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कोटा में काव्य संग्रह ‘रिश्ते’ का भव्य लोकार्पण: पारिवारिक मूल्यों पर आधारित 108 कविताओं का संकलन बना आकर्षण

विश्व जल दिवस पर कोटा में आयोजित समारोह में हुआ लोकार्पण, साहित्यकारों ने बताया—परिवार से राष्ट्र निर्माण तक की भावनाओं का सशक्त काव्य प्रतिबिंब


✍️ “रिश्तों की डोर”

रिश्तों की डोर जब शब्दों में ढलती है, तो वह केवल कविता नहीं रहती—वह समाज का दर्पण बन जाती है। भावनाओं, संवेदनाओं और जीवन मूल्यों से ओत-प्रोत ऐसा ही एक सशक्त काव्य संग्रह “रिश्ते” साहित्य जगत को समर्पित किया गया, जिसने पारिवारिक संबंधों से लेकर विश्व बंधुत्व तक की गहराई को स्पर्श किया।


जनमत जागरण कोटा (राजस्थान)। सांदीपनि शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सुसनेर के शिक्षक, कवि एवं रचनाकार शिवलाल दांगी के द्वितीय काव्य संग्रह “रिश्ते” का लोकार्पण विश्व जल दिवस के अवसर पर दिनांक 22 मार्च 2026, रविवार को मदर टेरेसा शिक्षा समिति सभागार, वीर सावरकर नगर, कोटा (राजस्थान) में समारोहपूर्वक संपन्न हुआ।

यह लोकार्पण कार्यक्रम पारिवारिक वानिकी एवं आर्या पब्लिकेशन, लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित “स्वर्णिम शौर्य गाथा कवि एवं साहित्यकार सम्मान समारोह–2026” के बैनर तले आयोजित किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नगर निगम उप महापौर पंकज मीणा रहे। विशिष्ट अतिथियों में वरिष्ठ साहित्यकार योगेंद्र कुमार शर्मा, समाजसेवी जितेंद्र मीणा, निदेशक (सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, राजस्थान) डॉ. प्रभात सिंगल, वरिष्ठ साहित्यकार दीपक मोहाली, उज्ज्वल धाकड़, भुवनेश मालव एवं आर्या पब्लिकेशन के डायरेक्टर सौरभ पांडे उपस्थित रहे।

मुख्य अतिथि पंकज मीणा ने अपने उद्बोधन में कहा कि काव्य संग्रह “रिश्ते” में कवि शिवलाल दांगी ने 108 कविताओं के माध्यम से पारिवारिक एवं वैश्विक बंधुत्व का सशक्त संदेश प्रस्तुत किया है। यह संग्रह सामाजिक विसंगतियों एवं विद्रूपताओं को उजागर करते हुए समाज को नई दिशा प्रदान करेगा।

वरिष्ठ साहित्यकार योगेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि व्यक्ति से परिवार, परिवार से समाज और समाज से राष्ट्र का निर्माण होता है। यदि व्यक्ति कर्तव्यनिष्ठ एवं मर्यादित जीवन शैली अपनाए, तो समाज सुदृढ़ बन सकता है—यह काव्य संग्रह इसी विचारधारा को सशक्त रूप से प्रस्तुत करता है।

वरिष्ठ साहित्यकार दीपक मोहाली ने अपने उद्बोधन में कहा कि “रिश्ते” काव्य संग्रह में कवि ने संबंधों की गहराई और उनकी महत्ता को अत्यंत संवेदनशीलता के साथ अभिव्यक्त किया है, जो समाज को प्रेरणा देने में सक्षम है।

समारोह के दौरान लेखक शिवलाल दांगी का विभिन्न संस्थाओं, कवियों एवं साहित्यकारों—डॉ. राजेश शर्मा, महेश कुमार त्रिवेदी (योगाचार्य), शैलेंद्र जैन ‘गुनगुना’, पूजा झाम एवं वीरेंद्र श्रृंगी द्वारा माल्यार्पण एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया।

अपने उद्बोधन में कवि शिवलाल दांगी ने कहा कि इस काव्य संग्रह में उन्होंने पूर्ण मनोयोग से पारिवारिक एवं सामाजिक मूल्यों को उजागर करने का प्रयास किया है, जिससे पाठक प्रेरणा लेकर समाज और राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकें।

कार्यक्रम में राजस्थान सहित देशभर के वरिष्ठ कवि एवं साहित्यकारों की गरिमामय उपस्थिति रही। कार्यक्रम का सफल संचालन पूजा झाम ने किया एवं आभार भुवनेश मालव द्वारा व्यक्त किया गया।


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