक देशभर में जनजागरण किया जाएगा। अप्रैल माह में प्रत्येक तहसील और जिला मुख्यालय पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम प्रार्थना पत्र सौंपे जाएंगे। अपेक्षित उत्तर न मिलने पर जुलाई और अक्टूबर 2026 में यह प्रक्रिया दोहराई जाएगी।
इसके पश्चात 27 फरवरी 2027 को देश के 800 जिलों और 5000 तहसीलों से संत व गोभक्त दिल्ली में एकत्र होकर शांतिपूर्ण संकीर्तन करेंगे, जो 15 अगस्त 2027 तक लगातार छह माह चलेगा।
🕊️ पूरी तरह गैरराजनीतिक और अहिंसक आंदोलन
संतों ने स्पष्ट किया कि यह अभियान पूर्णतः अहिंसक रहेगा। इसमें कोई भाषण, मंचीय राजनीति या संपत्ति को क्षति नहीं होगी। अभियान का एकमात्र प्रतीक नंदी महाराज और गौमाता का चित्र रहेगा। संकीर्तन, प्रार्थना और जनजागरण के माध्यम से समाज और शासन का ध्यान आकर्षित किया जाएगा।
📅 27 अप्रैल 2026: देशभर में गो सम्मान दिवस
निर्णय लिया गया कि 27 अप्रैल 2026 को भारत की 5000 से अधिक तहसील/तालुकाओं में गो पूजन, भजन-कीर्तन के साथ तहसील/तालुका कार्यालयों में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम संवैधानिक पद्धति से प्रार्थना पत्र सौंपे जाएंगे।
✨ न्यूज़ की आत्मा
यह अभियान केवल गौ रक्षा का नहीं, बल्कि संस्कृति, पर्यावरण, स्वास्थ्य और करुणा आधारित राष्ट्र निर्माण का आह्वान है, जो समाज को अहिंसा, संवेदना और सतत विकास की दिशा में ले जाने का संदेश देता है।



